20 अगस्त 2026
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मायावती ने 'स्कूल ठीक करो' अभियान को समर्थन देते हुए यूपी सरकार पर बोला हमला

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मायावती ने 'स्कूल ठीक करो' अभियान को समर्थन देते हुए यूपी सरकार पर बोला हमला

सारांश

बसपा प्रमुख मायावती ने एक्स पर यूपी समेत उत्तर भारत के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति के लिए सरकारों को जिम्मेदार ठहराया और 'स्कूल ठीक करो' अभियान को समर्थन दिया। उन्होंने हजारों स्कूल बंद होने पर चिंता जताई और सरकारों से बच्चों की माँगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की।

मुख्य बातें

बसपा प्रमुख मायावती ने 20 अगस्त 2026 को एक्स पर यूपी सरकार को सरकारी स्कूलों की बदहाली के लिए जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने सीजेपी के देशव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान का खुलकर समर्थन किया।
हजारों सरकारी स्कूल बंद होने और भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी पर गहरी चिंता जताई।
भीमराव अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो' आह्वान का हवाला देते हुए बहुजन समाज की शिक्षा को बसपा की प्राथमिकता बताया।
सभी राज्य सरकारों से जेन-अल्फा बच्चों की माँगों पर तत्काल ध्यान देने और उनके विरुद्ध बल प्रयोग से बचने की अपील की।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 20 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत के सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। साथ ही उन्होंने देशभर में जारी 'स्कूल ठीक करो' अभियान का खुलकर समर्थन किया और सभी राज्य सरकारों से बच्चों की शिक्षा संबंधी माँगों पर तत्काल ध्यान देने की अपील की।

मायावती का एक्स पर बयान

बसपा प्रमुख ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि जेन-अल्फा — यानी 2013 के बाद जन्मे बच्चे-बच्चियाँ — और उनके माता-पिता बेहतर शिक्षा के लिए हमेशा से संघर्षरत रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी एवं उत्तर भारत के राज्यों में स्कूलों की 'कड़वी जमीनी हकीकत' के कारण ये बच्चे और उनके परिजन अब खुलकर आवाज़ उठाने लगे हैं।

मायावती ने यह भी उल्लेख किया कि ये बच्चे जेन-जी अर्थात् कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के देशव्यापी 'स्कूल ठीक करो' अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने इसे 'बड़े दुख और चिंता की बात' बताया कि जिन मासूम बच्चों के हँसने-खेलने और पढ़ने के दिन हैं, उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

बाबा साहेब के आह्वान का संदर्भ

मायावती ने अपने बयान में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो' के आह्वान का हवाला देते हुए कहा कि स्कूली शिक्षा बहुजन समाज के लिए हमेशा से विशेष महत्त्व रखती है। उन्होंने दावा किया कि यूपी में उनके नेतृत्व में बसपा की चारों सरकारों ने दबे-कुचले और शोषित-पीड़ित वर्गों की शिक्षा एवं कल्याण पर पूरा ध्यान दिया।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के मानवतावादी एवं कल्याणकारी प्रावधानों के अनुरूप इन परिवारों को रोटी-रोज़ी, शिक्षा और आत्म-सम्मान का समतामूलक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में बसपा सरकारों ने काम किया।

सरकारी स्कूलों की अनदेखी पर कड़ा प्रहार

बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि तमाम सरकारों ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के बजाय उनकी 'घोर अनदेखी' की है। उनके अनुसार, इस पूरी शिक्षा व्यवस्था को — इन वर्गों के आरक्षण की ही तरह — काफी हद तक 'निष्क्रिय बनाने का कुचक्र' चलाया गया है।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में हजारों सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं, जिसका बसपा लगातार विरोध करती आई है। स्कूलों में भवन, शिक्षक, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी ज़रूरतों की भारी कमी को लेकर जेन-अल्फा पीढ़ी अब न केवल मुखर है, बल्कि आंदोलित भी हो रही है।

सरकारों से अपील — बल प्रयोग से बचें

अपने बयान के अंत में मायावती ने यूपी सहित सभी राज्यों की सरकारों से आग्रह किया कि वे जेन-अल्फा के बच्चों की शिक्षा संबंधी माँगों पर 'सही नीयत और नीति' के साथ तत्काल ध्यान दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सरकार को इन बच्चों के विरुद्ध बल प्रयोग से पूरी तरह बचना चाहिए। यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस सार्वजनिक दबाव के जवाब में क्या ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि बसपा की अपनी चार सरकारों के दौरान यूपी में सरकारी स्कूलों की स्थिति में क्या ठोस बदलाव आया, इसका कोई सत्यापन-योग्य डेटा उन्होंने नहीं दिया। असली सवाल यह है कि क्या यह समर्थन केवल बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा या बसपा विधायी और संगठनात्मक स्तर पर भी दबाव बनाएगी।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्कूल ठीक करो' अभियान क्या है?
'स्कूल ठीक करो' सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) द्वारा चलाया जा रहा एक देशव्यापी अभियान है, जिसमें सरकारी स्कूलों में भवन, शिक्षक, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित करने की माँग की जा रही है। इसमें जेन-अल्फा पीढ़ी के बच्चे और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
मायावती ने यूपी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
मायावती ने आरोप लगाया कि यूपी सहित अन्य राज्यों की सरकारों ने सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के बजाय उनकी घोर अनदेखी की है और हजारों स्कूल बंद किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इस पूरी शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर निष्क्रिय बनाने का प्रयास किया गया है।
मायावती ने बसपा सरकारों के दौरान शिक्षा पर क्या दावा किया?
मायावती ने दावा किया कि यूपी में उनके नेतृत्व में बसपा की चारों सरकारों ने दबे-कुचले और शोषित वर्गों की शिक्षा एवं कल्याण पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के 'शिक्षित बनो' आह्वान को बसपा की शिक्षा नीति का आधार बताया।
जेन-अल्फा पीढ़ी इस अभियान में क्यों शामिल है?
जेन-अल्फा यानी 2013 के बाद जन्मे बच्चे सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी से सीधे प्रभावित हैं। मायावती के अनुसार, इन बच्चों को अपनी प्रारंभिक शिक्षा के लिए भी सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
मायावती ने सरकारों से क्या माँग की?
मायावती ने यूपी सहित सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे जेन-अल्फा बच्चों की शिक्षा संबंधी माँगों पर सही नीयत और नीति के साथ तत्काल ध्यान दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी सरकार को इन बच्चों के विरुद्ध बल प्रयोग से बचना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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