सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2023 याचिका खारिज की, JPSC पहले ही कर चुका था रद्द
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने 22 अगस्त 2026 को झारखंड न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2023 (सिविल जज जूनियर डिवीजन भर्ती) से जुड़े 35 अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी। ये वे अभ्यर्थी थे जिन्हें संशोधित मेरिट सूची जारी होने के बाद चयन सूची से बाहर कर दिया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब परीक्षा ही निरस्त हो चुकी है, तो याचिका पर सुनवाई का कोई व्यावहारिक आधार नहीं बचता।
मुख्य घटनाक्रम
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 138 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा 10 मार्च 2024 को आयोजित की थी। परीक्षा के बाद आयोग ने तीन बार मॉडल उत्तर कुंजी जारी की और 2 जुलाई 2024 को परिणाम तथा कट-ऑफ अंक घोषित किए, जिसमें 1,797 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने स्वयं अदालत को बताया कि झारखंड सरकार और JPSC इस भर्ती परीक्षा को पहले ही रद्द कर चुके हैं। इसी आधार पर सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका को निरस्त कर दिया।
विवाद की जड़
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद मॉडल उत्तर कुंजी में कथित त्रुटियों, आरक्षण व्यवस्था और दिव्यांग कोटा को लेकर विवाद उभरा। मामला पहले झारखंड उच्च न्यायालय पहुँचा, जहाँ संशोधित परिणाम जारी करने के निर्देश दिए गए। आरोप लगा कि JPSC ने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने अवमानना याचिका दायर की और अदालत ने आयोग को कड़ी फटकार लगाई।
परीक्षा रद्द होने की पृष्ठभूमि
झारखंड सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों के व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद कई भर्ती परीक्षाएँ रद्द की थीं। झारखंड न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2023 भी इन्हीं में शामिल रही। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ जब राज्य में भर्ती पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक दबाव चरम पर था।
सर्वोच्च न्यायालय का रुख
अदालत ने माना कि परीक्षा निरस्त होने के बाद संशोधित मेरिट सूची से बाहर हुए 35 अभ्यर्थियों की याचिका का कोई व्यावहारिक उद्देश्य नहीं रह जाता। यह निर्णय न्यायिक समय और संसाधनों की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है — अदालत ने निरर्थक हो चुकी राहत के लिए सुनवाई जारी रखने से इनकार किया।
आगे क्या
अब जब परीक्षा और संबंधित याचिका दोनों समाप्त हो चुकी हैं, प्रभावित 35 अभ्यर्थियों के लिए अगला विकल्प नई भर्ती प्रक्रिया की प्रतीक्षा करना है। JPSC द्वारा सिविल जज पदों के लिए नई अधिसूचना कब जारी होगी, इस पर सरकार की ओर से अभी कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई है।