देवरिया में CM योगी का हमला: 'सपा-कांग्रेस राज में न सुरक्षा थी, न विकास — सिर्फ तुष्टिकरण और लूट'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 अगस्त 2026 को देवरिया में ₹305 करोड़ की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में न सुरक्षा थी, न विकास, न सम्मान और न रोजगार — केवल तुष्टिकरण और लूट थी।
मुख्य आरोप: 2017 से पहले का उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले भी राज्य में सरकार थी, नौकरशाही भी वही थी, लेकिन गरीबों को आवास, बिजली और सड़क तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे और उनकी जर्जर हालत उस समय की सरकारों की विफलता का प्रमाण थी।
योगी ने देवरिया का ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि यही वह भूमि है जहाँ पूज्य राघव बाबा ने कांग्रेस विधायक रहते हुए भी रामजन्मभूमि आंदोलन में हिस्सा लिया था और कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का खुलकर विरोध किया था।
इंसेफ्लाइटिस पर सपा-कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में दशकों तक फैली इंसेफ्लाइटिस की त्रासदी को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर के बीच देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और बस्ती में भय और दहशत का माहौल रहता था।
योगी ने दावा किया कि 40 वर्षों में 50 हजार से अधिक मासूम बच्चों की मौत हुई, फिर भी सपा या कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री अथवा कांग्रेस का कोई प्रधानमंत्री एक बार भी पीड़ितों का हाल जानने नहीं आया। उन्होंने कहा, 'यह बीमारी नहीं थी, यह बीमार मानसिकता थी उस समय की सरकारों की।'
जेपीएनआईसी घोटाले का आरोप
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को लेकर सपा और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रारंभिक लागत करीब ₹200 करोड़ थी, लेकिन सपा सरकार में इस पर ₹864 करोड़ खर्च कर दिए गए और परियोजना फिर भी अधूरी रह गई।
योगी ने आरोप लगाया कि इसे पूरा करने में अब भी ₹150 से ₹200 करोड़ की आवश्यकता है और सपा की मंशा सरकारी खजाने से ₹900 से ₹1,000 करोड़ खर्च करने के बाद इस केंद्र को एक निजी कंपनी के हवाले करने की थी। उन्होंने दावा किया कि उस कंपनी से डिंपल यादव, अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव का संबंध था। ये आरोप सपा की ओर से अभी तक खंडित नहीं किए गए हैं।
मुफ्त बस यात्रा और अखिलेश पर कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब यह सुविधा शुरू हुई तो सपा नेता की 'नींद टूटी' और उन्होंने जल्दबाजी में प्रेस वार्ता बुला ली, जिसमें वे भ्रमित दिखे।
योगी ने यह भी कहा कि सपा सरकार में कब्रिस्तान की बाउंड्री के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जाता था और बेटियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएँ सामान्य थीं। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार के गले पर तलवार रखने जैसी घटनाएँ उस दौर की कानून-व्यवस्था की दशा बताती हैं।
आज का देवरिया: विकास के नए कीर्तिमान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि आज देवरिया विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है। ₹305 करोड़ की 80 परियोजनाओं का यह लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम उसी दिशा में एक कदम बताया गया। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति ही इन दावों की असली कसौटी होगी।