अभिषेक बनर्जी ने सीएपीएफ सुरक्षा मांगने से किया इनकार, सोनारपुर हमले के बाद उठे थे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने 6 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक औपचारिक बयान जारी कर उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने अपने लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सुरक्षा की मांग की है। यह विवाद 30 मई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक नाराज भीड़ द्वारा उन पर किए गए हमले के बाद उठा था।
मुख्य घटनाक्रम
सोनारपुर हमले के बाद सीएपीएफ सुरक्षा मांगे जाने का मुद्दा तब सुर्खियों में आया जब TMC से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने 2 जून को एक प्रेस वार्ता में इसे उठाया। ऋतब्रत बनर्जी अब राज्य विधानसभा में आधिकारिक विपक्ष के नेता हैं।
ऋतब्रत ने सवाल किया, "वह किस तरह के जन-नेता हैं? 4 मई को पार्टी की भारी हार के बाद वह 26 दिनों तक घर पर ही रहे। अब, वह अपने लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांग रहे हैं। उन्होंने पहले दावा किया था कि जनता उनकी रक्षा के लिए है — तो अब वह सुरक्षा क्यों मांग रहे हैं?"
अभिषेक बनर्जी का खंडन
अभिषेक ने अपने सोशल मीडिया बयान में स्पष्ट किया, "मीडिया का एक हिस्सा यह खबर दे रहा है कि मैंने 30 मई को सोनारपुर में मुझ पर हुए हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा मांगी है। यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद और सच्चाई से दूर है। हमले के बाद से सात दिनों में मैंने कोई सुरक्षा नहीं मांगी है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह घटना केंद्र और राज्य सरकारों की निगरानी में हुई और उन्हें इससे जुड़े हालात के बारे में गंभीर सवालों का जवाब देना होगा।"
कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में पश्चिम बंगाल की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पिछले एक महीने में राज्य में महिलाओं के साथ दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों की कई घटनाएं हुईं, लेकिन राज्य प्रशासन ने इनमें से अधिकांश पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC पार्टी 4 मई के चुनावी नतीजों में भारी हार के बाद आंतरिक दबाव में है और अभिषेक बनर्जी की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों से अपील
अभिषेक बनर्जी ने राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों से अपील करते हुए कहा, "शासन चलाने वालों की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए। मैं सुरक्षा एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे गलत जानकारी और राजनीतिक मकसद वाली बातों को बढ़ावा देने के बजाय पश्चिम बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान दें। लोग सुरक्षा, जवाबदेही और सच्चाई के हकदार हैं।"
यह विवाद आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और गहरा हो सकता है, क्योंकि TMC के भीतर और बाहर दोनों तरफ से अभिषेक बनर्जी पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।