29 अगस्त 2026
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देवरिया में CM योगी का हमला: 'सपा-कांग्रेस राज में न सुरक्षा थी, न विकास — सिर्फ तुष्टिकरण और लूट'

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देवरिया में CM योगी का हमला: 'सपा-कांग्रेस राज में न सुरक्षा थी, न विकास — सिर्फ तुष्टिकरण और लूट'

सारांश

देवरिया में ₹305 करोड़ की 80 परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए CM योगी ने सपा-कांग्रेस पर इंसेफ्लाइटिस में 50 हजार मौतों की अनदेखी, जेपीएनआईसी में ₹864 करोड़ की कथित बर्बादी और तुष्टिकरण की राजनीति के आरोप लगाए — 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह हमला सियासी तापमान बढ़ाता है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 29 अगस्त 2026 को देवरिया में ₹305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
योगी ने दावा किया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों में इंसेफ्लाइटिस से 50 हजार से अधिक मासूमों की मौत हुई, लेकिन सपा-कांग्रेस के किसी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री ने पीड़ितों का हाल नहीं जाना।
जेपीएनआईसी की प्रारंभिक लागत ₹200 करोड़ थी; सपा सरकार में कथित तौर पर ₹864 करोड़ खर्च हुए और परियोजना अधूरी रही।
योगी ने अखिलेश यादव, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव का नाम लेकर जेपीएनआईसी को निजी कंपनी को सौंपने की कथित साजिश का आरोप लगाया।
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए सपा की प्रतिक्रिया को 'झुंझलाहट' बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अगस्त 2026 को देवरिया में ₹305 करोड़ की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में न सुरक्षा थी, न विकास, न सम्मान और न रोजगार — केवल तुष्टिकरण और लूट थी।

मुख्य आरोप: 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले भी राज्य में सरकार थी, नौकरशाही भी वही थी, लेकिन गरीबों को आवास, बिजली और सड़क तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे और उनकी जर्जर हालत उस समय की सरकारों की विफलता का प्रमाण थी।

योगी ने देवरिया का ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि यही वह भूमि है जहाँ पूज्य राघव बाबा ने कांग्रेस विधायक रहते हुए भी रामजन्मभूमि आंदोलन में हिस्सा लिया था और कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का खुलकर विरोध किया था।

इंसेफ्लाइटिस पर सपा-कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया

मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में दशकों तक फैली इंसेफ्लाइटिस की त्रासदी को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर के बीच देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और बस्ती में भय और दहशत का माहौल रहता था।

योगी ने दावा किया कि 40 वर्षों में 50 हजार से अधिक मासूम बच्चों की मौत हुई, फिर भी सपा या कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री अथवा कांग्रेस का कोई प्रधानमंत्री एक बार भी पीड़ितों का हाल जानने नहीं आया। उन्होंने कहा, 'यह बीमारी नहीं थी, यह बीमार मानसिकता थी उस समय की सरकारों की।'

जेपीएनआईसी घोटाले का आरोप

मुख्यमंत्री ने लखनऊ के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रारंभिक लागत करीब ₹200 करोड़ थी, लेकिन सपा सरकार में इस पर ₹864 करोड़ खर्च कर दिए गए और परियोजना फिर भी अधूरी रह गई।

योगी ने आरोप लगाया कि इसे पूरा करने में अब भी ₹150 से ₹200 करोड़ की आवश्यकता है और सपा की मंशा सरकारी खजाने से ₹900 से ₹1,000 करोड़ खर्च करने के बाद इस केंद्र को एक निजी कंपनी के हवाले करने की थी। उन्होंने दावा किया कि उस कंपनी से डिंपल यादव, अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव का संबंध था। ये आरोप सपा की ओर से अभी तक खंडित नहीं किए गए हैं।

मुफ्त बस यात्रा और अखिलेश पर कटाक्ष

मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब यह सुविधा शुरू हुई तो सपा नेता की 'नींद टूटी' और उन्होंने जल्दबाजी में प्रेस वार्ता बुला ली, जिसमें वे भ्रमित दिखे।

योगी ने यह भी कहा कि सपा सरकार में कब्रिस्तान की बाउंड्री के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जाता था और बेटियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएँ सामान्य थीं। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार के गले पर तलवार रखने जैसी घटनाएँ उस दौर की कानून-व्यवस्था की दशा बताती हैं।

आज का देवरिया: विकास के नए कीर्तिमान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि आज देवरिया विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है। ₹305 करोड़ की 80 परियोजनाओं का यह लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम उसी दिशा में एक कदम बताया गया। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति ही इन दावों की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और जो 2027 विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी। योगी के आरोप तथ्यों पर टिके हैं — इंसेफ्लाइटिस से मौतें और जेपीएनआईसी की लागत-वृद्धि सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज हैं — लेकिन निजी कंपनी-संबंध के दावे अभी सत्यापन की प्रतीक्षा में हैं। असली सवाल यह है कि ₹305 करोड़ की 80 परियोजनाएँ घोषणा से जमीन तक कितनी जल्दी पहुँचती हैं, क्योंकि पूर्वी यूपी में विकास-वादों और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच की खाई मतदाताओं को भली-भाँति याद है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने देवरिया में कितनी परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अगस्त 2026 को देवरिया में ₹305 करोड़ की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में विभिन्न क्षेत्रों का विकास कार्य शामिल है।
योगी ने इंसेफ्लाइटिस को लेकर सपा-कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
योगी ने दावा किया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 वर्षों में इंसेफ्लाइटिस से 50 हजार से अधिक मासूम बच्चों की मौत हुई, फिर भी सपा या कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री अथवा प्रधानमंत्री एक बार भी पीड़ितों का हाल जानने नहीं आया। उन्होंने इसे 'बीमार मानसिकता' बताया।
जेपीएनआईसी विवाद क्या है और योगी ने किस पर आरोप लगाए?
लखनऊ के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) की प्रारंभिक लागत करीब ₹200 करोड़ थी, लेकिन कथित तौर पर सपा सरकार में ₹864 करोड़ खर्च होने के बावजूद परियोजना अधूरी रही। योगी ने आरोप लगाया कि सपा की मंशा इसे एक निजी कंपनी — जिससे अखिलेश यादव, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव का संबंध बताया — को सौंपने की थी।
60 वर्ष से अधिक महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू की है। योगी ने कहा कि इस घोषणा के बाद सपा नेता अखिलेश यादव ने जल्दबाजी में प्रेस वार्ता बुलाई, जिसमें वे भ्रमित दिखे।
2017 से पहले और बाद में उत्तर प्रदेश में क्या अंतर आया — योगी का दावा क्या है?
योगी के अनुसार 2017 से पहले प्रदेश में सरकार, नौकरशाही और राज्य वही था, लेकिन गरीबों को आवास, बिजली, सड़क और रोजगार नहीं मिलता था और स्कूल नकल के अड्डे बने हुए थे। उनका दावा है कि 2017 के बाद सुरक्षा, विकास और सुशासन का माहौल बना है और योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के हर वर्ग तक पहुँच रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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