19 अगस्त 2026
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झारखंड में 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 2,628 अधिकारियों-कर्मियों की नौकरी पर संकट — JPSC-JSSC घोटाले पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

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झारखंड में 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द, 2,628 अधिकारियों-कर्मियों की नौकरी पर संकट — JPSC-JSSC घोटाले पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

सारांश

झारखंड सरकार ने एक रात में आठ अधिसूचनाएं जारी कर 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दीं और 2,628 नियुक्तियों पर तलवार लटका दी। CID-SIT जांच पर आधारित यह कार्रवाई राज्य की सार्वजनिक भर्ती प्रणाली के लिए ऐतिहासिक मोड़ है।

मुख्य बातें

झारखंड सरकार ने 19 अगस्त को JPSC और JSSC की 22 भर्ती परीक्षाएं एक साथ रद्द कीं।
2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित — इनमें 342 अधिकारी , 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर , 63 एसडीपीओ , 237 महिला पर्यवेक्षिका और 1,932 JSSC-CGL कर्मचारी शामिल।
6 परीक्षाओं की प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित; 2014 से अब तक की 17 भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच के आदेश।
कार्मिक विभाग सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से मंगलवार रात 11.45 बजे कुल 8 अधिसूचनाएं जारी।
वरिष्ठ आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित होगी, जो 2 महीने में रिपोर्ट देगी।
झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा।

झारखंड सरकार ने 19 अगस्त 2026 को नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाएं एक साथ रद्द कर दीं। सीआईडी (CID) और एसआईटी (SIT) की जांच में उजागर हुए तथ्यों के आधार पर लिए गए इन फैसलों से 2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं।

कितने और कौन प्रभावित हुए

रद्द की गई परीक्षाओं के दायरे में आने वाले अभ्यर्थियों में 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा के माध्यम से नियुक्त 342 अधिकारी, 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, 63 एसडीपीओ और 237 महिला पर्यवेक्षिका शामिल हैं। इसके अलावा जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) — विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा — से नियुक्त 1,932 कर्मचारी भी इस कार्रवाई की जद में हैं। ये सभी या तो अलग-अलग विभागों में कार्यरत थे या इनके नियुक्ति आदेश जारी हो चुके थे।

कौन-सी परीक्षाएं रद्द हुईं

झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 और 2025 की नियमित एवं बैकलॉग परीक्षाएं रद्द की गई हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक एवं महिला पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर, मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर, सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक वन संरक्षक, फूड सेफ्टी ऑफिसर, सहायक लोक अभियोजक और झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET)-2024 से जुड़ी परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। टीडीपीएल (TDPL) से संबंधित कई भर्ती परीक्षाओं को भी इसी दायरे में लाया गया है।

छह परीक्षाएं स्थगित, 17 की जांच के आदेश

सरकार ने फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर की भर्ती प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित किया है। इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया टीडीपीएल के अतिरिक्त अन्य एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी, और उन एजेंसियों की विश्वसनीयता एवं भूमिका की जांच सीआईडी को सौंपी गई है। इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित 17 भर्ती परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया गया है, जिनमें पाँचवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2013, सिविल जज की विभिन्न परीक्षाएं, मृदा संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी, डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ और सहायक अभियंता की परीक्षाएं शामिल हैं।

सुधार के लिए तीन बड़े कदम

राज्य सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए तीन महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए हैं। पहला, कथित अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। दूसरा, जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा प्रक्रिया पर निगरानी के लिए आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। तीसरा, परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जिसमें राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा।

अधिसूचनाएं और आगे की प्रक्रिया

राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने मंगलवार रात 11.45 बजे इस संदर्भ में कुल आठ अधिसूचनाएं जारी कीं। विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से जारी इन अधिसूचनाओं में स्पष्ट किया गया है कि सभी फैसले सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित हैं। उच्चस्तरीय समिति दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यह कार्रवाई झारखंड में सार्वजनिक भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करने की दिशा में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

628 नियुक्तियों को एक झटके में निरस्त करना — यह कार्रवाई जितनी निर्णायक दिखती है, उतनी ही जटिल भी है। असली सवाल यह है कि जिन अभ्यर्थियों ने वर्षों की मेहनत और वैध प्रक्रिया से नौकरी पाई, उनकी क्षतिपूर्ति का कोई ढाँचा अभी तक सामने नहीं आया है। 2014 से 17 पुरानी परीक्षाओं की जांच का दायरा बताता है कि यह समस्या किसी एक सरकार या आयोग की नहीं, बल्कि संस्थागत विफलता की है। उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट और फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रभावशीलता ही तय करेगी कि यह कार्रवाई सुधार की नींव है या महज राजनीतिक संदेश।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में कौन-सी 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द की गई हैं?
झारखंड सरकार ने JPSC और JSSC द्वारा आयोजित 22 परीक्षाएं रद्द की हैं, जिनमें JSSC-CGL (विज्ञापन संख्या 10/2023), झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2023 व 2025, JET-2024, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक प्रोफेसर, लेक्चरर और फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत अनेक पद शामिल हैं। ये सभी निर्णय CID और SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर लिए गए हैं।
इस कार्रवाई से कितने लोगों की नौकरी प्रभावित होगी?
कुल 2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें 342 JPSC अधिकारी, 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, 63 एसडीपीओ, 237 महिला पर्यवेक्षिका और 1,932 JSSC-CGL कर्मचारी शामिल हैं।
झारखंड भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच कौन कर रहा है?
राज्य सरकार ने CID और SIT को जांच सौंपी है। इसके अलावा वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो दो महीने के भीतर परीक्षा प्रणाली में सुधार की रिपोर्ट देगी।
क्या कुछ परीक्षाएं रद्द नहीं, बल्कि सिर्फ स्थगित की गई हैं?
हाँ, फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर की 6 भर्ती प्रक्रियाएं अगले आदेश तक स्थगित की गई हैं। इन परीक्षाओं को संचालित करने वाली एजेंसियों की विश्वसनीयता की जांच CID को सौंपी गई है।
झारखंड सरकार ने परीक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने तीन प्रमुख सुधार घोषित किए हैं — झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध, JPSC-JSSC पर नजर रखने के लिए आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ की स्थापना, और अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन जो दो महीने में रिपोर्ट सौंपेगी।
राष्ट्र प्रेस
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