भोजशाला फैसले पर BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का वार: 'हिंदुओं का अपमान कांग्रेस की पहचान बन चुकी है'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने 17 मई 2026 को नई दिल्ली में भोजशाला मामले में अदालत के फैसले, केरल की राजनीति और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की कार्यशैली को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और मुस्लिम लीग पर एक साथ कई मोर्चों पर हमला बोला। पूनावाला ने आरोप लगाया कि जब न्यायालय हिंदुओं के पक्ष में फैसला देता है, तब भी कांग्रेस उसका विरोध करती है।
भोजशाला फैसले पर कांग्रेस को घेरा
पूनावाला ने कहा, 'हिंदुओं का अपमान करना ही अब कांग्रेस की पहचान बन चुकी है।' उन्होंने सवाल उठाया कि जब अदालत ने हिंदुओं के संवैधानिक अधिकारों को मान्यता दी है, तो कांग्रेस इतनी व्याकुल क्यों है। उनके अनुसार, यह रवैया दर्शाता है कि पार्टी न्यायिक प्रक्रिया के ज़रिए मिले हिंदुओं के अधिकारों को भी स्वीकार करने को तैयार नहीं।
केरल: मुस्लिम लीग और कांग्रेस पर आरोप
केरल की राजनीति पर बोलते हुए पूनावाला ने दावा किया कि वीडी सतीशन कांग्रेस विधायकों की पहली पसंद नहीं थे, बल्कि उन्हें मुस्लिम लीग और जमात के दबाव में दिल्ली हाईकमान द्वारा आगे बढ़ाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग अब इस स्थिति को अपनी राजनीतिक जीत मान रही है और इसी कारण सड़कों पर उपद्रव हो रहा है।
पूनावाला ने तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि जो पार्टी मुस्लिम लीग के सामने झुक चुकी है, उसका नाम बदलकर 'इस्लामिक नेशनल कैलिफेट' रख देना चाहिए। यह टिप्पणी कांग्रेस और उसके सहयोगियों के बीच के संबंधों पर BJP की चिरपरिचित आलोचना का हिस्सा है।
भगवंत मान पर कटाक्ष
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाने पर लेते हुए पूनावाला ने कहा कि मान को यह समझना चाहिए कि वे 'कॉमेडी मास्टर' नहीं, बल्कि एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा, 'भगवंत मान जहाँ से भी काम करें, कम से कम वर्किंग कंडीशन में रहें और होश में रहें।' यह टिप्पणी मान की कार्यशैली और उनकी उपस्थिति को लेकर BJP की आलोचना को दर्शाती है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि भोजशाला विवाद मध्य प्रदेश के धार जिले से जुड़ा है, जहाँ हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष अपना दावा करते रहे हैं। अदालत के हालिया फैसले के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ और गठबंधन की राजनीति दोनों तेज़ हैं।
आगे क्या
BJP और कांग्रेस के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है, खासकर जब भोजशाला मामले पर अदालती प्रक्रिया और केरल की राजनीतिक नियुक्तियाँ दोनों ही सार्वजनिक बहस में बनी रहेंगी।