15 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी हमले के बाद दूसरे अस्पताल में भर्ती, ममता ने BJP पर लगाया इलाज रोकने का आरोप

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अभिषेक बनर्जी हमले के बाद दूसरे अस्पताल में भर्ती, ममता ने BJP पर लगाया इलाज रोकने का आरोप

सारांश

सोनारपुर में हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को दो अस्पतालों के बीच स्थानांतरित किया गया। ममता बनर्जी का सीधा आरोप — BJP के इशारे पर पहले अस्पताल ने इलाज रोका। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटना एक नया तूफान खड़ा कर सकती है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में प्रदर्शनकारियों ने हमला किया — थप्पड़ मारे और अंडे फेंके।
उन्हें पहले पूर्वी महानगर बाईपास के निकट एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ममता बनर्जी अस्पताल पहुँचने के 30 मिनट के भीतर अभिषेक को लेकर बाहर निकल गईं।
ममता ने आरोप लगाया कि BJP और राज्य सरकार के निर्देश पर उचित इलाज नहीं दिया गया।
अभिषेक बनर्जी को अंततः मिंटो पार्क, मध्य कोलकाता के दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पहले अस्पताल के अधिकारियों ने ममता के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को 30 मई को सोनारपुर में हुए हमले में चोटें आने के बाद कोलकाता के दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पहले अस्पताल में उनके भतीजे को जानबूझकर उचित इलाज नहीं दिया गया — और इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा राज्य सरकार का हाथ होने का संकेत दिया।

सोनारपुर में हमला और अस्पताल पहुँचना

अभिषेक बनर्जी कथित तौर पर चुनाव के बाद हुई हिंसा के शिकार TMC कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने सोनारपुर पहुँचे थे। वहाँ स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने उन पर हमला किया — थप्पड़ मारे और अंडे फेंके। अंडों से बचने के लिए उन्हें क्रिकेट हेलमेट पहनना पड़ा। इसके बावजूद वे शहीद पार्टी कार्यकर्ता के घर पहुँचे और परिजनों से मुलाकात की। बाद में पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान उन्हें वहाँ से बाहर ले गए। निकासी के दौरान भी प्रदर्शनकारी महिलाएँ सड़क के दोनों ओर खड़ी होकर नारे लगाती रहीं।

पहले अस्पताल में विवाद

सोनारपुर से निकलने के बाद अभिषेक बनर्जी को पूर्वी महानगर बाईपास के निकट एक निजी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका प्रारंभिक परीक्षण और इलाज शुरू हुआ। कुछ ही देर में ममता बनर्जी, अभिषेक की माँ लता बनर्जी के साथ अस्पताल पहुँचीं और सीधे आपातकालीन विभाग में गईं। अस्पताल पहुँचने के महज 30 मिनट के भीतर ममता बनर्जी अपने भतीजे को व्हीलचेयर पर लेकर परिसर से बाहर निकल गईं — जो उपस्थित सभी लोगों के लिए अप्रत्याशित था।

ममता बनर्जी के गंभीर आरोप

अस्पताल परिसर छोड़ते समय ममता बनर्जी ने मीडियाकर्मियों से कहा, "हम अभिषेक को यहाँ से स्थानांतरित कर रहे हैं। उन्हें यहाँ उचित इलाज नहीं मिल रहा है। शायद यह किसी उच्च अधिकारी के निर्देश के कारण है।" उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से BJP और राज्य सरकार पर अस्पताल अधिकारियों को उचित इलाज न देने का निर्देश देने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर इस पूरी घटना के लिए सीधे BJP और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उल्लेखनीय है कि पहले अस्पताल के अधिकारियों ने इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

दूसरे अस्पताल में स्थानांतरण

अभिषेक बनर्जी को इसके बाद मध्य कोलकाता के मिंटो पार्क स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ उन्हें विधिवत भर्ती कराया गया। स्थानांतरण के समय वे अस्पताल का मरीज का एप्रन पहने व्हीलचेयर पर बैठे थे। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा को लेकर राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि सोनारपुर में यह विरोध चुनाव के बाद की हिंसा से जुड़े असंतोष की पृष्ठभूमि में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अभिषेक बनर्जी को 'चोर' कहकर संबोधित किया, जो TMC के विरुद्ध स्थानीय आक्रोश को दर्शाता है। ममता बनर्जी के आरोपों और BJP की संभावित प्रतिक्रिया के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रंग लेने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अत्यंत गंभीर है — लेकिन अभी तक यह केवल एकतरफा दावा है, जिसकी न तो अस्पताल ने पुष्टि की और न ही किसी स्वतंत्र सूत्र ने। यह घटना पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के उस व्यापक संदर्भ में आई है जिसमें TMC और BJP दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं। सोनारपुर में अभिषेक का विरोध यह भी दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर TMC के विरुद्ध असंतोष केवल विपक्षी प्रायोजित नहीं, बल्कि स्थानीय और व्यापक है। बिना स्वतंत्र जाँच के इस पूरे प्रकरण को किसी एक पक्ष की राजनीतिक कथा के रूप में स्वीकार करना जल्दबाजी होगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हमला क्यों हुआ?
अभिषेक बनर्जी कथित तौर पर चुनाव के बाद हुई हिंसा के शिकार TMC कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने सोनारपुर पहुँचे थे। स्थानीय प्रदर्शनकारियों ने उनका विरोध किया, थप्पड़ मारे और अंडे फेंके।
ममता बनर्जी ने पहले अस्पताल पर क्या आरोप लगाए?
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पहले अस्पताल में अभिषेक बनर्जी को उचित इलाज नहीं दिया गया और इसके पीछे किसी 'उच्च अधिकारी के निर्देश' का हाथ है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से BJP और राज्य सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
अभिषेक बनर्जी को अंततः किस अस्पताल में भर्ती कराया गया?
अभिषेक बनर्जी को मध्य कोलकाता के मिंटो पार्क स्थित एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर भर्ती कराया गया। यह उनका दूसरा अस्पताल था, जहाँ ममता बनर्जी के आग्रह पर उन्हें ले जाया गया।
पहले अस्पताल ने ममता के आरोपों पर क्या कहा?
पूर्वी महानगर बाईपास के निकट स्थित पहले अस्पताल के अधिकारियों ने ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
सोनारपुर से अभिषेक बनर्जी को कैसे बाहर निकाला गया?
पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान अभिषेक बनर्जी को सोनारपुर से बाहर ले गए। निकासी के दौरान भी प्रदर्शनकारी महिलाएँ सड़क के दोनों ओर नारे लगाती रहीं।
राष्ट्र प्रेस
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