अभिषेक बनर्जी को दूसरे अस्पताल ने भी नहीं किया भर्ती, ममता ने लगाया पुलिस दबाव का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को 30 मई 2026 की शाम कोलकाता के दूसरे निजी अस्पताल में भी भर्ती नहीं किया गया। दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित हमले और दुर्व्यवहार के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ विस्तृत चिकित्सकीय जाँच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें 'भर्ती की आवश्यकता नहीं' बताते हुए मेडिकल प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इस निर्णय पर TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्य प्रशासन और पुलिस पर दबाव डालने का गंभीर आरोप लगाया है।
मुख्य घटनाक्रम
सुरक्षा बलों द्वारा सोनारपुर से बाहर निकाले जाने के बाद अभिषेक बनर्जी को सर्वप्रथम ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास के निकट स्थित एक निजी अस्पताल पहुँचाया गया। वहाँ पहुँचीं ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अस्पताल उनके भतीजे का उचित उपचार नहीं कर रहा। इसके बाद अभिषेक को मध्य कोलकाता के मिंटो पार्क स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ उन्हें जाँच के लिए आईटीयू (इंटेंसिव ट्रीटमेंट यूनिट) में रखा गया।
दूसरे अस्पताल में भी विस्तृत परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी को कोई गंभीर आंतरिक चोट नहीं आई है, वे पूरी तरह होश में हैं, और अस्पताल में भर्ती करना आवश्यक नहीं है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दवाइयाँ लिखीं, जिनमें एक पाचन संबंधी दवा भी शामिल बताई गई।
ममता बनर्जी के आरोप
मेडिकल प्रमाणपत्र जारी होने की जानकारी मिलते ही ममता बनर्जी अस्पताल परिसर में नाराज हो गईं। अस्पताल से निकलते समय उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'मिंटो पार्क अस्पताल पर कोलकाता पुलिस के एक डिप्टी कमिश्नर का दबाव था कि अभिषेक को भर्ती न किया जाए।' उन्होंने आगे कहा, 'पहले चुनाव धांधली और गुंडागर्दी के ज़रिए जीते गए, फिर अभिषेक पर हमला कराया गया और अब इलाज भी नहीं होने दिया जा रहा है।'
ममता बनर्जी ने दोनों अस्पतालों — ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास और मिंटो पार्क — पर राज्य प्रशासन के दबाव में अभिषेक को भर्ती करने और उचित उपचार देने से इनकार करने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
राहुल गांधी का समर्थन
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उन्हें फोन कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो पश्चिम बंगाल के बाहर किसी भी अस्पताल में अभिषेक बनर्जी के उपचार की व्यवस्था कराने में मदद की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संबंध उतार-चढ़ाव से गुज़र रहे हैं।
आगे क्या
खबर लिखे जाने तक अभिषेक बनर्जी दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित अपने आवास पहुँच चुके थे, जो ममता बनर्जी के निवास के निकट ही है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव को और गहरा करता दिख रहा है। आने वाले दिनों में TMC द्वारा इस मामले में न्यायिक या प्रशासनिक कार्रवाई की माँग उठाई जा सकती है।