सुल्तानगंज स्टेशन पर आरपीएफ जवान मृत्युंजय कुमार ने बचाई दो कांवड़ियों की जान, विक्रमशिला एक्सप्रेस से गिरने से रोका
सारांश
मुख्य बातें
श्रावणी मेले के दौरान बिहार के भागलपुर जिले में स्थित सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पर 2 अगस्त को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सिपाही मृत्युंजय कुमार की सूझबूझ और साहसिक कदम ने दो कांवड़ियों को गंभीर हादसे से बचा लिया। चलती ट्रेन संख्या 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस से उतरने की कोशिश में दोनों श्रद्धालुओं का संतुलन बिगड़ गया था, जिसे सिपाही मृत्युंजय ने समय रहते थाम लिया।
घटनाक्रम: कैसे बची जान
सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर विक्रमशिला एक्सप्रेस जैसे ही रवाना हुई, दो कांवड़िये चलती ट्रेन से उतरने का प्रयास करने लगे। पहले श्रद्धालु के उतरने के बाद दूसरा उसकी मदद करने लगा, जिससे दोनों का संतुलन एक साथ बिगड़ गया। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ सिपाही मृत्युंजय कुमार ने तत्काल स्थिति भाँपते हुए दोनों को थाम लिया और उन्हें सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर उतारा।
रेलवे अधिकारियों की सराहना
रेलवे अधिकारियों ने सिपाही मृत्युंजय कुमार की सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और साहस की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। अधिकारियों के अनुसार श्रावणी मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे और आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी के तहत अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, निरंतर निगरानी और यात्री जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
सुरक्षा प्रबंधन और तैयारी
मालदा रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) मनीष कुमार गुप्ता के निर्देश पर विभिन्न स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक रूप से मजबूत किया गया है। आरपीएफ जवानों की तैनाती और सुरक्षा प्रबंधन सहायक सुरक्षा आयुक्त एवं प्रभारी बरुण कुमार बेहरा के पर्यवेक्षण में संचालित हो रहा है। गौरतलब है कि श्रावणी मेले से पूर्व एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी, जिसमें सुरक्षा के कई पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई थी।
यात्रियों से अपील
मालदा रेल मंडल ने सभी यात्रियों और श्रद्धालुओं से स्पष्ट अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब श्रावणी मेले में बड़ी संख्या में कांवड़िये सुल्तानगंज पहुँच रहे हैं और रेलवे पर यात्री दबाव असामान्य रूप से अधिक है।
आगे की राह
पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने श्रावणी मेले की समाप्ति तक हर प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त संख्या में आरपीएफ जवानों की तैनाती जारी रखने का निर्णय लिया है। सिपाही मृत्युंजय कुमार की यह कार्रवाई एक बार फिर यह रेखांकित करती है कि सतर्क और प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में जीवन-रक्षक भूमिका निभा सकते हैं।