21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अभिषेक बनर्जी ने सीएपीएफ सुरक्षा मांगने से किया इनकार, सोनारपुर हमले के बाद उठे थे सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अभिषेक बनर्जी ने सीएपीएफ सुरक्षा मांगने से किया इनकार, सोनारपुर हमले के बाद उठे थे सवाल

सारांश

30 मई के सोनारपुर हमले के बाद सीएपीएफ सुरक्षा मांगने के दावों को अभिषेक बनर्जी ने 'बेबुनियाद' बताया। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राज्य प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाए — जो TMC के भीतर बढ़ते दबाव की तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 6 जून 2026 को सोशल मीडिया पर सीएपीएफ सुरक्षा मांगने के दावों को पूरी तरह खारिज किया।
30 मई को दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में नाराज भीड़ ने उन पर हमला किया था।
TMC से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने 2 जून को प्रेस वार्ता में सीएपीएफ सुरक्षा मांगने का आरोप लगाया था।
अभिषेक बनर्जी ने पिछले एक महीने में पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर राज्य प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने 4 मई की चुनावी हार के बाद पार्टी और प्रशासन दोनों को जवाबदेह ठहराने की माँग की।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने 6 जून 2026 को सोशल मीडिया पर एक औपचारिक बयान जारी कर उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने अपने लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सुरक्षा की मांग की है। यह विवाद 30 मई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक नाराज भीड़ द्वारा उन पर किए गए हमले के बाद उठा था।

मुख्य घटनाक्रम

सोनारपुर हमले के बाद सीएपीएफ सुरक्षा मांगे जाने का मुद्दा तब सुर्खियों में आया जब TMC से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने 2 जून को एक प्रेस वार्ता में इसे उठाया। ऋतब्रत बनर्जी अब राज्य विधानसभा में आधिकारिक विपक्ष के नेता हैं।

ऋतब्रत ने सवाल किया, "वह किस तरह के जन-नेता हैं? 4 मई को पार्टी की भारी हार के बाद वह 26 दिनों तक घर पर ही रहे। अब, वह अपने लिए केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांग रहे हैं। उन्होंने पहले दावा किया था कि जनता उनकी रक्षा के लिए है — तो अब वह सुरक्षा क्यों मांग रहे हैं?"

अभिषेक बनर्जी का खंडन

अभिषेक ने अपने सोशल मीडिया बयान में स्पष्ट किया, "मीडिया का एक हिस्सा यह खबर दे रहा है कि मैंने 30 मई को सोनारपुर में मुझ पर हुए हमले के बाद केंद्रीय सुरक्षा मांगी है। यह दावा पूरी तरह से बेबुनियाद और सच्चाई से दूर है। हमले के बाद से सात दिनों में मैंने कोई सुरक्षा नहीं मांगी है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह घटना केंद्र और राज्य सरकारों की निगरानी में हुई और उन्हें इससे जुड़े हालात के बारे में गंभीर सवालों का जवाब देना होगा।"

कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में पश्चिम बंगाल की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पिछले एक महीने में राज्य में महिलाओं के साथ दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों की कई घटनाएं हुईं, लेकिन राज्य प्रशासन ने इनमें से अधिकांश पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब TMC पार्टी 4 मई के चुनावी नतीजों में भारी हार के बाद आंतरिक दबाव में है और अभिषेक बनर्जी की नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सुरक्षा एजेंसियों से अपील

अभिषेक बनर्जी ने राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों से अपील करते हुए कहा, "शासन चलाने वालों की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए। मैं सुरक्षा एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे गलत जानकारी और राजनीतिक मकसद वाली बातों को बढ़ावा देने के बजाय पश्चिम बंगाल के नागरिकों की सुरक्षा पर ध्यान दें। लोग सुरक्षा, जवाबदेही और सच्चाई के हकदार हैं।"

यह विवाद आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में और गहरा हो सकता है, क्योंकि TMC के भीतर और बाहर दोनों तरफ से अभिषेक बनर्जी पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि जब वे स्वयं सत्ताधारी दल के शीर्ष नेता हैं, तो इस जवाबदेही की माँग किससे है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने सीएपीएफ सुरक्षा मांगने से क्यों इनकार किया?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि 30 मई के सोनारपुर हमले के बाद से सात दिनों में उन्होंने कोई केंद्रीय सुरक्षा नहीं मांगी और यह दावा 'बेबुनियाद और सच्चाई से दूर' है। यह खंडन उन्होंने 6 जून को सोशल मीडिया पर जारी बयान में किया।
सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला कब और कैसे हुआ?
30 मई की दोपहर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक नाराज भीड़ ने अभिषेक बनर्जी पर हमला किया था। इस घटना के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हुआ।
ऋतब्रत बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
TMC से निष्कासित विधायक और अब आधिकारिक विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने 2 जून की प्रेस वार्ता में दावा किया कि अभिषेक बनर्जी केंद्रीय बलों की सुरक्षा मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 4 मई की हार के बाद अभिषेक 26 दिनों तक घर पर रहे।
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर क्या कहा?
अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि पिछले एक महीने में राज्य में महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म और गंभीर अपराधों की कई घटनाएं हुईं, लेकिन राज्य प्रशासन ने इनमें से अधिकांश पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से जवाबदेही की मांग की।
इस विवाद का TMC की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
4 मई की चुनावी हार के बाद TMC के भीतर अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर पहले से सवाल उठ रहे हैं। पार्टी के ही निष्कासित विधायक का उनके खिलाफ बयान आंतरिक दरार को उजागर करता है, जो आने वाले समय में पार्टी की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले