SC-ST समुदाय का BJP को बड़ा समर्थन: पश्चिम बंगाल में 84 में से 67 आरक्षित सीटें जीतीं — अमित मालवीय

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SC-ST समुदाय का BJP को बड़ा समर्थन: पश्चिम बंगाल में 84 में से 67 आरक्षित सीटें जीतीं — अमित मालवीय

सारांश

पश्चिम बंगाल में 84 SC/ST सीटों में से 67 और असम में सभी 19 ST सीटें — BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इन आँकड़ों को महज चुनावी जीत नहीं, बल्कि हाशिए पर पड़े समुदायों का सामाजिक फैसला बताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान का जवाब मतपेटी से मिला — यही मालवीय का केंद्रीय दावा है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल में BJP ने 68 SC सीटों में से 51 (75%) और सभी 16 ST सीटें जीतीं — कुल 84 में से 67 आरक्षित सीटें।
असम में NDA ने सभी 19 ST सीटें और 9 में से 8 SC सीटें जीतीं; कांग्रेस को केवल 1 सीट मिली।
असम में परिसीमन के बाद ST सीटें 16 से 19 और SC सीटें 8 से 9 हुईं।
तमिलनाडु में AIADMK ने SC की 46 में से 9 और ST की 2 में से 1 सीट जीती।
पुडुचेरी में AINRC ने SC की 5 में से 2 आरक्षित सीटें जीतीं।
BJP नेता अमित मालवीय ने इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान का मतपेटी से जवाब बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने 6 मई 2026 को कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के हालिया विधानसभा चुनावों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों ने BJP के पक्ष में निर्णायक मतदान किया है। मालवीय के अनुसार, आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के प्रदर्शन ने एक व्यापक सामाजिक बदलाव को रेखांकित किया है।

पश्चिम बंगाल: आरक्षित सीटों पर ऐतिहासिक बढ़त

मालवीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में निर्णायक राजनीतिक बदलाव देखने को मिला। 68 अनुसूचित जाति सीटों में से BJP ने 51 सीटें (लगभग 75 प्रतिशत) जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को केवल 17 सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि यह दलित समर्थन में स्पष्ट मजबूती का संकेत है।

अनुसूचित जनजाति सीटों पर बदलाव और भी व्यापक रहा। BJP ने सभी 16 ST सीटों पर जीत दर्ज की, जो उत्तर बंगाल और जंगलमहल जैसे आदिवासी क्षेत्रों में एकसमान जनादेश को दर्शाती है। कुल मिलाकर 84 SC/ST सीटों में से BJP ने 67 सीटें जीतीं, जिससे TMC की सीटें घटकर 17 रह गईं और अन्य दलों का लगभग सफाया हो गया। मालवीय ने यह भी कहा कि सीमावर्ती जिलों में मतुआ समुदाय के मजबूत समर्थन ने इस बढ़त को और बल दिया।

असम: NDA का SC-ST सीटों पर लगभग पूर्ण दबदबा

असम में BJP और उसके सहयोगियों ने आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में लगभग पूर्ण बहुमत हासिल किया। अनुसूचित जाति की 9 सीटों में से BJP ने 5 सीटें जीतीं, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने कुल 8 सीटें अपने नाम कीं — कांग्रेस को केवल 1 सीट मिली।

अनुसूचित जनजाति की 19 सीटों में से BJP ने 13 सीटें जीतीं और असम गण परिषद (AGP) तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) जैसे सहयोगियों के साथ NDA ने सभी 19 ST सीटें जीत लीं। मालवीय ने बताया कि परिसीमन ने संरचनात्मक भूमिका निभाई, जिससे ST सीटें 16 से बढ़कर 19 और SC सीटें 8 से बढ़कर 9 हो गईं। ऊपरी असम और पहाड़ी क्षेत्रों में निरंतर जनसंपर्क को इस व्यापक जीत का श्रेय दिया गया।

तमिलनाडु और पुडुचेरी: NDA सहयोगियों का प्रदर्शन

तमिलनाडु में NDA की सहयोगी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) ने SC की 46 आरक्षित सीटों में से 9 और ST की 2 सीटों में से 1 सीट जीती। पुडुचेरी में NDA की सहयोगी ऑल इंडिया NR कांग्रेस (AINRC) ने SC की 5 आरक्षित सीटों में से 2 सीटें जीतीं।

मालवीय का सामाजिक संदेश

अमित मालवीय ने कहा कि यह परिणाम महज आँकड़े नहीं, बल्कि एक स्पष्ट सामाजिक संदेश है। उन्होंने कहा कि जिन समुदायों की आवाज लंबे समय से दबी हुई थी, वे अब खुद अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि SC/ST मतदाताओं ने चुनाव के ज़रिये इसका जवाब दिया। मालवीय के अनुसार, आरक्षित सीटों पर BJP की बढ़ती लोकप्रियता आकांक्षाओं, गरिमा और प्रतिनिधित्व के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को उजागर करती है।

यह नतीजे BJP के लिए आगामी राज्यों में SC-ST वोट बैंक को और मजबूत करने की रणनीति का आधार बन सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थानीय प्रत्याशी और विपक्षी कमज़ोरी भी निर्णायक कारक रहे होंगे। राष्ट्रपति मुर्मु के अपमान का आख्यान BJP के लिए राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन इसे मतदान व्यवहार से सीधे जोड़ने के लिए व्यापक सर्वेक्षण आँकड़ों की ज़रूरत होगी। असली सवाल यह है कि क्या यह समर्थन नीतिगत प्रतिबद्धताओं में तब्दील होता है — या अगले चुनाव तक केवल एक सुर्खी बनकर रह जाता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में BJP ने कितनी SC/ST सीटें जीतीं?
अमित मालवीय के अनुसार, BJP ने पश्चिम बंगाल में 84 SC/ST आरक्षित सीटों में से 67 सीटें जीतीं — जिसमें 68 SC सीटों में से 51 और सभी 16 ST सीटें शामिल हैं। TMC को केवल 17 सीटें मिलीं।
असम में NDA ने आरक्षित सीटों पर कैसा प्रदर्शन किया?
असम में NDA ने SC की 9 में से 8 सीटें और ST की सभी 19 सीटें जीतीं। BJP अकेले SC की 5 और ST की 13 सीटें जीती, जबकि AGP और BPF जैसे सहयोगियों ने शेष सीटें हासिल कीं।
अमित मालवीय ने SC-ST मतदान को किस रूप में परिभाषित किया?
BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे 'केवल चुनावी रुझान नहीं, बल्कि एक सामाजिक फैसला' बताया। उनका दावा है कि SC/ST मतदाताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान का जवाब मतपेटी के ज़रिये दिया।
असम में परिसीमन का SC-ST सीटों पर क्या असर पड़ा?
परिसीमन के बाद असम में ST सीटें 16 से बढ़कर 19 और SC सीटें 8 से बढ़कर 9 हो गईं, जिससे स्वदेशी और आदिवासी प्रतिनिधित्व में वृद्धि हुई। मालवीय के अनुसार इस संरचनात्मक बदलाव ने NDA की व्यापक जीत में भूमिका निभाई।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में NDA सहयोगियों का प्रदर्शन कैसा रहा?
तमिलनाडु में AIADMK ने SC की 46 आरक्षित सीटों में से 9 और ST की 2 में से 1 सीट जीती। पुडुचेरी में AINRC ने SC की 5 आरक्षित सीटों में से 2 सीटें अपने नाम कीं।
राष्ट्र प्रेस
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