इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि: शक्ति स्थल पर सोनिया, राहुल, खड़गे ने अर्पित की पुष्पांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के शक्ति स्थल पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने एकत्र होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अनेक वरिष्ठ नेता इंदिरा गांधी मेमोरियल में आयोजित पुण्यतिथि कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
शक्ति स्थल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम
सुबह के इस कार्यक्रम में सभी वरिष्ठ नेताओं ने शक्ति स्थल पर पुष्प अर्पित कर भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री को नमन किया। पार्टी की तीन पीढ़ियों के प्रतिनिधियों की इस एकजुटता को कांग्रेस के लिए एक भावनात्मक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को हत्या की गई थी।
राहुल गांधी की भावुक पोस्ट
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इंदिरा गांधी के साथ अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा, 'आपकी गोद में बैठा हूं। आपके दोनों हाथ थामे हुए। आपकी आवाज से ये शब्द सुन रहा हूं और आपके पीछे-पीछे इन्हें दोहरा रहा हूं — असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय, ॐ शांति, शांति, शांति।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'दादी, आपने मुझे कितना सुंदर उपहार दिया है। क्या कमाल का उपहार है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था।'
प्रियंका गांधी वाड्रा का संस्मरण
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी एक्स पर इंदिरा गांधी के साथ अपने बचपन की तस्वीर साझा करते हुए भावपूर्ण शब्दों में उन्हें याद किया। उन्होंने लिखा, 'वह कितनी सुंदर स्त्री थी। आसमान की तरह आजाद, समुद्र की तरह गहरी, धरती की तरह सहनशील और आग से भी अधिक तेजस्वी।' यह संस्मरण इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व की उस छवि को उभारता है जो पारिवारिक स्मृतियों में जीवित है।
खड़गे का श्रद्धांजलि संदेश
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा गांधी के एक भाषण का अंश साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा था, 'जब तक मुझ में सांस है तब तक सेवा ही नहीं जाएगी और जब मेरी जान जाएगी तब मैं ये कह सकती हूं कि एक-एक खून का कतरा जितना मेरा है, वह एक-एक खून का कतरा एक भारत को जीवित करेगा।' खड़गे ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'अदम्य साहस, अटूट संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व की प्रतीक, भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री और हमारी प्रेरणास्रोत इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका समर्पण व आधुनिक भारत के निर्माण में उनका अमूल्य योगदान सदैव हमारी राष्ट्रीय चेतना में जीवंत रहेगा। उनका साहस हमारी प्रेरणा है, उनका बलिदान हमारी अमिट स्मृति।'
ऐतिहासिक संदर्भ
इंदिरा गांधी 1966 से 1977 और पुनः 1980 से 1984 तक भारत की प्रधानमंत्री रहीं। उनके कार्यकाल में 1971 का बांग्लादेश मुक्ति युद्ध, 1975 का आपातकाल और ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसी निर्णायक घटनाएँ हुईं। प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को कांग्रेस इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मनाती है, और नेताओं का शक्ति स्थल पर एकत्र होना पार्टी की एक स्थापित परंपरा रही है। यह आयोजन ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस संसद और राज्यों में अपनी राजनीतिक जड़ें मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।