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सीढ़ियाँ चढ़ना बेहतर फिटनेस का सबसे आसान राज: NHM की सलाह, जानें 6 बड़े स्वास्थ्य लाभ

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सीढ़ियाँ चढ़ना बेहतर फिटनेस का सबसे आसान राज: NHM की सलाह, जानें 6 बड़े स्वास्थ्य लाभ

सारांश

लिफ्ट छोड़ें, सीढ़ियाँ चुनें — यही NHM की सलाह है। हृदय, हड्डियाँ, वजन और मानसिक स्वास्थ्य, सभी पर असर डालने वाली यह मुफ्त 'एक्सरसाइज' शहरी गतिहीन जीवनशैली का सबसे सरल जवाब है।

मुख्य बातें

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने 25 मई को लिफ्ट की जगह सीढ़ियाँ चढ़ने की सलाह दी।
सीढ़ियाँ चढ़ने से हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है।
पैरों की मांसपेशियाँ और हड्डियाँ मजबूत होती हैं, वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।
तनाव कम होता है, मूड बेहतर रहता है और पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है।
NHM की सलाह: ऊँची मंजिल हो तो कुछ मंजिलें सीढ़ियों से चढ़कर शुरुआत करें और धीरे-धीरे आदत बढ़ाएँ।

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने 25 मई को जारी अपनी स्वास्थ्य सलाह में स्पष्ट कहा है कि लिफ्ट और एस्केलेटर की जगह सीढ़ियों का नियमित उपयोग बेहतर फिटनेस और ऊर्जा का सबसे सुलभ जरिया है। NHM के अनुसार, छोटी-छोटी दैनिक आदतें ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य में बड़ा बदलाव लाती हैं, और सीढ़ियाँ चढ़ना इसी सोच का व्यावहारिक उदाहरण है।

मशीनों पर बढ़ती निर्भरता और घटती शारीरिक सक्रियता

आधुनिक जीवनशैली में लिफ्ट, एस्केलेटर और अन्य स्वचालित उपकरणों ने रोज़मर्रा की शारीरिक गतिविधियों को काफी हद तक सीमित कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुविधा भले ही समय बचाती हो, लेकिन शरीर की स्वाभाविक सक्रियता को धीरे-धीरे कम कर देती है। NHM ने इसी प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए लोगों को सीढ़ियों की ओर प्रोत्साहित करने की अपील की है।

सीढ़ियाँ चढ़ने के 6 प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

NHM और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सीढ़ियाँ चढ़ना एक ऐसा व्यायाम है जिसके लिए किसी उपकरण या जिम की जरूरत नहीं। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

हृदय स्वास्थ्य: नियमित रूप से सीढ़ियाँ चढ़ने से हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। साथ ही कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी संतुलित बना रहता है।

मांसपेशियाँ और हड्डियाँ: सीढ़ियाँ चढ़ने से पैरों की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और हड्डियों का घनत्व बेहतर रहता है, जो दीर्घकाल में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों से बचाव में सहायक हो सकता है।

वजन नियंत्रण: यह गतिविधि कैलोरी जलाने में मदद करती है और शरीर की सहनशक्ति बढ़ाती है, जिससे वजन प्रबंधन में सुविधा होती है।

ऊर्जा और स्फूर्ति: विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह सीढ़ियाँ चढ़कर दिन की शुरुआत करने से पूरे दिन अधिक सक्रियता और तरोताजापन महसूस होता है।

श्वसन स्वास्थ्य: नियमित सीढ़ी-चढ़ाई से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांस संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य: शारीरिक गतिविधि से एंडोर्फिन का स्राव होता है, जिससे तनाव कम होता है और मूड बेहतर रहता है।

