7 जुलाई 2026
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शिवसेना की मांग: 'कॉकरोच जनता पार्टी' के उदय की एनआईए जांच हो, राहुल गांधी की भूमिका भी जाँचे

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शिवसेना की मांग: 'कॉकरोच जनता पार्टी' के उदय की एनआईए जांच हो, राहुल गांधी की भूमिका भी जाँचे

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 22 मई को मांग की कि एनआईए व्यंग्य संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के इंस्टाग्राम पर 1.5 करोड़ फॉलोअर्स के पीछे की असली ताकत की जांच करे — और यह भी देखे कि कहीं बांग्लादेश-नेपाल जैसी अशांति भारत में फैलाने की कोशिश तो नहीं हो रही।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने 22 मई को एनआईए से 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) की जांच की मांग की।
सीजेपी के इंस्टाग्राम पर 1.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं; यह केवल डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय व्यंग्य संगठन है।
हेगड़े ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संभावित भूमिका की जांच की भी माँग की।
विवाद की शुरुआत 15 मई को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अदालती टिप्पणियों के बाद हुई।
महाराष्ट्र में गाय तस्करों पर मकोका लगाने का हेगड़े ने स्वागत किया; सीमाओं पर चेक पोस्ट लगाने की घोषणा।

शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने शुक्रवार, 22 मई को मुंबई में मांग की कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को डिजिटल व्यंग्य संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के अचानक उभार की जांच करनी चाहिए। उनका कहना है कि इंस्टाग्राम पर 1.5 करोड़ फॉलोअर्स हासिल करने वाले इस संगठन के पीछे देश में अशांति फैलाने की कोई सुनियोजित कोशिश हो सकती है।

मुख्य आरोप और मांग

हेगड़े ने कहा कि एनआईए को यह पता लगाना चाहिए कि एक व्यंग्य पेज को इतनी तेज़ी से 1.5 करोड़ फॉलोअर्स कैसे मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसके पीछे भारत में अराजकता फैलाने की कोई सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इसमें संभावित भूमिका की भी जांच होनी चाहिए — चाहे वे इसमें शामिल हों या न हों।

सीजेपी का उदय: पृष्ठभूमि

यह विवाद 15 मई को एक अदालती सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणियों के बाद उपजे विवाद के बीच सामने आया, जिसके बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' नामक यह व्यंग्य आंदोलन तेज़ी से वायरल हो गया। गौरतलब है कि सीजेपी केवल इंस्टाग्राम और एक्स जैसे डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है और इसका कोई औपचारिक राजनीतिक ढाँचा नहीं है।

बांग्लादेश-नेपाल से तुलना

हेगड़े ने बांग्लादेश और नेपाल में जेन-ज़ी (युवा पीढ़ी) के नेतृत्व में हुए विद्रोह का हवाला देते हुए कहा कि एनआईए जांच यह स्पष्ट करेगी कि भारत में भी इसी तरह की अशांति फैलाने की कोशिश हो रही है या नहीं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सीजेपी के इंस्टाग्राम और एक्स अकाउंट का संचालन कर रहा था, उसकी पहचान और उद्देश्य की भी जांच होनी चाहिए।

गाय तस्करी पर मकोका: शिवसेना का स्वागत

इसी प्रेस वार्ता में हेगड़े ने महाराष्ट्र में गाय तस्करों के खिलाफ 'महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम' (मकोका) लागू किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 'गाय हमारी माता है और इस जानवर की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।' उन्होंने बताया कि राज्य की सीमाओं पर चेक पोस्ट लगाए जाएंगे और सीमा सुरक्षा बल से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा जाएगा।

आगे क्या

फिलहाल एनआईए की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। शिवसेना की यह मांग ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया पर राजनीतिक व्यंग्य और डिजिटल आंदोलनों को लेकर बहस तेज़ हो रही है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार और एनआईए इस मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके लिए ठोस साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) क्या है?
'कॉकरोच जनता पार्टी' एक डिजिटल व्यंग्य संगठन है जो केवल इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है। इसका कोई औपचारिक राजनीतिक ढाँचा नहीं है और यह 15 मई के बाद तेज़ी से वायरल हुआ।
शिवसेना ने एनआईए जांच की मांग क्यों की?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े का कहना है कि एक व्यंग्य पेज का इंस्टाग्राम पर 1.5 करोड़ फॉलोअर्स तक पहुँचना संदिग्ध है और इसके पीछे देश में अशांति फैलाने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने बांग्लादेश और नेपाल में हुए जेन-ज़ी विद्रोह से तुलना करते हुए यह माँग की।
इस विवाद की शुरुआत कब और कैसे हुई?
विवाद की शुरुआत 15 मई को एक अदालती सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणियों के बाद हुई। इसके बाद 'कॉकरोच जनता पार्टी' का व्यंग्य आंदोलन सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
क्या राहुल गांधी का इस मामले से कोई संबंध है?
शिवसेना प्रवक्ता हेगड़े ने कहा कि एनआईए को यह भी जांचना चाहिए कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इसमें शामिल हैं या नहीं। हालाँकि उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
महाराष्ट्र में गाय तस्करी पर मकोका लगाने का क्या मतलब है?
हेगड़े ने महाराष्ट्र में गाय तस्करों के खिलाफ 'महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम' (मकोका) लागू किए जाने का स्वागत किया। इसके तहत राज्य की सीमाओं पर चेक पोस्ट लगाए जाएंगे और सीमा सुरक्षा बल से कार्रवाई करने को कहा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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