विश्व बैंक रिपोर्ट पर सौगत रॉय: 50 करोड़ की गरीबी-मुक्ति जनता की मेहनत का फल, किसी पार्टी का नहीं
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ लोकसभा सांसद सौगत रॉय ने 8 नवंबर 2026 को कोलकाता में कहा कि विश्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट — जिसमें पिछले 12 वर्षों में भारत के 50 करोड़ से अधिक लोगों के गरीबी रेखा से ऊपर उठने का उल्लेख है — देश के लिए निस्संदेह सकारात्मक है, लेकिन इसका श्रेय किसी भी राजनीतिक दल को नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि भारत की आम जनता की कठोर परिश्रम और संघर्ष का परिणाम है।
विश्व बैंक रिपोर्ट और सौगत रॉय का बयान
विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 वर्षों के भीतर भारत में 50 करोड़ से ज़्यादा लोग गरीबी स्तर से ऊपर उठे हैं — एक ऐसा आँकड़ा जो वैश्विक स्तर पर भी उल्लेखनीय है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सौगत रॉय ने कहा, 'यह रिपोर्ट भारत के लिए अच्छी है। यह किसी राजनीतिक पार्टी का क्रेडिट नहीं है। भारत के लोगों ने मेहनत करके इसे हासिल किया है और यह रिपोर्ट हमारे लिए सकारात्मक है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दल दोनों इस उपलब्धि का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश में हैं।
अभिषेक बनर्जी के आवास पर कथित हमला
सौगत रॉय ने इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के महासचिव एवं डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर कथित हमले का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जन्मदिन समारोह के दौरान रात लगभग 2 बजे भाजपा समर्थित लोग ईंट-लाठी लेकर उनके घर पर पहुँचे। रॉय के अनुसार, वहाँ मौजूद TMC कार्यकर्ताओं को भी चोटें आईं और उन्होंने प्रतिरोध किया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भाजपा ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। कोलकाता पुलिस की ओर से भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी
इस घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। वे स्वयं कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुँचीं और मीडिया से बातचीत में कहा कि ज़रूरत पड़ी तो वे इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाएँगी। उन्होंने आरोप लगाया कि 'भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों' ने रात 2 बजे के बाद अभिषेक के घर पर हमला कराया, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
ममता ने विशेष रूप से कालीघाट थाने के प्रभारी का नाम लेते हुए चेतावनी दी कि उनके कदमों से जनआक्रोश भड़क सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास पर आयोजित होने वाली वार्षिक काली पूजा में बाधा डाली और भारी तैनाती से इलाके में तनाव का माहौल बनाया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह घटना पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव की ताज़ा कड़ी है। आलोचकों का कहना है कि राज्य में पुलिस की भूमिका लंबे समय से विवादास्पद रही है — दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पक्षपात का आरोप लगाते आए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं।
आगे की स्थिति
सौगत रॉय ने साफ़ कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस तरह के कथित दबाव के आगे नहीं झुकेगी और संघर्ष जारी रहेगा। ममता बनर्जी की सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या पार्टी वास्तव में न्यायिक हस्तक्षेप की माँग करती है। कोलकाता में कालीघाट इलाके की स्थिति पर सभी की नज़रें टिकी हैं।