पाकिस्तान की साजिश पर भाजपा नेता सुनील शर्मा की चेतावनी: 'भारतीय सेना हर दुश्मन को खत्म करेगी'
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के डोडा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुनील शर्मा ने 13 सितंबर 2026 को पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी — कहा कि जब भी पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुश्मन तैयार करेगा, भारतीय सेना उन्हें वहीं खत्म कर देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने आतंकवादियों को प्रशिक्षण देना फिर से शुरू कर दिया है।
सुनील शर्मा का बयान
शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक से आतंकियों के कैंप ध्वस्त किए थे और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लॉन्च पैड को नष्ट कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जब भी पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुश्मन तैयार करेगा, भारतीय सेना अपनी ताकत दिखाएगी और उन्हें वहीं खत्म कर देगी।' उनका यह वक्तव्य कथित तौर पर पाकिस्तान द्वारा सीमा पार प्रशिक्षण गतिविधियाँ फिर शुरू करने की रिपोर्टों की पृष्ठभूमि में आया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस पर तीखा हमला
भाजपा नेता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार को लेकर भी बड़ी भविष्यवाणी दोहराई। उन्होंने कहा, 'मैंने बहुत पहले कहा था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस दो धड़ों में बंट जाएगी — और मैं इसे आज फिर गंभीरता से दोहरा रहा हूँ।' शर्मा के अनुसार, जिस दिन कैबिनेट में फेरबदल होगा, नेशनल कॉन्फ्रेंस ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी और एक भी विधायक इस 'परिवार' के साथ खड़ा नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया कि 'अंत की शुरुआत हो चुकी है।' गौरतलब है कि ये बयान जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर बताई जा रही आंतरिक असहमतियों के बीच आए हैं।
ब्रिक्स समिट पर उनका नजरिया
शर्मा ने ब्रिक्स समिट को लेकर कहा कि यह भारत के लिए बेहद अनुकूल अवसर है। उन्होंने रेखांकित किया कि ब्रिक्स देशों की सम्मिलित जनसंख्या दुनिया की आधी आबादी के बराबर है और ये देश वैश्विक जीडीपी में 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं। उनके अनुसार यह समिट 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहलगाम हमले की निंदा पर जोर
शर्मा ने यह भी कहा कि ब्रिक्स देशों ने पहलगाम हमले की एकमत से कड़ी निंदा की, जो आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है। कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में इस निंदा को उन्होंने 'वैश्विक समर्थन का प्रतीक' बताया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत आतंकवाद के विरुद्ध अपनी कूटनीतिक पहुँच को और व्यापक बनाने में जुटा है।
आगे क्या
भाजपा के इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक सरगर्मियाँ और तेज होने की संभावना है। नेशनल कॉन्फ्रेंस की आंतरिक स्थिति और कैबिनेट फेरबदल की अटकलें अब और अधिक ध्यान आकर्षित करेंगी। पाकिस्तान द्वारा आतंकी प्रशिक्षण फिर शुरू करने की रिपोर्टों पर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है।