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भाजपा एसआईआर से चुनाव हथियाने की फिराक में: तनवीर हसन, राम मंदिर चंदा घोटाले में न्यायिक जांच की मांग

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भाजपा एसआईआर से चुनाव हथियाने की फिराक में: तनवीर हसन, राम मंदिर चंदा घोटाले में न्यायिक जांच की मांग

सारांश

RJD उपाध्यक्ष तनवीर हसन ने एक साथ तीन मोर्चों पर भाजपा को घेरा — SIR को 'लोकतंत्र की हत्या', राम मंदिर चंदा SIT को 'आई वॉश' और चिराग पासवान की पीड़ित-परिवार मुलाकात को 'सस्ती लोकप्रियता' करार दिया। उनकी माँग है: वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच।

मुख्य बातें

RJD उपाध्यक्ष तनवीर हसन ने 3 जुलाई 2026 को पटना में भाजपा पर SIR के ज़रिये चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाया।
हसन ने उत्तर प्रदेश सरकार की SIT को 'आई वॉश' बताते हुए राम मंदिर चंदा घोटाले में वर्तमान वरिष्ठ न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की।
विपक्षी दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को SIR मामले में हस्तक्षेप के लिए पत्र लिखा है।
चिराग पासवान की भरत तिवारी परिजनों से मुलाकात को हसन ने 'सस्ती लोकप्रियता' करार दिया; सरकार से ठोस कार्रवाई की माँग की।
हसन ने RSS के दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि राम मंदिर में सवाल खुद हिंदुत्ववादी संगठनों के लोग उठा रहे हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उपाध्यक्ष तनवीर हसन ने 3 जुलाई 2026 को पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए कर रही है। साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदा घोटाले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच और भरत तिवारी हत्याकांड में ठोस कार्रवाई की मांग की।

एसआईआर पर भाजपा को घेरा

विपक्षी दलों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश को SIR मामले में हस्तक्षेप की मांग को लेकर लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए हसन ने कहा कि भाजपा की योजना है — 'एसआईआर कराओ और राज्य में चुनाव को हथियाओ।' उन्होंने इसे लोकतंत्र-विरोधी कदम करार दिया। हसन के अनुसार, 'यह लोकतंत्र के विरोध का मामला है — लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी जाएगी।' उन्होंने विपक्षी दलों के एकजुट रुख की सराहना करते हुए इसे 'सुखद' बताया।

राम मंदिर चंदा घोटाला: एसआईटी पर्याप्त नहीं

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग के सवाल पर हसन ने कहा कि चोरी के बाद भी कुछ लोग धर्म की आड़ लेकर उसे उचित ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, जो 'आश्चर्यजनक और अनैतिक' है। उन्होंने भाजपा नेता मनोज तिवारी के कथित बयान — 'पैसा हमारा, मंदिर हमारा, चोरी किया हमारे लोगों ने, दूसरों को क्या चिंता' — का हवाला देते हुए कहा कि यह रवैया खुद सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिश है।

हसन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह महज 'आई वॉश' है। उनकी मांग है कि किसी वर्तमान वरिष्ठ न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो — 'तब ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई कि इस मामले का 'वास्तविक दोषी' कौन है और बड़े लोगों को बचाकर छोटे लोगों को फंसाने की नीति अपनाई जा रही है।

दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर पलटवार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हसन ने पूछा कि क्या राम मंदिर में चोरी हुई ही नहीं? उन्होंने रेखांकित किया कि इस मामले में सवाल उठाने वाले खुद हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े लोग हैं — 'इसमें कोई मुसलमान नहीं है, न मंदिर प्रबंधन में, न बयानों में।'

भरत तिवारी हत्याकांड: चिराग पर निशाना

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान द्वारा भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात पर हसन ने कहा कि यह 'निर्मम हत्या' का मामला है और पीड़ित परिवार से मिलना अपने आप में पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि गठबंधन और सरकार में रहते हुए चिराग पासवान को जनता के बीच बयानबाजी करने की बजाय सरकार से ठोस कार्रवाई करवानी चाहिए। RJD का स्पष्ट मत है कि यह हत्या का मामला है और इस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

आगे क्या

हसन ने कहा कि भाजपा '12 साल से हिंदू खतरे में है' का नारा देकर जनता को भ्रमित करती रही है, लेकिन इस बार जनता इनसे 'अच्छी तरह सवाल पूछेगी।' विपक्षी दलों की ओर से SIR मामले में सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँचने और राम मंदिर चंदा घोटाले में न्यायिक जांच की माँग तेज होने के संकेत हैं। यह देखना होगा कि सरकार इन दोनों मोर्चों पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राम मंदिर घोटाला और भरत तिवारी हत्याकांड को एक साथ उठाकर RJD ने भाजपा को एक साथ कई मोर्चों पर घेरने की कोशिश की है। असली सवाल यह है कि UP की SIT पर उठाए गए सवाल कितने ठोस हैं — अगर जांच में पारदर्शिता की कमी साबित होती है, तो न्यायिक जांच की मांग को जन-समर्थन मिल सकता है। चिराग पासवान पर हमला NDA के भीतर की दरारों को सतह पर लाने की कोशिश भी है, जो बिहार की राजनीति में आने वाले महीनों में अहम साबित हो सकती है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तनवीर हसन ने एसआईआर पर भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
RJD उपाध्यक्ष तनवीर हसन ने आरोप लगाया कि भाजपा SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का उपयोग चुनावी लाभ के लिए कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र-विरोधी कदम बताया और कहा कि विपक्ष इसे रोकने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश तक पहुँच चुका है।
राम मंदिर चंदा घोटाले में न्यायिक जांच की मांग क्यों हो रही है?
हसन ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT पर्याप्त नहीं है और यह महज 'आई वॉश' है। उनकी मांग है कि किसी वर्तमान वरिष्ठ न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो, क्योंकि सरकार अब तक वास्तविक दोषी की पहचान नहीं कर पाई है।
भरत तिवारी हत्याकांड में चिराग पासवान की भूमिका पर RJD का क्या कहना है?
RJD उपाध्यक्ष हसन ने कहा कि चिराग पासवान का पीड़ित परिवार से मिलना 'सस्ती लोकप्रियता' है। उनका मानना है कि गठबंधन और सरकार में रहते हुए पासवान को जनता के बीच बयान देने की बजाय सरकार से ठोस कार्रवाई करवानी चाहिए।
दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर हसन ने क्या कहा?
हसन ने RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर पलटवार करते हुए पूछा कि क्या राम मंदिर में चोरी हुई ही नहीं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस मामले में सवाल उठाने वाले खुद हिंदुत्ववादी पृष्ठभूमि के लोग हैं, न कि मुस्लिम समुदाय।
SIR मामले में विपक्षी दलों ने क्या कदम उठाया है?
विपक्षी दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर SIR मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। हसन ने इस कदम को 'सुखद' बताया और कहा कि यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी था।
राष्ट्र प्रेस
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