15 अगस्त 2026
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80वें स्वतंत्रता दिवस पर एमके स्टालिन का आह्वान: बहुलवाद, समानता और प्रगति से बनेगा नया भारत

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर एमके स्टालिन का आह्वान: बहुलवाद, समानता और प्रगति से बनेगा नया भारत

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने एक्स के जरिए देश को संदेश दिया — प्रतिगामी प्रथाओं को नकारो, बहुलवाद को थामो। यह संदेश सिर्फ शुभकामना नहीं, DMK की वैचारिक प्राथमिकताओं का सार्वजनिक पुनर्कथन है।

मुख्य बातें

DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर एक्स के माध्यम से देशवासियों को संदेश दिया।
स्टालिन ने बहुलवाद, समानता, बंधुत्व और प्रगति पर आधारित राष्ट्र-निर्माण का आह्वान किया।
उन्होंने प्रतिगामी प्रवृत्तियों और पुरातन प्रथाओं को जड़ से उखाड़ने की अपील की।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में तिरंगा फहराया।
राज्य भर में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में समारोह, परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र से एकता, समानता और बंधुत्व की राह पर चलने का आग्रह किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में नागरिकों से प्रतिगामी प्रवृत्तियों को नकारते हुए एक समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

स्टालिन का संदेश: क्या कहा

स्टालिन ने अपने संदेश में कहा, "भारत को अपनी बहुलवादी प्रकृति और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखते हुए प्रतिगामी प्रवृत्तियों और अप्रचलित प्रथाओं को अस्वीकार करना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा, "आइए हमारा भारत प्रतिगामी प्रवृत्तियों और पुरातन प्रथाओं को जड़ से उखाड़ फेंके और गर्व से बहुलवाद और एकता को कायम रखे।"

DMK नेता ने यह भी रेखांकित किया कि ज्ञान, ऊर्जा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता ही भारत के भविष्य की नींव बनेगी। उन्होंने कहा, "हमारे राष्ट्र की उज्ज्वल भविष्य की यात्रा सफल हो, जहां लाखों लोगों के सपने साकार हों। आइए, ज्ञान और ऊर्जा से कल का निर्माण करें और समानता, बंधुत्व, प्रगति और मानवता के मूल्यों के साथ मिलकर आगे बढ़ें।"

DMK की विचारधारा और संदेश का संदर्भ

स्टालिन का यह संदेश विशेष रूप से सामाजिक न्याय और समावेशिता पर केंद्रित रहा, जो DMK की दीर्घकालिक राजनीतिक विचारधारा के मूल में है। बहुलवाद की रक्षा और प्रतिगामी प्रथाओं को नकारने की उनकी अपील पार्टी के उस रुख को दोहराती है जो विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और समान अवसरों पर जोर देती है।

गौरतलब है कि यह संदेश ऐसे समय आया जब पूरे देश में 80वें स्वतंत्रता दिवस को देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जा रहा था और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे।

चेन्नई में स्वतंत्रता दिवस समारोह

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में तिरंगा फहराया और स्वतंत्रता दिवस पर अपना भाषण दिया। राज्य भर में सरकारी संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और आम जनता की भागीदारी से समारोहों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परेडों का आयोजन किया गया।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष में प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।

स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरणा का आग्रह

स्टालिन ने नागरिकों से स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से प्रेरणा लेने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रगतिशील, दयालु और समावेशी भारत के निर्माण हेतु सामूहिक रूप से काम करने का अनुरोध किया। उनका यह संदेश DMK के उस दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है जो संवैधानिक मूल्यों को राष्ट्र-निर्माण की आधारशिला मानता है।

आने वाले समय में देखना होगा कि स्टालिन का यह आह्वान तमिलनाडु की राजनीति और राष्ट्रीय विमर्श पर किस रूप में असर डालता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'प्रतिगामी प्रवृत्तियों' और 'पुरातन प्रथाओं' जैसे पदों का चुनाव स्पष्ट रूप से DMK के चिर-परिचित वैचारिक मोर्चे को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र-राज्य संबंध और भाषा-नीति को लेकर तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच तनाव बना हुआ है। स्वतंत्रता दिवस के मंच का उपयोग कर DMK ने एक बार फिर सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों को अपनी पहचान का केंद्र बनाया — यह रणनीति उतनी ही राजनीतिक है जितनी वैचारिक।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमके स्टालिन ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर क्या संदेश दिया?
DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 15 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट किए संदेश में देशवासियों से बहुलवाद, समानता, बंधुत्व और प्रगति के मूल्यों पर आधारित भारत के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने प्रतिगामी प्रवृत्तियों और पुरातन प्रथाओं को नकारने की भी अपील की।
स्टालिन का यह संदेश DMK की विचारधारा से कैसे जुड़ता है?
स्टालिन का संदेश सामाजिक न्याय और समावेशिता पर केंद्रित रहा, जो DMK की दीर्घकालिक राजनीतिक विचारधारा का मूल आधार है। बहुलवाद और संवैधानिक मूल्यों पर जोर पार्टी के उस रुख को दोहराता है जो विविधता और समान अवसरों की पैरोकारी करता है।
तमिलनाडु में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर क्या हुआ?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में तिरंगा फहराया और भाषण दिया। राज्य भर में स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और आम जनता की भागीदारी से समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और परेड आयोजित किए गए।
स्टालिन ने 'प्रतिगामी प्रवृत्तियों' से क्या आशय लिया?
स्टालिन ने अपने संदेश में 'प्रतिगामी प्रवृत्तियों और पुरातन प्रथाओं' को जड़ से उखाड़ने की बात कही, हालांकि उन्होंने किसी विशेष प्रथा या नीति का नाम नहीं लिया। यह DMK की उस व्यापक विचारधारा के अनुरूप है जो सामाजिक सुधार और संवैधानिक मूल्यों को प्राथमिकता देती है।
स्वतंत्रता दिवस पर अन्य नेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही?
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष में बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। तमिलनाडु में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व में राजकीय समारोह आयोजित हुए।
राष्ट्र प्रेस
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