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सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त: जेडीयू विधायक श्याम रजक ने सरकारी पहल को बताया सकारात्मक कदम

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सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त: जेडीयू विधायक श्याम रजक ने सरकारी पहल को बताया सकारात्मक कदम

सारांश

जेडीयू विधायक श्याम रजक ने सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने को सरकारी पहल की जीत बताया। नीट मामले में नए कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा के बीच रजक ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

जेडीयू विधायक श्याम रजक ने 24 जुलाई को पटना में एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया।
रजक के अनुसार, नीट मामले में अलग से कार्रवाई के लिए नया कानून बनाने की तैयारी की जा रही है।
पेपर लीक रोकने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला छात्रों के लिए राहत बताया गया।
रजक ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ दल इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार को जनहित के प्रति गंभीर बताया गया।

जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने 24 जुलाई को पटना में कहा कि एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक द्वारा अपना अनशन समाप्त करना एक सकारात्मक संकेत है और यह केंद्र सरकार की सक्रिय पहल का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाए हैं, जिसके बाद वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया।

सरकार की पहल और कानूनी तैयारी

रजक ने बताया कि नीट मामले में अलग से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नया कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला देश के छात्रों और आम नागरिकों के लिए राहत की बात है।

रजक के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर देशभर में तनाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन केंद्र सरकार की पहल से स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है।

विपक्ष पर निशाना

जेडीयू विधायक ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने राजनीतिक फायदे के लिए भुनाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब सरकार की कार्रवाई के बाद ऐसी राजनीति की गुंजाइश नहीं रहेगी।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की माँग पर प्रतिक्रिया देते हुए रजक ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर कटाक्ष किया। उन्होंने 1975 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले और तत्कालीन सरकार द्वारा अध्यादेश लाने तथा आपातकाल लागू करने का उल्लेख करते हुए कहा, 'ये लोग हर चीज को अपने चश्मे से देखते हैं। लेकिन हमारी सरकार ने लोकतंत्र में विश्वास रखते हुए पहल की है और जो भी कमियाँ सामने आईं, उन पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है।'

उन्होंने आगे कहा, 'वे लोग, जो लोकतंत्र का इस्तेमाल केवल अपने फायदे के लिए करते हैं, ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले ने करारा जवाब दिया है।'

बिहार सरकार की भूमिका

सीजेपी के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर रजक ने कहा कि बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं।

आगे की राह

रजक ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार की इस पहल के बाद आने वाले समय में भी जनहित से जुड़े सकारात्मक फैसले लिए जाएंगे। नीट और पेपर लीक जैसे मामलों में फास्ट-ट्रैक न्याय व्यवस्था और नए कानून से छात्रों को दीर्घकालिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी समयसीमा और क्रियान्वयन का कोई ठोस ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। वांगचुक के अनशन का अंत सरकार की पहल से जोड़ना राजनीतिक दावा है, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना अभी बाकी है। असली परीक्षा यह है कि नीट सुधार केवल बयानबाजी तक सीमित रहते हैं या छात्रों को वास्तविक न्याय मिलता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक ने अपना अनशन क्यों समाप्त किया?
जेडीयू विधायक श्याम रजक के अनुसार, केंद्र सरकार की पहल के बाद सोनम वांगचुक ने अपना भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। हालाँकि सरकार की ओर से किए गए ठोस आश्वासनों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
नीट पेपर लीक मामले में सरकार क्या कदम उठा रही है?
रजक के बयान के अनुसार, नीट मामले में अलग से कार्रवाई के लिए नया कानून बनाने की तैयारी की जा रही है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला लिया गया है।
श्याम रजक ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
जेडीयू विधायक श्याम रजक ने कहा कि कुछ विपक्षी दल नीट और वांगचुक के अनशन जैसे मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस पर 1975 की आपातकाल का संदर्भ देते हुए कटाक्ष किया।
बिहार सरकार का इस मामले में क्या रुख है?
रजक ने कहा कि बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जनता से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र की पहल के बाद आगे भी जनहित में सकारात्मक फैसले लिए जाएंगे।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट से छात्रों को क्या फायदा होगा?
फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद है। रजक ने इसे देश के छात्रों और आम जनता के लिए राहत की खबर बताया, हालाँकि कोर्ट की स्थापना की समयसीमा अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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