सुप्रीम कोर्ट ने बहाल की कृपानाथ मल्लाह के निर्वाचन के खिलाफ चुनाव याचिका, गुवाहाटी HC करेगा नई सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार, 24 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद कृपानाथ मल्लाह के निर्वाचन को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता हाफिज राशिद अहमद चौधरी की चुनाव याचिका को बहाल कर दिया। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह फैसला सुनाया, जिसके बाद मामला अब गुवाहाटी उच्च न्यायालय में नए सिरे से सुना जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2025 में इस चुनाव याचिका को प्रक्रिया संबंधी खामियों के आधार पर खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के समक्ष याचिका की प्रस्तुति और दस्तावेजों के प्रमाणीकरण को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसी आदेश को चुनौती देते हुए चौधरी ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की।
जस्टिस चंद्रन ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'संविधान पीठ के पिछले फैसले के आधार पर हमने अपील मंजूर कर ली है।' इस निर्णय के साथ ही चुनावी याचिका पुनर्जीवित हो गई है और गुवाहाटी उच्च न्यायालय अब इस पर गुणदोष के आधार पर सुनवाई करेगा।
मूल चुनाव और आरोप
कांग्रेस नेता हाफिज राशिद अहमद चौधरी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में करीमगंज संसदीय क्षेत्र से BJP उम्मीदवार कृपानाथ मल्लाह के खिलाफ चुनाव लड़ा था। मल्लाह को 5,45,093 मत मिले, जबकि चौधरी को 5,26,733 मत प्राप्त हुए। दोनों के बीच जीत का अंतर 18,360 मतों का रहा। तीसरे स्थान पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के उम्मीदवार सहाबुल इस्लाम चौधरी रहे, जिन्हें 29,205 मत मिले।
मूल चुनाव याचिका में चौधरी ने 47 मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग सहित मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। उन्होंने मतदाता मतदान और मतगणना के आँकड़ों में भी विसंगतियों का दावा किया था। इसके अतिरिक्त, विजयी उम्मीदवार के खिलाफ भ्रष्ट आचरण का भी आरोप लगाया गया था।
कानूनी महत्व
यह मामला इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान पीठ के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए प्रक्रियागत आधार पर खारिज की गई याचिका को बहाल किया। गौरतलब है कि चुनाव याचिकाओं में प्रक्रियागत त्रुटियों के आधार पर किया गया खारिजी अक्सर उच्चतर न्यायालयों में चुनौती का विषय बनता है। यह निर्णय यह भी स्पष्ट करता है कि दस्तावेजी खामियाँ याचिका के गुणदोष पर सुनवाई का रास्ता नहीं रोक सकतीं।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब गुवाहाटी उच्च न्यायालय इस चुनाव याचिका पर नए सिरे से सुनवाई करेगा। यदि उच्च न्यायालय याचिका में लगाए गए आरोपों को सही पाता है, तो कृपानाथ मल्लाह का निर्वाचन रद्द भी हो सकता है। मामले का अंतिम निर्णय करीमगंज सीट के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित करेगा।