सयोना कलर्स बैंक धोखाधड़ी: ईडी ने ₹9.19 करोड़ की संपत्तियाँ कुर्क कीं, कुल कुर्की ₹9.62 करोड़ पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अहमदाबाद क्षेत्रीय कार्यालय ने मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी संस्थाओं की ₹9.19 करोड़ मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियाँ 24 अगस्त को अस्थायी रूप से कुर्क कर लीं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के अंतर्गत बैंकों के साथ ₹71.88 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में की गई है। इस कुर्की के बाद मामले में अब तक जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य ₹9.62 करोड़ हो गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने यह जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की बैंकिंग सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच, मुंबई द्वारा दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर शुरू की। उक्त FIR में मेसर्स सयोना कलर्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक परेश डी. पटेल, मेसर्स शैमरॉक केमी प्राइवेट लिमिटेड तथा उनके निदेशकों और अन्य व्यक्तियों पर बैंकों के साथ ₹71.88 करोड़ की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।
मुख्य आरोप: ऋण का दुरुपयोग और राउंड-ट्रिपिंग
ईडी की जाँच में सामने आया कि कंपनी ने बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का उपयोग अपने घोषित व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए न करते हुए अपने प्रमोटरों और समूह की अन्य कंपनियों के नाम पर संपत्तियाँ खरीदने में किया। जाँच एजेंसी के अनुसार, लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) सुविधाओं का भी दुरुपयोग हुआ और ऋण की राशि विभिन्न समूह कंपनियों को स्थानांतरित की गई।
आरोप है कि सयोना कलर्स और शैमरॉक केमी सहित समूह की कंपनियों ने आपस में फर्जी समझौते किए और इनके ज़रिये संदिग्ध वित्तीय लेनदेन कर धनराशि का चक्रीय हस्तांतरण (राउंड-ट्रिपिंग) किया। कथित तौर पर इस प्रक्रिया से बैंकों को और अधिक ऋण सुविधाएँ स्वीकृत करने के लिए प्रेरित किया गया।
कुर्क की गई संपत्तियाँ
ईडी द्वारा जब्त संपत्तियों में निम्नलिखित शामिल हैं:
चार कृषि भूमियाँ, दो औद्योगिक भूखंड, एक आवासीय फ्लैट, सावधि जमा (FD) तथा दो डीमैट खातों में रखे गए इक्विटी शेयर। जाँच एजेंसी के अनुसार, इनमें से अधिकांश संपत्तियाँ कथित तौर पर ऋण राशि के दुरुपयोग से अर्जित की गई थीं।
दूसरी कुर्की, जाँच जारी
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि यह इस मामले में जारी किया गया दूसरा अस्थायी कुर्की आदेश है। इससे पहले पहले आदेश में जब्त संपत्तियों को मिलाकर अब कुल कुर्क संपत्तियों का मूल्य ₹9.62 करोड़ हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में धन के प्रवाह, संबंधित कंपनियों की भूमिका और अन्य संभावित लाभार्थियों की पहचान के लिए आगे की जाँच जारी है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब ईडी देशभर में बैंक धोखाधड़ी के मामलों में PMLA के तहत कार्रवाई तेज़ कर रही है। जाँच के दायरे में और संस्थाएँ आ सकती हैं, और आने वाले हफ्तों में गिरफ्तारी या अभियोजन शिकायत दाखिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।