सुखबीर बादल का आरोप: पंजाब में प्रशासन ध्वस्त, भगवंत मान 'मैदान छोड़ भागे'
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने 28 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को 2027 के विधानसभा चुनाव में हार का अहसास होते ही वे जनता के सामने से गायब हो गए हैं।
मुख्य आरोप और दावे
बादल ने कहा कि पंजाब में कोई 'कमांडर' नहीं बचा, जिसकी वजह से पुलिस मनमर्ज़ी पर उतर आई है। उन्होंने मानसा में हुई दलजीत सिंह मामले का विशेष उल्लेख किया, जिसमें कथित तौर पर पुलिस ने मृतक के पार्थिव शरीर को परिवार से जबरन छीन लिया और इस प्रक्रिया में परिजनों के साथ मारपीट भी की। बादल ने कहा कि पंजाब ने आज तक ऐसी स्थिति नहीं देखी।
गठबंधन पर शिअद का रुख
मीडिया के एक सवाल पर बादल ने स्पष्ट किया कि शिअद किसी भी ऐसे राजनीतिक दल के साथ गठबंधन के लिए तैयार है जो पार्टी की विचारधाराओं और नीतियों को मान्यता दे। उन्होंने दोहराया कि शिअद कभी भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) या आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ चुनावी समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब भी कोई प्रस्ताव आएगा, पार्टी उस पर विचार करेगी।
पंजाब यात्रा स्थगित
शिअद नेता दलजीत सिंह चीमा ने घोषणा की कि पार्टी की प्रस्तावित 'पंजाब यात्रा', जो पहले 10 नवंबर को शुरू होनी थी, अब 15 नवंबर 2026 से आरंभ होगी। उन्होंने बताया कि त्योहारों के मौसम और किसानों की फसल बिक्री की व्यस्तता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यात्रा का नेतृत्व स्वयं बादल करेंगे।
मानवाधिकार आयोग में शिकायत
चीमा ने बताया कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब मानवाधिकार आयोग से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल मानसा में दलजीत सिंह के मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग करेगा। इसके अलावा, राज्य में पुलिस की मनमानी के अन्य मामले भी आयोग के समक्ष रखे जाएंगे।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव नज़दीक आने के साथ विपक्षी दलों ने AAP सरकार पर हमले तेज़ कर दिए हैं। गौरतलब है कि शिअद 2022 के चुनाव में बुरी तरह परास्त हुई थी और तब से पार्टी अपनी राजनीतिक ज़मीन वापस पाने की कोशिश में है। बादल का यह आक्रामक रवैया पार्टी की 2027 से पहले पुनरुत्थान की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आगे के हफ्तों में पंजाब यात्रा के ज़रिए शिअद अपनी जनाधार मज़बूत करने का प्रयास करेगी।