4 नवंबर 2026
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'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर एनसीपी का कांग्रेस पर हमला, सुनेत्रा पवार के लिए सार्वजनिक माफी की मांग

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'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी पर एनसीपी का कांग्रेस पर हमला, सुनेत्रा पवार के लिए सार्वजनिक माफी की मांग

सारांश

बीड दौरे के एक वायरल वीडियो पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष की 'गूंगी गुड़िया' टिप्पणी ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। एनसीपी की यूपी इकाई ने इसे महिला विरोधी मानसिकता बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है — और चेतावनी दी है कि बिना माफी के कांग्रेस के महिला सशक्तीकरण के दावे खोखले साबित होंगे।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सोशल मीडिया पर 'गूंगी गुड़िया' कहा, जिससे राजनीतिक विवाद भड़क उठा।
विवाद की शुरुआत बीड जिले में सुनेत्रा पवार के दौरे के एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें एक पूर्व मंत्री ने उन्हें मीडिया के सवालों का जवाब देने से कथित तौर पर रोका।
एनसीपी उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव आनंद सिंह ने 5 अगस्त को कांग्रेस के केंद्रीय व महाराष्ट्र नेतृत्व से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की।
सपकाल ने सफाई दी कि 'गूंगी गुड़िया' शब्द पूर्व में इंदिरा गांधी के लिए भी इस्तेमाल हुआ था और उनका इरादा अपमान करना नहीं था।
एनसीपी ने चेतावनी दी कि माफी न मिलने पर कांग्रेस के महिला सशक्तीकरण के दावे 'केवल राजनीतिक नारे' बनकर रह जाएँगे।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की उत्तर प्रदेश इकाई ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहे जाने को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है और 5 अगस्त को जारी बयान में कांग्रेस के केंद्रीय व महाराष्ट्र नेतृत्व से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है। पार्टी ने इस कथित टिप्पणी को महिला विरोधी मानसिकता का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया है।

विवाद की जड़: बीड दौरे का वायरल वीडियो

यह विवाद महाराष्ट्र के बीड जिले में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के एक सरकारी दौरे के दौरान उपजा। सुनेत्रा पवार बीड जिले की प्रभारी मंत्री हैं। दौरे के दौरान जब मीडिया ने उनसे जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछा, तो वहाँ मौजूद एक पूर्व मंत्री ने कथित तौर पर उन्हें जवाब देने से रोक दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।

इसी वीडियो को महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' की संज्ञा दी और सवाल उठाया कि उन्होंने मीडिया के सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया। इस टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई।

एनसीपी की तीखी प्रतिक्रिया

एनसीपी उत्तर प्रदेश के प्रदेश महासचिव आनंद सिंह ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष हरिश्चंद्र के नेतृत्व में इस कथित अमर्यादित टिप्पणी का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने कहा, "किसी सम्मानित महिला जनप्रतिनिधि के लिए 'गूंगी गुड़िया' जैसे शब्दों का इस्तेमाल न केवल उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर आघात है, बल्कि देश की समूची महिला शक्ति का भी अपमान है।"

आनंद सिंह ने आगे कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक और वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली भाषा राजनीतिक मर्यादाओं के सर्वथा विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि "राजनीतिक हताशा में कांग्रेस मर्यादा की सीमाएँ लाँघ रही है।"

कांग्रेस पर ऐतिहासिक विरोधाभास का आरोप

एनसीपी नेता ने कांग्रेस पर अपने ही राजनीतिक इतिहास को भूल जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जिस प्रकार की भाषा का कांग्रेस कभी स्वयं विरोध करती रही, आज उसी भाषा का इस्तेमाल उसके नेता राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महायुति गठबंधन के नेता भी कांग्रेस पर महिला विरोधी मानसिकता अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।

सपकाल की सफाई और माफी की मांग

विवाद बढ़ने पर हर्षवर्धन सपकाल ने सफाई दी कि 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल अतीत में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संदर्भ में भी किया गया था और उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था। हालाँकि, एनसीपी ने इस सफाई को अपर्याप्त बताते हुए अपनी माफी की मांग बरकरार रखी।

एनसीपी की उत्तर प्रदेश इकाई ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस का केंद्रीय और महाराष्ट्र नेतृत्व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा देश की महिलाओं से बिना शर्त सार्वजनिक माफी नहीं माँगता, तो महिला सम्मान और महिला सशक्तीकरण को लेकर कांग्रेस के दावे केवल राजनीतिक नारे बनकर रह जाएँगे। यह विवाद महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच तनाव को और गहरा करने वाला साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दरअसल उनकी स्थिति को कमज़ोर करती है, मज़बूत नहीं। असली सवाल यह है कि जब एक महिला जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक मंच पर बोलने से रोका जाता है, तो आलोचना उस घटना पर होनी चाहिए — न कि उस महिला की क्षमता पर। एनसीपी की यह प्रतिक्रिया महायुति की एकजुटता का प्रदर्शन भी है और महाराष्ट्र में 2024 के बाद से कांग्रेस को घेरने की रणनीति का हिस्सा भी। महिला सम्मान का मुद्दा यहाँ राजनीतिक हथियार बन गया है — और दोनों पक्षों को इस पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'गूंगी गुड़िया' विवाद क्या है और यह कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब महाराष्ट्र के बीड जिले में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के दौरे का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक पूर्व मंत्री ने उन्हें मीडिया के सवालों का जवाब देने से कथित तौर पर रोका। इस वीडियो को साझा करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सुनेत्रा पवार को 'गूंगी गुड़िया' कहा, जिसके बाद राजनीतिक विवाद भड़क उठा।
एनसीपी ने कांग्रेस से क्या मांग की है?
एनसीपी की उत्तर प्रदेश इकाई ने कांग्रेस के केंद्रीय और महाराष्ट्र नेतृत्व से उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा देश की महिलाओं से बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि माफी न मिलने पर कांग्रेस के महिला सशक्तीकरण के दावे खोखले साबित होंगे।
हर्षवर्धन सपकाल ने अपनी टिप्पणी पर क्या सफाई दी?
सपकाल ने कहा कि 'गूंगी गुड़िया' शब्द का इस्तेमाल अतीत में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के संदर्भ में भी किया गया था और उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था। हालाँकि, एनसीपी ने इस सफाई को अपर्याप्त बताते हुए माफी की अपनी मांग बरकरार रखी।
सुनेत्रा पवार कौन हैं और बीड से उनका क्या संबंध है?
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (अजित पवार गुट) की वरिष्ठ नेता हैं। वे बीड जिले की प्रभारी मंत्री हैं, इसीलिए उनका दौरा आधिकारिक क्षमता में था और मीडिया ने उनसे जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल पूछे थे।
इस विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह विवाद महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी के बीच पहले से मौजूद तनाव को और गहरा कर सकता है। एनसीपी और महायुति के नेताओं ने इस मुद्दे को महिला सम्मान से जोड़कर कांग्रेस को राजनीतिक रूप से घेरने की कोशिश की है, जो आगामी राजनीतिक बहसों में एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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