भाजपा वोट के अधिकार का हनन कर रही है: कांग्रेस नेता शकील अहमद खान का पटना में हमला
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने 2 अक्टूबर 2026 को पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मतदान के अधिकार को जानबूझकर कमज़ोर किया जा रहा है। यह बयान उस वक्त आया जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रहा है।
मुख्य आरोप और लोकतंत्र पर सवाल
खान ने कहा कि भाजपा, प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'नागरिकों को संविधान ने जो अधिकार दिए हैं, उनका हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।' पश्चिम बंगाल के चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए और बाद में हुई जाँच में वे नाम सही पाए गए। खान ने सवाल उठाया कि यदि किसी नागरिक को उसके मतदान के अधिकार से वंचित किया जाए, तो लोकतंत्र कैसे सुदृढ़ होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के बीच अपना जनाधार खोने के बाद इस तरह के रास्ते अपना रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में मतदाता सूची की सटीकता को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियाँ बढ़ती जा रही हैं।
बिहार गठबंधन और सीट बँटवारे पर कांग्रेस का रुख
बिहार में गठबंधन के भीतर सीट बँटवारे को लेकर उठ रहे सवालों पर शकील अहमद खान ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से गठबंधन का हिस्सा रही है और पार्टी की हमेशा यही इच्छा रही है कि सभी घटक दल आपसी सलाह-मशविरे से चुनावी निर्णय लें। उन्होंने माना कि फैसला लेने में देरी हुई, जिसकी एक वजह गठबंधन के दलों के बीच अपेक्षित स्तर पर चर्चा न हो पाना था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी को चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस संबंध में फैसला ले लिया है। अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में भी आपसी तालमेल के आधार पर चुनाव मैदान में उतरा जाएगा।
तेजस्वी यादव के बयान पर चुप्पी
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया माँगे जाने पर खान ने कोई सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि वे तेजस्वी के बयान पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे। यह परहेज़ गठबंधन के भीतर तनाव की ओर संकेत करता है, जिसे दोनों पक्ष सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से बच रहे हैं।
एमएलसी चुनाव पर दावा
एमएलसी चुनाव के संदर्भ में खान ने दावा किया कि अनंत सिंह और नीरज कुमार आपस में मुकाबला करेंगे और कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी होगा। यह दावा गठबंधन की आंतरिक स्थिति को लेकर कांग्रेस के आत्मविश्वास को दर्शाता है, हालाँकि अंतिम सीट व्यवस्था अभी तय नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
बिहार में आगामी चुनावों से पहले गठबंधन के भीतर सीट बँटवारे और उम्मीदवारों की घोषणा पर सभी की नज़रें टिकी हैं। विपक्ष की चुनाव आयोग के खिलाफ मुहिम और मतदाता सूची की विश्वसनीयता का मुद्दा आने वाले हफ्तों में राजनीतिक बहस के केंद्र में बना रहेगा।