24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुप्रीम कोर्ट ने बहाल की कृपानाथ मल्लाह के निर्वाचन के खिलाफ चुनाव याचिका, गुवाहाटी HC करेगा नई सुनवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुप्रीम कोर्ट ने बहाल की कृपानाथ मल्लाह के निर्वाचन के खिलाफ चुनाव याचिका, गुवाहाटी HC करेगा नई सुनवाई

सारांश

सर्वोच्च न्यायालय ने BJP सांसद कृपानाथ मल्लाह के खिलाफ कांग्रेस नेता हाफिज राशिद अहमद चौधरी की चुनाव याचिका बहाल की, जिसे गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2025 में प्रक्रियागत आधार पर खारिज किया था। मामले में 47 बूथों पर कैप्चरिंग और मतगणना में गड़बड़ी के आरोप हैं।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 24 अगस्त को कृपानाथ मल्लाह के निर्वाचन के खिलाफ चुनाव याचिका बहाल की।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने संविधान पीठ के पूर्व फैसले के आधार पर अपील मंजूर की।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2025 में याचिका प्रक्रियागत खामियों के कारण खारिज की थी।
मूल याचिका में 47 मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग और मतगणना में अनियमितता के आरोप हैं।
करीमगंज सीट पर मल्लाह ने 18,360 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी — 5,45,093 बनाम 5,26,733 मत।

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार, 24 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद कृपानाथ मल्लाह के निर्वाचन को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता हाफिज राशिद अहमद चौधरी की चुनाव याचिका को बहाल कर दिया। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह फैसला सुनाया, जिसके बाद मामला अब गुवाहाटी उच्च न्यायालय में नए सिरे से सुना जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2025 में इस चुनाव याचिका को प्रक्रिया संबंधी खामियों के आधार पर खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के समक्ष याचिका की प्रस्तुति और दस्तावेजों के प्रमाणीकरण को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसी आदेश को चुनौती देते हुए चौधरी ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की।

जस्टिस चंद्रन ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'संविधान पीठ के पिछले फैसले के आधार पर हमने अपील मंजूर कर ली है।' इस निर्णय के साथ ही चुनावी याचिका पुनर्जीवित हो गई है और गुवाहाटी उच्च न्यायालय अब इस पर गुणदोष के आधार पर सुनवाई करेगा।

मूल चुनाव और आरोप

कांग्रेस नेता हाफिज राशिद अहमद चौधरी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में करीमगंज संसदीय क्षेत्र से BJP उम्मीदवार कृपानाथ मल्लाह के खिलाफ चुनाव लड़ा था। मल्लाह को 5,45,093 मत मिले, जबकि चौधरी को 5,26,733 मत प्राप्त हुए। दोनों के बीच जीत का अंतर 18,360 मतों का रहा। तीसरे स्थान पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के उम्मीदवार सहाबुल इस्लाम चौधरी रहे, जिन्हें 29,205 मत मिले।

मूल चुनाव याचिका में चौधरी ने 47 मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग सहित मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। उन्होंने मतदाता मतदान और मतगणना के आँकड़ों में भी विसंगतियों का दावा किया था। इसके अतिरिक्त, विजयी उम्मीदवार के खिलाफ भ्रष्ट आचरण का भी आरोप लगाया गया था।

कानूनी महत्व

यह मामला इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान पीठ के पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए प्रक्रियागत आधार पर खारिज की गई याचिका को बहाल किया। गौरतलब है कि चुनाव याचिकाओं में प्रक्रियागत त्रुटियों के आधार पर किया गया खारिजी अक्सर उच्चतर न्यायालयों में चुनौती का विषय बनता है। यह निर्णय यह भी स्पष्ट करता है कि दस्तावेजी खामियाँ याचिका के गुणदोष पर सुनवाई का रास्ता नहीं रोक सकतीं।

आगे क्या होगा

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब गुवाहाटी उच्च न्यायालय इस चुनाव याचिका पर नए सिरे से सुनवाई करेगा। यदि उच्च न्यायालय याचिका में लगाए गए आरोपों को सही पाता है, तो कृपानाथ मल्लाह का निर्वाचन रद्द भी हो सकता है। मामले का अंतिम निर्णय करीमगंज सीट के राजनीतिक भविष्य को प्रभावित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और फिर उसका शीर्ष अदालत में पलटा जाना, यह दर्शाता है कि निचली अदालतें कभी-कभी गुणदोष से बचने के लिए प्रक्रिया का सहारा लेती हैं। 47 बूथों पर कैप्चरिंग और मतगणना विसंगतियों के आरोप गंभीर हैं और इनकी स्वतंत्र जाँच जनतंत्र की विश्वसनीयता के लिए ज़रूरी है। करीमगंज जैसी संवेदनशील सीट पर इस मामले का परिणाम असम की राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकता है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने कृपानाथ मल्लाह के खिलाफ चुनाव याचिका क्यों बहाल की?
सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान पीठ के पूर्व फैसले का हवाला देते हुए अपील मंजूर की और याचिका बहाल की। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने इसे अप्रैल 2025 में प्रक्रियागत खामियों — याचिका की प्रस्तुति और दस्तावेजों के प्रमाणीकरण — के आधार पर खारिज किया था, जिसे शीर्ष अदालत ने उचित नहीं माना।
करीमगंज चुनाव याचिका में क्या आरोप लगाए गए हैं?
कांग्रेस नेता हाफिज राशिद अहमद चौधरी ने 47 मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग, मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएँ, और मतदाता मतदान व मतगणना के आँकड़ों में विसंगतियों का आरोप लगाया है। इसके साथ ही विजयी उम्मीदवार पर भ्रष्ट आचरण का भी आरोप है।
करीमगंज सीट पर 2024 का चुनाव परिणाम क्या था?
BJP के कृपानाथ मल्लाह ने 5,45,093 मत पाकर कांग्रेस के हाफिज राशिद अहमद चौधरी (5,26,733 मत) को 18,360 मतों के अंतर से हराया था। AIUDF के सहाबुल इस्लाम चौधरी 29,205 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद गुवाहाटी उच्च न्यायालय इस चुनाव याचिका पर नए सिरे से गुणदोष के आधार पर सुनवाई करेगा। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो कृपानाथ मल्लाह का निर्वाचन रद्द हो सकता है।
चुनाव याचिका को पहले क्यों खारिज किया गया था?
गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2025 में याचिका को प्रक्रिया संबंधी खामियों के आधार पर खारिज किया था। अदालत के समक्ष याचिका की प्रस्तुति के तरीके और दस्तावेजों के प्रमाणीकरण को लेकर आपत्तियाँ उठाई गई थीं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले