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गन्ना नियंत्रण मसौदा आदेश वापस: केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह ने बताया स्वागत योग्य कदम

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गन्ना नियंत्रण मसौदा आदेश वापस: केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह ने बताया स्वागत योग्य कदम

सारांश

केंद्र सरकार ने गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 का मसौदा वापस लेकर संकेत दिया कि नीति-निर्माण में हितधारकों की राय मायने रखती है। साथ ही सीसीईए ने FRP में 2.81% वृद्धि कर ₹365 प्रति क्विंटल तय किया — किसानों के लिए राहत, पर संशोधित मसौदे का इंतज़ार बाकी।

मुख्य बातें

गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 का मसौदा राज्य सरकारों और हितधारकों के फीडबैक के बाद वापस लिया गया।
केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह ने इस फैसले को 'बातचीत पर आधारित नीति-निर्माण' का प्रमाण बताया।
सीसीईए ने चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल — यानी 2.81 प्रतिशत की वृद्धि — तय किया।
9.5 प्रतिशत से कम रिकवरी वाली मिलों के किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल मिलेगा, कोई कटौती नहीं।
नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी; संशोधित मसौदे की समयसीमा अभी अघोषित।

केंद्र सरकार ने गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे को वापस लेने का निर्णय किया है, जिसे कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत सिंह ने स्वागत योग्य कदम बताया है। राज्य सरकारों और विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों और फीडबैक के बाद उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने यह कदम उठाया।

मंत्री की प्रतिक्रिया

मंत्री जयंत सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा कि किसानों, गुड़-खांडसारी उद्योग और विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों को गंभीरता से लेते हुए 'इस ड्राफ्ट पर फिर से विचार करने का फैसला बातचीत पर आधारित नीति-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।' उनका यह बयान किसान-केंद्रित नीति-निर्माण की दिशा में सरकार के रुख को रेखांकित करता है।

मसौदा वापसी का आधिकारिक आदेश

आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 का मसौदा 'इसके द्वारा वापस लिया जाता है।' विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई से पहले ड्राफ्ट आदेश पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। यह सूचना कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, उपभोक्ता मामले विभाग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय और कानूनी मामले विभाग सहित कई मंत्रालयों को भेजी गई।

गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य

इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने चीनी सत्र 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर पर गन्ने के 'उचित और लाभकारी मूल्य' (FRP) में 2.81 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी, जिससे यह मूल्य ₹365 प्रति क्विंटल हो गया।

सीसीईए बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 10.25 प्रतिशत से ऊपर रिकवरी में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की वृद्धि पर ₹3.56 प्रति क्विंटल का प्रीमियम मिलेगा, जबकि रिकवरी में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की कमी पर उतनी ही कटौती होगी।

कमज़ोर रिकवरी वाले किसानों को राहत

गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम है, उनके मामले में कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को चीनी सत्र 2026-27 में गन्ने के लिए ₹338.3 प्रति क्विंटल मिलेंगे। यह FRP 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।

आगे क्या होगा

मसौदा वापस लिए जाने के बाद अब सरकार हितधारकों के सुझावों को समाहित कर संशोधित मसौदा तैयार करेगी। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब गन्ना उत्पादक राज्यों में किसान संगठनों और चीनी मिल मालिकों दोनों की ओर से नीतिगत स्पष्टता की माँग बढ़ रही थी। संशोधित आदेश का स्वरूप और समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा संशोधित आदेश के स्वरूप में होगी — खासकर तब जब गुड़-खांडसारी उद्योग और चीनी मिलों के हित अक्सर टकराते हैं। FRP में 2.81% की वृद्धि किसानों के लिए राहत है, पर आलोचकों का कहना है कि यह बढ़ती उत्पादन लागत के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। गन्ना नीति में बार-बार होने वाले इन संशोधनों से उद्योग में अनिश्चितता बनी रहती है, जो दीर्घकालिक निवेश को प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 का मसौदा क्यों वापस लिया गया?
राज्य सरकारों, गुड़-खांडसारी उद्योग और अन्य हितधारकों से परामर्श प्रक्रिया के दौरान मिले सुझावों और आपत्तियों के बाद खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने मसौदे को वापस लेने का फैसला किया। आगे की कार्रवाई से पहले इस पर नए सिरे से विचार किया जाएगा।
चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का FRP कितना तय हुआ है?
सीसीईए ने 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर पर गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले सत्र की तुलना में 2.81 प्रतिशत अधिक है। यह दर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी।
कम रिकवरी वाली चीनी मिलों के किसानों को कितना मिलेगा?
जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम है, वहाँ के किसानों को चीनी सत्र 2026-27 में ₹338.3 प्रति क्विंटल मिलेगा और कोई कटौती नहीं की जाएगी। यह प्रावधान गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया है।
केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह ने मसौदा वापसी पर क्या कहा?
कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह फैसला 'बातचीत पर आधारित नीति-निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता' को दर्शाता है। उन्होंने इसे किसानों और उद्योग के हित में स्वागत योग्य कदम बताया।
रिकवरी दर से ऊपर या नीचे होने पर किसानों को क्या मिलेगा?
10.25 प्रतिशत की मूल दर से ऊपर प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की वृद्धि पर किसानों को ₹3.56 प्रति क्विंटल का प्रीमियम मिलेगा। इसी तरह, रिकवरी में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की कमी पर ₹3.56 प्रति क्विंटल की कटौती होगी, हालाँकि 9.5 प्रतिशत से कम रिकवरी पर कोई कटौती नहीं होगी।
राष्ट्र प्रेस
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