केतन अग्रवाल हत्याकांड: सचिन रघुवंशी बोले — 'सोनम को सजा न मिलने से सिया की हिम्मत बढ़ी'
सारांश
मुख्य बातें
पुणे में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड पर इंदौर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड के पीड़ित परिवार के सदस्य और राजा के भाई सचिन रघुवंशी ने 24 जून 2026 को कहा कि दोनों हत्याकांडों में अपराध की योजना बनाने के तरीके में स्पष्ट समानता दिखती है। उनके अनुसार, पहले मामले में आरोपी को शीघ्र राहत मिलने से समाज में गलत संदेश गया।
दोनों हत्याकांडों में समानता
सचिन रघुवंशी ने कहा कि केतन अग्रवाल की हत्या और उनके भाई राजा रघुवंशी की हत्या में अपराध की साजिश रचने का तरीका एक जैसा प्रतीत होता है। उन्होंने केतन के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों से अपील की कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए। सचिन ने कहा, 'केतन अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी मौत से परिवार पर गहरा दुख आया है।'
कानून पर सवाल और आरोपी को मिली राहत
सचिन रघुवंशी ने आरोप लगाया कि एक पूर्व मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को जल्दी राहत मिलने से अन्य लोगों के मन में कानून को लेकर गलत धारणा बन सकती है। उन्होंने कहा, 'यदि आरोपी को शादी नहीं करनी थी तो वह मना कर सकती थी, लेकिन हत्या जैसे कदम उठाने की जरूरत नहीं थी।' उनका मानना है कि अगर पहले के मामले में सख्त कार्रवाई होती तो शायद ऐसी घटना दोबारा नहीं होती।
पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति
सचिन ने कहा, 'सिया को अपना प्यार चाहिए था, लेकिन उसे यह जरूर सोचना चाहिए था कि केतन किसी का बेटा और भाई है। आज उसके परिवार पर क्या गुजर रही होगी।' उन्होंने बताया कि वह संभवतः पुणे जाकर केतन अग्रवाल के परिवार से मुलाकात करेंगे, क्योंकि वह खुद इस तरह की त्रासदी का दर्द झेल चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस पुणे हत्याकांड के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सोसाइटी सुरक्षा प्रबंधक का बयान
इस बीच, पुणे की सोसाइटी के सिक्योरिटी मैनेजर शिव कुमार का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि आरोपी चेतन चौधरी उन्हें एक अच्छा लड़का लगता था। शिव कुमार के अनुसार, उन्हें चेतन की निजी जिंदगी या सिया के उससे संपर्क में होने की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि चेतन काम खत्म होने के बाद अक्सर रात करीब 8 से 9 बजे के बीच घर लौटता था और उन्होंने सिया को सोसाइटी में आते-जाते कभी नहीं देखा था।
जांच जारी, न्याय की मांग
फिलहाल पुणे पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सचिन रघुवंशी ने कहा कि कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बनाए रखना अत्यंत जरूरी है — 'पहले हम सुनते थे कि कानून अंधा होता है, अब इसका अनुभव भी हो रहा है।' गौरतलब है कि यह मामला दो अलग-अलग शहरों में हुई दो हत्याओं के बीच एक सामाजिक पैटर्न की ओर ध्यान खींच रहा है, जिसमें प्रेम-संबंध और विवाह से जुड़े विवाद केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में अदालती कार्यवाही और पुलिस जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि पीड़ित परिवारों को न्याय कब और कैसे मिलेगा।