श्रीगंगानगर रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध विस्फोट, स्लीपरों में दरारें; FSL जाँच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के रामसिंहपुर इलाके में मंगलवार रात रेलवे ट्रैक के निकट संदिग्ध विस्फोट जैसी आवाज़ सुनाई दी, जिससे ट्रैक के नीचे लगे दो सीमेंट स्लीपर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सुरक्षा एजेंसियाँ तत्काल हरकत में आईं और मौके पर गहन जाँच शुरू कर दी गई। घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने और रेल परिचालन के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: क्या हुआ रामसिंहपुर में
अनूपगढ़ से सूरतगढ़ की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन के गुजरने के करीब एक घंटे बाद रेलवे ट्रैक के पास संदिग्ध धमाके की आवाज़ सुनाई दी। घटनास्थल पर जाँच करने पर पटरी के नीचे बने दो सीमेंट पिलर टूटे हुए मिले — दोनों को भारी नुकसान पहुँचा है और उनका सरिया बाहर निकला हुआ दिखाई दे रहा है। उल्लेखनीय है कि ट्रैक के लोहे वाले मुख्य हिस्से को कोई क्षति नहीं पहुँची।
गृह राज्यमंत्री की प्रतिक्रिया
राजस्थान सरकार के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने बताया कि घटना से करीब एक घंटे पहले उस मार्ग से एक यात्री ट्रेन गुजरी थी और उसके बाद यह घटना हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक के लोहे वाले हिस्से को नुकसान नहीं हुआ, हालाँकि स्लीपरों में दरारें आई हैं।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, 'जिसने भी इस तरह की हरकत करने का दुस्साहस किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद ही विस्फोट की प्रकृति और इसके पीछे की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। एसपी हरिशंकर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मामले की वैज्ञानिक जाँच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया है।
सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशीलता
गौरतलब है कि श्रीगंगानगर राजस्थान का सरहदी जिला है और रेलवे नेटवर्क यहाँ सामरिक और नागरिक दोनों दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण है। यह ऐसे समय में हुआ है जब देश के विभिन्न हिस्सों में रेल सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। कथित तौर पर घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
आगे की जाँच
अधिकारियों के अनुसार FSL टीम के निष्कर्षों के आधार पर यह तय होगा कि घटना में किसी विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल हुआ था या यह किसी अन्य कारण से हुई। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है और रेल परिचालन बाधित नहीं है। जाँच के बाद ज़िम्मेदार लोगों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।