यूपी मुख्य सचिव एसपी गोयल का निर्देश: स्टाम्प वाद, फार्मर रजिस्ट्री और ज्ञान भारत मिशन में तेजी लाएं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने 20 मई 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की, जिसमें लंबित स्टाम्प वादों के त्वरित निस्तारण, किसानों की शत-प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री और केंद्र सरकार के 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। यह बैठक लखनऊ से संचालित हुई और इसमें राज्य के विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग: लंबित मामलों पर सख्ती
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में खसरावार मूल्यांकन के लिए सड़क और आबादी के निकट स्थित गाटों की प्रविष्टियाँ प्रेरणा पोर्टल पर लंबित हैं, उन्हें शीघ्र अपलोड कराया जाए। उन्होंने वाराणसी, गौतमबुद्ध नगर, गोरखपुर, चंदौली, गाजीपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, रामपुर, मऊ और पीलीभीत में लंबे समय से मूल्यांकन सूची का पुनरीक्षण लंबित रहने पर नाराजगी जताई और तत्काल पुनरीक्षण के आदेश दिए।
गोयल ने स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा एआईजी न्यायालय में लंबित स्टाम्प वादों का तेज़ी से निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि राजस्व से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी न हो। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्टाम्प राजस्व संग्रह को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
उप निबंधक कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन
बैठक में उप निबंधक कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन का मुद्दा भी उठा। मुख्य सचिव ने आगरा, फिरोजाबाद, रामपुर, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, उन्नाव, बस्ती, बांदा, बिजनौर, महराजगंज, मुरादाबाद, मेरठ, मैनपुरी, लखीमपुर खीरी, गौतमबुद्ध नगर और मथुरा के जिलाधिकारियों को लंबित मामलों में उपयुक्त भूमि चिन्हित कर शीघ्र आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि कई जिलों में उप निबंधक कार्यालयों के पास स्वयं का भवन न होने से आम नागरिकों को असुविधा होती है।
ज्ञान भारत मिशन: पांडुलिपियों का डिजिटल संरक्षण
मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार के 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत देश की सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर को संरक्षित करने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शिक्षण संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध दुर्लभ पांडुलिपियों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस कार्य में तेजी लाई जाए ताकि इन अमूल्य दस्तावेजों का डिजिटल संरक्षण समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित हो सके। उत्तर प्रदेश में मठों, मंदिरों और पुराने पुस्तकालयों में बड़ी संख्या में दुर्लभ पांडुलिपियाँ मौजूद हैं, जिनके संरक्षण की दिशा में यह मिशन एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किसानों की फार्मर रजिस्ट्री: शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान चलाकर राज्य के सभी किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। यह रजिस्ट्री किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने और कृषि संबंधी डेटाबेस को सुदृढ़ करने के लिहाज से अहम है।
आगे की कार्रवाई के रूप में संबंधित जिलाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित समय-सीमा में इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें और प्रगति रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं।