अभिषेक बनर्जी का भाजपा पर हमला: 'डराना-धमकाना कामयाब नहीं होगा', कपिल सिब्बल का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने 1 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। सोनारपुर में अपने काफिले पर हुए कथित हमले के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या धमकी उन्हें संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से नहीं डिगा सकती। साथ ही, उन्होंने राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा समर्थन व्यक्त किए जाने पर उनका आभार जताया।
एक्स पर क्या लिखा अभिषेक बनर्जी ने
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अभिषेक बनर्जी ने लिखा, 'मैं कपिल सिब्बल का आभारी हूँ कि उन्होंने सच का साथ दिया और ऐसे समय में अपनी बात रखी, जब इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी।' उन्होंने आगे कहा कि भाजपा शांति का उपदेश देने का कोई भी मौका नहीं छोड़ती, लेकिन उसके काम कुछ और ही कहानी कहते हैं।
उनके अनुसार, 'बार-बार, हिंसा, डराना-धमकाना और राजनीतिक आक्रामकता उन लोगों के हथियार बन गए हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के रक्षक होने का दावा करते हैं। उनका पाखंड अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है।'
भाजपा पर सीधा आरोप
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को 'गुंडों और असामाजिक तत्वों' से जुड़ी पार्टी बताया और आरोप लगाया कि ये तत्व राज्य और केंद्र, दोनों सरकारों की 'शह' पर काम करते हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'देश ने जो देखा, वह गिरावट की एक नई मिसाल थी। लेकिन डराना-धमकाना कामयाब नहीं होगा। हम अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे, लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा करेंगे और भारत की जनता के साथ मज़बूती से खड़े रहेंगे।'
कपिल सिब्बल की निंदा और समर्थन
इससे पहले राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'भाजपा अपने शब्दों और कर्मों, दोनों में ही हिंसा का प्रतीक है। अभिषेक पर हुआ यह निंदनीय हिंसक हमला यह दर्शाता है कि भाजपा ऐसे असामाजिक तत्वों से भरी हुई है, जिनका सनातन धर्म से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। अधर्म ही उनकी जीवन शैली है।'
सोनारपुर में क्या हुआ था
घटनाक्रम के अनुसार, 31 मई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के काफिले पर कथित तौर पर हमला किया गया। वे चुनाव-पश्चात हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने वहाँ गए थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उनके काफिले पर अंडे और ईंट के टुकड़े फेंके तथा नारे लगाए। यह घटना पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात हिंसा के व्यापक विवाद की पृष्ठभूमि में हुई।
आगे क्या
इस घटना ने पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है। अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि वे अपना राजनीतिक अभियान जारी रखेंगे और किसी भी दबाव में नहीं झुकेंगे। इस घटना पर आगे की कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।