NHM की व्यावहारिक सलाह

नेशनल हेल्थ मिशन ने सुझाव दिया है कि जहाँ भी संभव हो, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का चुनाव करें। यदि कार्यालय कई मंजिल ऊपर है, तो शुरुआत में कुछ मंजिलें सीढ़ियों से चढ़ें और धीरे-धीरे इस आदत को विस्तार दें। यह 'स्टेप-बाय-स्टेप' दृष्टिकोण उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो व्यस्त दिनचर्या में अलग से व्यायाम के लिए समय नहीं निकाल पाते।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 'एक्टिव बॉडी' बनाए रखने के लिए इस तरह की छोटी आदतें बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब शहरी आबादी में गतिहीन जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ — जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापा — तेज़ी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि सीढ़ियाँ चढ़ना एक ऐसी गतिविधि है जो बिना किसी अतिरिक्त लागत या समय के दैनिक जीवन में शामिल की जा सकती है।

आगे की राह

NHM की यह पहल स्वस्थ भारत अभियान के व्यापक लक्ष्यों से जुड़ी है, जिसमें नागरिकों को सरल और टिकाऊ स्वास्थ्य आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस आदत को स्कूलों, कार्यालयों और आवासीय परिसरों में सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती जागरूकता से परे है — शहरी इमारतों में सीढ़ियाँ अक्सर अंधेरी, असुरक्षित या दुर्गम होती हैं, जो लोगों को लिफ्ट की ओर धकेलती हैं। केवल अपील से आदत नहीं बदलती; सार्वजनिक और निजी इमारतों में सीढ़ियों को सुरक्षित, साफ और प्रोत्साहन-योग्य बनाना नीतिगत जिम्मेदारी है। गतिहीन जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का बोझ स्वास्थ्य बजट पर बढ़ रहा है — इस संदर्भ में NHM का यह संदेश महत्वपूर्ण है, पर इसे अभियान की शक्ल देने की जरूरत है, महज सोशल मीडिया पोस्ट की नहीं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीढ़ियाँ चढ़ने से सेहत को क्या-क्या फायदे होते हैं?
NHM के अनुसार, सीढ़ियाँ चढ़ने से हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है, पैरों की मांसपेशियाँ और हड्डियाँ मजबूत होती हैं, वजन नियंत्रित रहता है और तनाव कम होता है। यह बिना किसी उपकरण या जिम के किया जा सकने वाला प्रभावी दैनिक व्यायाम है।
NHM ने लिफ्ट की जगह सीढ़ियाँ चढ़ने की सलाह क्यों दी?
नेशनल हेल्थ मिशन का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में मशीनों पर बढ़ती निर्भरता शारीरिक गतिविधियों को कम कर रही है, जिससे गतिहीन जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ रही हैं। छोटी आदतों में बदलाव — जैसे सीढ़ियाँ चुनना — दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर बड़ा सकारात्मक असर डाल सकता है।
अगर ऑफिस बहुत ऊँची मंजिल पर हो तो क्या करें?
NHM ने सुझाव दिया है कि यदि मंजिल बहुत ऊँची हो तो शुरुआत में कुछ मंजिलें ही सीढ़ियों से चढ़ें और धीरे-धीरे इस आदत को बढ़ाएँ। पूरी मंजिल एक साथ चढ़ना जरूरी नहीं — क्रमिक शुरुआत भी फायदेमंद है।
क्या सीढ़ियाँ चढ़ना हृदय रोगियों के लिए सुरक्षित है?
स्वस्थ व्यक्तियों के लिए सीढ़ियाँ चढ़ना एक उत्तम व्यायाम है, लेकिन हृदय रोग, घुटने की समस्या या अन्य गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को यह आदत अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। NHM की सलाह सामान्य जनता के लिए है।
सीढ़ियाँ चढ़ने से मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, शारीरिक गतिविधि से एंडोर्फिन का स्राव होता है जो तनाव कम करता है और मूड बेहतर बनाता है। सुबह सीढ़ियाँ चढ़कर दिन शुरू करने से पूरे दिन अधिक सक्रियता और मानसिक स्फूर्ति महसूस होती है।
राष्ट्र प्रेस
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