23 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या शुक्रवार को व्रतधारी करें महालक्ष्मी मंत्र का जाप, मिलेगा समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या शुक्रवार को व्रतधारी करें महालक्ष्मी मंत्र का जाप, मिलेगा समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद?

सारांश

शुक्रवार का व्रत रखने का महत्व क्या है? जानिए कैसे महालक्ष्मी मंत्र का जाप करके आप समृद्धि और सौभाग्य पा सकते हैं। इस लेख में जानें सही विधि और पूजा का तरीका।

मुख्य बातें

शुक्रवार का व्रत समृद्धि और सौभाग्य के लिए महत्वपूर्ण है।
महालक्ष्मी मंत्र का जाप करें।
पूजा विधि का पालन करें।
गरीबों को दान देना पुण्य प्रदान करता है।
सुख-शांति के लिए लक्ष्मी चालीसा पढ़ें।

नई दिल्ली, 6 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की द्वितीय तिथि शुक्रवार को है। इस दिन सूर्य राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। इस तिथि को कोई भी विशेष पर्व नहीं है, लेकिन वार के हिसाब से आप शुक्रवार का व्रत रख सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में यह व्रत शुक्र ग्रह को मजबूत करने और उससे जुड़े दोषों को दूर करने के लिए भी रखा जाता है।

द्रिक पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 5 मिनट तक रहेगा।

ब्रह्मवैवर्त पुराण और मत्स्य पुराण में शुक्रवार व्रत करने का उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि इस दिन माता लक्ष्मी, संतोषी और शुक्र ग्रह के लिए विधि-विधान से पूजा करने से सुख, समृद्धि, धन-धान्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर सभी कष्ट दूर होते हैं और माता रानी भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं।

अगर कोई भी जातक व्रत को शुरू करना चाहता है, तो किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार से कर सकता है। आमतौर पर 16 शुक्रवार तक व्रत रखने के बाद उद्यापन किया जाता है।

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें। लाल कपड़े पर माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दीप जलाएं और फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग लगाएं। ‘श्री सूक्त’ और ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ करें। साथ ही महालक्ष्मी मंत्र 'ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जाप करें। ये जाप समृद्धि और सौभाग्य पाने के लिए किया जाता है। 'विष्णुप्रियाय नमः' का जप भी लाभकारी है।

पूजा के अंत में कमल पुष्प अर्पित करें, लक्ष्मी चालीसा पढ़ें। प्रसाद में खीर, मिश्री और बर्फी बांटें। इस दिन गरीबों को भोजन, वस्त्र या धन दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह व्यक्तिगत विकास और सामाजिक कल्याण में भी योगदान देता है। देशभर में लोग इस दिन विशेष ध्यान देते हैं, जिससे हमारी संस्कृति और परंपराओं को और मजबूती मिलती है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्रवार को व्रत रखने का क्या महत्व है?
शुक्रवार को व्रत रखने से शुक्र ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है।
महालक्ष्मी मंत्र का जाप कैसे करें?
महालक्ष्मी मंत्र का जाप विधि-विधान से करें, पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और सही सामग्री का उपयोग करें।
क्या व्रत का उद्यापन जरूरी है?
हाँ, आमतौर पर 16 शुक्रवार तक व्रत रखने के बाद उद्यापन करना शुभ माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 महीने पहले
  2. 10 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले