22 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शिलांग हिंसा के बाद एनईपीएमजी ने मेघालय को ईंधन आपूर्ति रोकी, असम-मेघालय तनाव गहराया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शिलांग हिंसा के बाद एनईपीएमजी ने मेघालय को ईंधन आपूर्ति रोकी, असम-मेघालय तनाव गहराया

सारांश

शिलांग में 19 अगस्त की हिंसा के बाद एनईपीएमजी ने मेघालय को ईंधन आपूर्ति रोक दी — 30 से अधिक असम-पंजीकृत वाहन क्षतिग्रस्त, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, और CAPF की 5 कंपनियाँ तैनात। यह गतिरोध असम-मेघालय के पुराने परिवहन तनाव की नई कड़ी है।

मुख्य बातें

एनईपीएमजी ने 22 अगस्त को असम से मेघालय को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पर रोक लगाई।
19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की 'ब्लैक-फ्लैग' रैली के दौरान हिंसा में 30 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
यूनियन ने कहा कि आपूर्ति तब तक बंद रहेगी जब तक मेघालय सरकार असम-पंजीकृत वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करती।
कानून-व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 5 कंपनियाँ मेघालय में तैनात।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के निर्देश पर मंत्री अतुल बोरा ने मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग से बातचीत की।
शिलांग में एक पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया; री-भोई में सरकारी वाहनों में आगजनी।

नॉर्थ-ईस्ट पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एनईपीएमजी) ने 22 अगस्त को असम से मेघालय को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पर रोक लगा दी, जिसके बाद दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया। यूनियन ने यह कदम मेघालय में असम-पंजीकृत वाहनों और उनके चालकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताओं के चलते उठाया है। यह निर्णय 19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की 'ब्लैक-फ्लैग' मोटरसाइकिल रैली के दौरान भड़की हिंसा के कुछ दिनों बाद लिया गया।

हिंसा का पृष्ठभूमि और तात्कालिक कारण

रिपोर्टों के अनुसार, 19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा आयोजित 'ब्लैक-फ्लैग' मोटरसाइकिल रैली के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें कई लोग घायल हुए। खबरों के मुताबिक, 30 से अधिक वाहन — जिनमें से अधिकांश असम में पंजीकृत थे — क्षतिग्रस्त किए गए या तोड़-फोड़ के शिकार हुए। इस घटना के बाद असम के टैक्सी और व्यावसायिक वाहन चालकों ने शिलांग के लिए अपनी सेवाएँ बंद कर दीं, और जोरबाट तथा असम-मेघालय मार्ग पर अन्य प्रमुख स्थानों पर नाकेबंदी की सूचनाएँ भी सामने आईं।

यूनियन का रुख और माँगें

एनईपीएमजी के महासचिव रमेन डेका ने कहा, 'लगातार अशांति, ड्राइवरों के साथ बदसलूकी और हमलों के आरोपों के बीच पेट्रोलियम कर्मचारी अपनी सुरक्षा को जोखिम में नहीं डालना चाहते।' डेका ने यह भी स्पष्ट किया, 'पेट्रोलियम उत्पाद अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं, इसलिए वाहनों और माल, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।'

यूनियन ने कहा कि मेघालय में परिवहन और लोडिंग-अनलोडिंग कार्य तब तक स्थगित रहेगा, जब तक राज्य सरकार असम-पंजीकृत वाहनों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय नहीं करती। यूनियन ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी छात्र आंदोलन के विरोध में नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से सुरक्षा कारणों से उठाया गया है।

मेघालय में बिगड़ते हालात

ईंधन आपूर्ति ठप होने से मेघालय में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर चिंताएँ गहरा गई हैं, क्योंकि राज्य ईंधन और अन्य सामग्री के लिए बड़े पैमाने पर असम के साथ सड़क संपर्क पर निर्भर है। शिलांग के पेट्रोल पंपों पर घबराहट में खरीदारी हो रही है और लंबी कतारें लग रही हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, शिलांग में एक पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका गया, जबकि री-भोई में सरकारी वाहनों और एक मोटरसाइकिल को आग लगा दी गई। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेघालय में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की पाँच कंपनियाँ तैनात की गई हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के निर्देश पर राज्य के बॉर्डर डेवलपमेंट मंत्री अतुल बोरा ने मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग से बातचीत की। असम और मेघालय, दोनों राज्यों के अधिकारी आपसी आवाजाही बहाल करने की दिशा में प्रयासरत हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। गौरतलब है कि दोनों राज्यों के बीच परिवहन गतिरोध से मेघालय की आपूर्ति श्रृंखला पर गंभीर दबाव पड़ सकता है। ईंधन आपूर्ति की बहाली और दोनों राज्यों के बीच सामान्य संबंधों की पुनर्स्थापना अब मेघालय सरकार की सुरक्षा गारंटी पर निर्भर करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका सबसे तत्काल असर उन आम मेघालयवासियों पर पड़ेगा जो पहले से ही आपूर्ति की कमी झेल रहे हैं — यह विडंबना नज़रअंदाज़ नहीं की जानी चाहिए। असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद और परिवहन तनाव का यह नया अध्याय दर्शाता है कि दोनों राज्यों के बीच विश्वास की खाई अभी पाटी नहीं गई है। राजनीतिक स्तर पर बातचीत तो हो रही है, लेकिन जब तक ज़मीनी स्तर पर वाहन चालकों की सुरक्षा की ठोस व्यवस्था नहीं होती, तब तक ऐसे गतिरोध बार-बार उभरते रहेंगे।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनईपीएमजी ने मेघालय को ईंधन आपूर्ति क्यों रोकी?
नॉर्थ-ईस्ट पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एनईपीएमजी) ने असम-पंजीकृत वाहनों और चालकों की मेघालय में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताओं के चलते यह कदम उठाया। 19 अगस्त को शिलांग में हुई हिंसा में 30 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें अधिकांश असम में पंजीकृत थे।
शिलांग में 19 अगस्त को क्या हुआ था?
19 अगस्त को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा आयोजित 'ब्लैक-फ्लैग' मोटरसाइकिल रैली के दौरान हिंसा भड़की, जिसमें कई लोग घायल हुए और 30 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त या तोड़-फोड़ के शिकार हुए। इनमें से अधिकांश वाहन असम में पंजीकृत थे।
मेघालय में ईंधन संकट कितना गंभीर है?
मेघालय ईंधन और आवश्यक वस्तुओं के लिए काफी हद तक असम के साथ सड़क संपर्क पर निर्भर है। आपूर्ति रुकने के बाद शिलांग के पेट्रोल पंपों पर घबराहट में खरीदारी और लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
ईंधन आपूर्ति कब बहाल होगी?
एनईपीएमजी ने स्पष्ट किया है कि आपूर्ति तब तक बंद रहेगी जब तक मेघालय सरकार असम-पंजीकृत वाहनों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय नहीं करती। दोनों राज्यों के अधिकारी बातचीत कर रहे हैं, लेकिन बहाली की कोई निश्चित समयसीमा अभी सामने नहीं आई है।
सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मेघालय में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 5 कंपनियाँ तैनात की गई हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के निर्देश पर बॉर्डर डेवलपमेंट मंत्री अतुल बोरा ने मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन टिनसोंग से बातचीत की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले