गन्ना नियंत्रण मसौदा आदेश वापस: केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह ने बताया स्वागत योग्य कदम
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 के मसौदे को वापस लेने का निर्णय किया है, जिसे कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत सिंह ने स्वागत योग्य कदम बताया है। राज्य सरकारों और विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों और फीडबैक के बाद उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने यह कदम उठाया।
मंत्री की प्रतिक्रिया
मंत्री जयंत सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा कि किसानों, गुड़-खांडसारी उद्योग और विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों को गंभीरता से लेते हुए 'इस ड्राफ्ट पर फिर से विचार करने का फैसला बातचीत पर आधारित नीति-निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।' उनका यह बयान किसान-केंद्रित नीति-निर्माण की दिशा में सरकार के रुख को रेखांकित करता है।
मसौदा वापसी का आधिकारिक आदेश
आधिकारिक आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया कि गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 2026 का मसौदा 'इसके द्वारा वापस लिया जाता है।' विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की कार्रवाई से पहले ड्राफ्ट आदेश पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। यह सूचना कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, उपभोक्ता मामले विभाग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय और कानूनी मामले विभाग सहित कई मंत्रालयों को भेजी गई।
गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य
इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने चीनी सत्र 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर पर गन्ने के 'उचित और लाभकारी मूल्य' (FRP) में 2.81 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी, जिससे यह मूल्य ₹365 प्रति क्विंटल हो गया।
सीसीईए बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 10.25 प्रतिशत से ऊपर रिकवरी में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की वृद्धि पर ₹3.56 प्रति क्विंटल का प्रीमियम मिलेगा, जबकि रिकवरी में प्रत्येक 0.1 प्रतिशत की कमी पर उतनी ही कटौती होगी।
कमज़ोर रिकवरी वाले किसानों को राहत
गन्ना किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम है, उनके मामले में कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को चीनी सत्र 2026-27 में गन्ने के लिए ₹338.3 प्रति क्विंटल मिलेंगे। यह FRP 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा।
आगे क्या होगा
मसौदा वापस लिए जाने के बाद अब सरकार हितधारकों के सुझावों को समाहित कर संशोधित मसौदा तैयार करेगी। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब गन्ना उत्पादक राज्यों में किसान संगठनों और चीनी मिल मालिकों दोनों की ओर से नीतिगत स्पष्टता की माँग बढ़ रही थी। संशोधित आदेश का स्वरूप और समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।