मद्रास हाई कोर्ट ने कोलाचेल विधायक थारागाई कथबर्ट की जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की
सारांश
मुख्य बातें
मद्रास हाई कोर्ट ने कन्याकुमारी जिले के कोलाचेल विधानसभा क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के विधायक थारागाई कथबर्ट की चुनावी जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस भरथा चक्रवर्ती ने यह फैसला सुनाते हुए सीपीआईए (एमएल) उम्मीदवार एस.एम. एंथनी मुथु की याचिका को अनुमानों पर आधारित मानते हुए अस्वीकार कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम
हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में थारागाई कथबर्ट ने कोलाचेल सीट से 62,210 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। इस परिणाम से असंतुष्ट सीपीआईए (एमएल) प्रत्याशी एस.एम. एंथनी मुथु ने मद्रास हाई कोर्ट में चुनावी याचिका दायर कर जीत को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पी.टी. पेरुमल ने दलील दी कि मतगणना के दौरान अनियमितताएं हुईं और उन्होंने आठ मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की पुनर्गणना की माँग की।
विधायक पक्ष के तर्क
कांग्रेस विधायक थारागाई कथबर्ट की ओर से पेश अधिवक्ता नर्मदा संपत ने तर्क रखा कि याचिकाकर्ता निर्धारित सात दिनों की समयसीमा के भीतर वीवीपैट पुनर्गणना के लिए आवेदन करने में विफल रहे। उन्होंने यह भी कहा कि याचिका केवल अनुमानों पर टिकी है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।
अदालत का फैसला
जस्टिस भरथा चक्रवर्ती ने विधायक पक्ष की दलीलें स्वीकार करते हुए एंथनी मुथु की चुनावी याचिका खारिज कर दी। इस निर्णय से थारागाई कथबर्ट की कोलाचेल सीट पर जीत न्यायिक रूप से पुष्ट हो गई है।
हॉर्स ट्रेडिंग मामले में ताज़ा घटनाक्रम
इससे पहले 7 अगस्त को मद्रास हाई कोर्ट ने हॉर्स ट्रेडिंग मामले में आरोपी कृष्णन को जमानत दी थी। ट्रिपलिकेन पुलिस ने उथंगराई निर्वाचन क्षेत्र के थवेका विधायक इलैयाराजा को प्रभावित करने की कथित कोशिश के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।
इस मामले में पूर्व द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। जस्टिस जी.के. इलंथिरायण ने कृष्णन की जमानत याचिका मंजूर कर ली, जिससे हॉर्स ट्रेडिंग मामले में गिरफ्तार सभी 14 आरोपी अब जमानत पर रिहा हो चुके हैं। गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने ट्रिपलिकेन पुलिस की जाँच पर रोक भी लगाई हुई है।
यह मामला तमिलनाडु की चुनावी राजनीति और न्यायिक प्रक्रियाओं के बीच जारी तनाव को रेखांकित करता है, और आने वाले दिनों में हॉर्स ट्रेडिंग मामले की जाँच की दिशा पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।