एडवोकेट शीतल उपाध्याय ने 40 कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा में किया शामिल, कहा- 'घर वापसी'
सारांश
मुख्य बातें
वडोदरा, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) को वडोदरा में एक गंभीर झटका लगा है। पार्टी की राज्य प्रवक्ता एवं प्रमुख नेता एडवोकेट शीतल उपाध्याय समेत 40 से अधिक कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं।
यह घटना गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव 2026 से ठीक पहले हुई है, जो 'आप' के संगठन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। शीतल उपाध्याय ने कहा कि वे भाजपा में लौटकर बेहद खुश हैं और उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे अपने घर वापस आई हों।
शीतल उपाध्याय ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "मैं भाजपा से आप में गई थी और अब फिर से अपने घर लौट आई हूं। मेरे लिए यह महत्वपूर्ण था कि कोई बच्चा बाहर जाता है और फिर ख़ुशी के साथ वापस आता है। मैं भी इसी ख़ुशी के साथ लौट आई हूं। मेरे साथ कई कार्यकर्ता जुड़े हुए थे। जब मैं 'आप' में गई थी, तब वे मेरे साथ रहे और अब जब मैं भाजपा में आई हूं, तो वे भी मेरे साथ आए हैं।"
उन्होंने 'आप' की विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा, "आप की पहले से कोई स्थायी विचारधारा नहीं थी, आज भी नहीं है और भविष्य में भी नहीं होगी। सभी जानते हैं कि यह पार्टी आंदोलन से उभरी थी। आंदोलन से उभरी किसी भी चीज़ की कोई स्थायी विचारधारा नहीं होती। 'आप' के पास अभी कोई महत्वपूर्ण मुद्दा ही नहीं है। मैं अब भाजपा के साथ आगे बढ़ना चाहती हूं।"
वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम में इन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का भाजपा में स्वागत किया गया। शहर भाजपा अध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश सोनी और अन्य स्थानीय नेता उन्हें पार्टी में शामिल करने के लिए उपस्थित थे। शीतल उपाध्याय को ब्राह्मण समुदाय की प्रमुख नेता माना जाता है और वडोदरा में 'आप' का संगठन खड़ा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
यह सामूहिक शामिली स्थानीय राजनीति में भाजपा के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जबकि 'आप' के लिए यह एक संगठनात्मक नुकसान है। आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह घटना काफी महत्वपूर्ण है।
शीतल उपाध्याय ने 'आप' पर आरोप लगाया कि पार्टी स्पष्ट दिशा के बिना काम कर रही है और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में संगठन की कार्यप्रणाली से उन्हें असंतोष है।