सीतारमण ने टोरंटो में कनाडाई निवेशकों को दिया भारत में निवेश का न्योता, इन्फ्रा-क्लीनटेक पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 27 अगस्त 2026 को टोरंटो में आयोजित एक उच्चस्तरीय बिजनेस राउंडटेबल में कनाडा की अग्रणी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करते हुए भारत के निवेशक-अनुकूल नीतिगत माहौल, कर-निश्चितता और जारी आर्थिक सुधारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कनाडाई कंपनियों से भारत के विभिन्न क्षेत्रों और क्षेत्रीय बाज़ारों में नई साझेदारियाँ और निवेश के अवसर तलाशने का आह्वान किया।
राउंडटेबल में किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस राउंडटेबल में क्लीन टेक्नोलॉजी, ज़रूरी खनिज, रेयर अर्थ, एनर्जी स्टोरेज, सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटोमोटिव, टेक्सटाइल्स, ग्रीन स्टील, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, बायोटेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एसेट मैनेजमेंट, उच्च शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों के व्यापारिक नेता एक मंच पर आए।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है और कनाडा जैसे देशों के संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करना उसकी प्राथमिकता बनी हुई है।
ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान से मुलाकात
सीतारमण ने ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान (OTPP) की प्रेसिडेंट और सीईओ जो टेलर से द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने OTPP की भारत में दीर्घकालिक उपस्थिति और राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (NIIF) के साथ उसकी साझेदारी की सराहना की। बातचीत में ट्रांसमिशन, परिवहन, शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में को-इन्वेस्टमेंट और साझेदारी के जरिये निवेश विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
वित्त मंत्री ने GIFT-IFSC को वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख वित्तीय प्रवेश-द्वार के रूप में रेखांकित किया और OTPP को भारत में अपनी निवेश उपस्थिति और गहरी करने के लिए प्रोत्साहित किया।
OMERS और CPPIB के साथ द्विपक्षीय बैठकें
सीतारमण ने OMERS के प्रेसिडेंट और सीईओ ब्लेक हचेसन से भी मुलाकात की। उन्होंने OMERS की भारत में निरंतर विश्वसनीयता की प्रशंसा करते हुए संस्थान को इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में अपने मौजूदा निवेश आधार पर दीर्घकालिक जुड़ाव को और मज़बूत करने के लिए प्रेरित किया। चर्चा का केंद्र परिवहन, ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट में नए अवसर रहे।
गौरतलब है कि कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) के प्रेसिडेंट और सीईओ जॉन ग्राहम के साथ हुई बैठक में वित्त मंत्री ने NIIF इन्फ्रा फंड II में CPPIB के निवेश सहित भारत के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को सराहा। इस बातचीत में ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा, सड़कें, बंदरगाह, शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में संस्थागत पूँजी के लिए अवसर बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
भारत की निवेश-अनुकूल नीतियों का संदेश
सीतारमण ने पूरी बैठकों के दौरान एक समान संदेश दोहराया — भारत का नीतिगत माहौल अब पहले से कहीं अधिक स्थिर और पारदर्शी है। उन्होंने कर-निश्चितता को एक प्रमुख आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि जारी संरचनात्मक सुधार दीर्घकालिक निवेशकों को भरोसेमंद रिटर्न की गारंटी देते हैं। भारत की मज़बूत आर्थिक वृद्धि, विस्तारित मध्य वर्ग और बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर की माँग को निवेश के तीन बड़े चालकों के रूप में रेखांकित किया गया।
आगे क्या
टोरंटो की यह यात्रा भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को नई गति देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है। कनाडा के प्रमुख पेंशन फंडों की भारत में पहले से ही उपस्थिति है, और इन बैठकों के बाद को-इन्वेस्टमेंट के नए करार सामने आने की संभावना जताई जा रही है। GIFT-IFSC को वैश्विक निवेश के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।