25 अगस्त 2026
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सयोना कलर्स बैंक धोखाधड़ी: ईडी ने ₹9.19 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क कीं, कुल कुर्की ₹9.62 करोड़ पहुँची

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सयोना कलर्स बैंक धोखाधड़ी: ईडी ने ₹9.19 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क कीं, कुल कुर्की ₹9.62 करोड़ पहुँची

सारांश

ईडी ने अहमदाबाद में सयोना कलर्स और उससे जुड़ी कंपनियों की ₹9.19 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क कीं — यह इस मामले की दूसरी कुर्की है। ₹71.88 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के आरोप में CBI की FIR के आधार पर शुरू जाँच में राउंड-ट्रिपिंग और LC दुरुपयोग का खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें

ईडी ने 24 अगस्त को मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड की ₹9.19 करोड़ मूल्य की संपत्तियाँ PMLA के तहत अस्थायी रूप से कुर्क कीं।
मामले में ₹71.88 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का आरोप; CBI की FIR में निदेशक परेश डी.
पटेल और शैमरॉक केमी भी नामज़द।
जाँच में राउंड-ट्रिपिंग , लेटर ऑफ क्रेडिट का दुरुपयोग और ऋण राशि से संपत्ति खरीद का खुलासा।
कुर्क संपत्तियों में 4 कृषि भूमियाँ , 2 औद्योगिक भूखंड , 1 आवासीय फ्लैट , FD और डीमैट खातों के शेयर शामिल।
यह दूसरा कुर्की आदेश है; मामले में अब तक कुल ₹9.62 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी संस्थाओं की ₹9.19 करोड़ मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियाँ 24 अगस्त को अस्थायी रूप से कुर्क कर लीं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत बैंकों के साथ ₹71.88 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में की गई है। इस कुर्की के बाद मामले में अब तक जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य ₹9.62 करोड़ हो गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की बैंकिंग सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच, मुंबई द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की। उक्त FIR में मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक परेश डी. पटेल, मेसर्स शैमरॉक केमी प्राइवेट लिमिटेड तथा उनके निदेशकों और अन्य व्यक्तियों पर बैंकों के साथ ₹71.88 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।

मुख्य आरोप: ऋण का दुरुपयोग और राउंड-ट्रिपिंग

ईडी की जाँच में सामने आया कि कंपनी ने बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग अपने घोषित व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए न करते हुए अपने प्रमोटरों और समूह की अन्य कंपनियों के नाम पर संपत्तियाँ खरीदने में किया। जाँच एजेंसी के अनुसार, लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) सुविधाओं का भी दुरुपयोग हुआ और ऋण की राशि विभिन्न समूह कंपनियों को स्थानांतरित की गई।

आरोप है कि सयोना कलर्स और शैमरॉक केमी सहित समूह की कंपनियों ने आपस में फर्जी समझौते किए और इनके ज़रिये संदिग्ध वित्तीय लेनदेन कर धनराशि का चक्रीय हस्तांतरण (राउंड-ट्रिपिंग) किया। कथित तौर पर इस प्रक्रिया से बैंकों को और अधिक ऋण सुविधाएँ स्वीकृत करने के लिए प्रेरित किया गया।

कुर्क की गई संपत्तियाँ

ईडी द्वारा जब्त संपत्तियों में निम्नलिखित शामिल हैं:

चार कृषि भूमियाँ, दो औद्योगिक भूखंड, एक आवासीय फ्लैट, सावधि जमा (FD) तथा दो डीमैट खातों में रखे गए इक्विटी शेयर। जाँच एजेंसी के अनुसार, इनमें से अधिकांश संपत्तियाँ कथित तौर पर ऋण राशि के दुरुपयोग से अर्जित की गई थीं।

दूसरी कुर्की, जाँच जारी

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि यह इस मामले में जारी किया गया दूसरा अस्थायी कुर्की आदेश है। इससे पहले पहले आदेश में जब्त संपत्तियों को मिलाकर अब कुल कुर्क संपत्तियों का मूल्य ₹9.62 करोड़ हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में धन के प्रवाह, संबंधित कंपनियों की भूमिका और अन्य संभावित लाभार्थियों की पहचान के लिए आगे की जाँच जारी है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब ईडी देशभर में बैंक धोखाधड़ी के मामलों में PMLA के तहत कार्रवाई तेज़ कर रही है। जाँच के दायरे में और संस्थाएँ आ सकती हैं, और आने वाले हफ्तों में गिरफ्तारी या अभियोजन शिकायत दाखिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सयोना कलर्स बैंक धोखाधड़ी मामला क्या है?
यह ₹71.88 करोड़ की कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला है जिसमें मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक परेश डी. पटेल और मेसर्स शैमरॉक केमी प्राइवेट लिमिटेड पर आरोप हैं। CBI की बैंकिंग सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच, मुंबई ने FIR दर्ज की, जिसके आधार पर ईडी ने PMLA के तहत जाँच शुरू की।
ईडी ने कौन-सी संपत्तियाँ कुर्क की हैं?
ईडी ने चार कृषि भूमियाँ, दो औद्योगिक भूखंड, एक आवासीय फ्लैट, सावधि जमा (FD) और दो डीमैट खातों में रखे इक्विटी शेयर कुर्क किए हैं। इन सभी का कुल मूल्य ₹9.19 करोड़ बताया गया है।
राउंड-ट्रिपिंग क्या है और इस मामले में इसका क्या आरोप है?
राउंड-ट्रिपिंग वह प्रक्रिया है जिसमें धनराशि को समूह की विभिन्न कंपनियों के बीच चक्रीय रूप से स्थानांतरित किया जाता है ताकि वित्तीय स्थिति मजबूत दिखे और बैंकों से अधिक ऋण लिया जा सके। ईडी के अनुसार, सयोना कलर्स और शैमरॉक केमी ने फर्जी समझौतों के ज़रिये यही किया।
इस मामले में अब तक कितनी संपत्ति कुर्क हो चुकी है?
24 अगस्त का यह दूसरा कुर्की आदेश है। पहले और दूसरे आदेश को मिलाकर मामले में अब तक कुल ₹9.62 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क की जा चुकी हैं।
आगे की जाँच में क्या हो सकता है?
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, धन के प्रवाह, संबंधित कंपनियों की भूमिका और अन्य संभावित लाभार्थियों की पहचान के लिए जाँच जारी है। आने वाले समय में जाँच का दायरा और कंपनियों या व्यक्तियों तक बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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