2 अगस्त 2026
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सुल्तानगंज स्टेशन पर आरपीएफ जवान मृत्युंजय कुमार ने बचाई दो कांवड़ियों की जान, विक्रमशिला एक्सप्रेस से गिरने से रोका

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सुल्तानगंज स्टेशन पर आरपीएफ जवान मृत्युंजय कुमार ने बचाई दो कांवड़ियों की जान, विक्रमशिला एक्सप्रेस से गिरने से रोका

सारांश

श्रावणी मेले की भीड़ में एक आरपीएफ सिपाही की सतर्कता ने दो कांवड़ियों को चलती विक्रमशिला एक्सप्रेस से गिरने से बचाया। सुल्तानगंज स्टेशन पर मृत्युंजय कुमार की यह त्वरित कार्रवाई बताती है कि प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी धार्मिक भीड़ में कितने अहम होते हैं।

मुख्य बातें

आरपीएफ सिपाही मृत्युंजय कुमार ने 2 अगस्त को सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर दो कांवड़ियों की जान बचाई।
दोनों श्रद्धालु चलती ट्रेन संख्या 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतरने की कोशिश में संतुलन खो रहे थे।
मालदा रेल मंडल ने डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के निर्देश पर श्रावणी मेले के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
आरपीएफ तैनाती और सुरक्षा प्रबंधन सहायक सुरक्षा आयुक्त बरुण कुमार बेहरा की देखरेख में है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने का प्रयास न करें।

श्रावणी मेले के दौरान बिहार के भागलपुर जिले में स्थित सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर 2 अगस्त को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सिपाही मृत्युंजय कुमार की सूझबूझ और साहसिक कदम ने दो कांवड़ियों को गंभीर हादसे से बचा लिया। चलती ट्रेन संख्या 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतरने की कोशिश में दोनों श्रद्धालुओं का संतुलन बिगड़ गया था, जिसे सिपाही मृत्युंजय ने समय रहते थाम लिया।

घटनाक्रम: कैसे बची जान

सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर विक्रमशिला एक्सप्रेस जैसे ही रवाना हुई, दो कांवड़िये चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास करने लगे। पहले श्रद्धालु के उतरने के बाद दूसरा उसकी मदद करने लगा, जिससे दोनों का संतुलन एक साथ बिगड़ गया। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ सिपाही मृत्युंजय कुमार ने तत्काल स्थिति भाँपते हुए दोनों को थाम लिया और उन्हें सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर उतारा।

रेलवे अधिकारियों की सराहना

रेलवे अधिकारियों ने सिपाही मृत्युंजय कुमार की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और साहस की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। अधिकारियों के अनुसार श्रावणी मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे और आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के तहत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, निरंतर निगरानी और यात्री जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

सुरक्षा प्रबंधन और तैयारी

मालदा रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता के निर्देश पर विभिन्न स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत किया गया है। आरपीएफ जवानों की तैनाती और सुरक्षा प्रबंधन सहायक सुरक्षा आयुक्त एवं प्रभारी बरुण कुमार बेहरा के पर्यवेक्षण में संचालित हो रहा है। गौरतलब है कि श्रावणी मेले से पूर्व एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें सुरक्षा के कई पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई थी।

यात्रियों से अपील

मालदा रेल मंडल ने सभी यात्रियों और श्रद्धालुओं से स्पष्ट अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब श्रावणी मेले में बड़ी संख्या में कांवड़िये सुल्तानगंज पहुँच रहे हैं और रेलवे पर यात्री दबाव असामान्य रूप से अधिक है।

आगे की राह

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने श्रावणी मेले की समाप्ति तक हर प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त संख्या में आरपीएफ जवानों की तैनाती जारी रखने का निर्णय लिया है। सिपाही मृत्युंजय कुमार की यह कार्रवाई एक बार फिर यह रेखांकित करती है कि सतर्क और प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में जीवन-रक्षक भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक गहरी समस्या की ओर भी इशारा करती है — श्रावणी मेले जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालु बार-बार चलती ट्रेन से चढ़ने-उतरने का जोखिम उठाते हैं, जो सुरक्षा जागरूकता की कमी को उजागर करता है। रेलवे की तैयारी और जवानों की तैनाती सराहनीय है, परंतु असली सवाल यह है कि क्या यात्री व्यवहार बदलने के लिए केवल अपीलें पर्याप्त हैं। जब तक प्लेटफॉर्म पर भौतिक अवरोध, सख्त प्रवर्तन और स्थानीय भाषा में प्रभावी जागरूकता अभियान नहीं चलाए जाते, ऐसी घटनाएँ हर मेले में दोहराई जाती रहेंगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुल्तानगंज स्टेशन पर आरपीएफ सिपाही ने कैसे बचाई कांवड़ियों की जान?
2 अगस्त को सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर विक्रमशिला एक्सप्रेस के रवाना होते समय दो कांवड़िये चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में संतुलन खो बैठे। आरपीएफ सिपाही मृत्युंजय कुमार ने तुरंत दोनों को थामकर सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर उतार दिया।
श्रावणी मेले में रेलवे ने क्या सुरक्षा इंतजाम किए हैं?
मालदा रेल मंडल ने डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के निर्देश पर हर प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ जवानों की अतिरिक्त तैनाती, निरंतर निगरानी और यात्री जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। सुरक्षा प्रबंधन सहायक सुरक्षा आयुक्त बरुण कुमार बेहरा की देखरेख में संचालित हो रहा है।
चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश क्यों खतरनाक है?
चलती ट्रेन से उतरते समय संतुलन बिगड़ने पर यात्री प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर सकते हैं, जो जानलेवा हो सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
विक्रमशिला एक्सप्रेस क्या है और यह किस रूट पर चलती है?
विक्रमशिला एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12368) बिहार के भागलपुर क्षेत्र से गुजरने वाली एक प्रमुख ट्रेन है। सुल्तानगंज इसके रूट पर पड़ने वाला महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहाँ श्रावणी मेले के दौरान कांवड़ियों की भारी भीड़ रहती है।
श्रावणी मेले में सुल्तानगंज का क्या महत्व है?
सुल्तानगंज बिहार में गंगा नदी के किनारे स्थित है और श्रावण माह में कांवड़ियों के लिए प्रमुख जल-संग्रह स्थल है। यहाँ से लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर देवघर (झारखंड) के बाबा बैद्यनाथ मंदिर तक पैदल यात्रा करते हैं, जिससे रेलवे स्टेशन पर असामान्य भीड़ रहती है।
राष्ट्र प्रेस
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