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मद्रास हाई कोर्ट ने कोलाचेल विधायक थारागाई कथबर्ट की जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

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मद्रास हाई कोर्ट ने कोलाचेल विधायक थारागाई कथबर्ट की जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

सारांश

मद्रास हाई कोर्ट ने कोलाचेल से कांग्रेस विधायक थारागाई कथबर्ट की 62,210 मतों की जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी — अदालत ने इसे अनुमानों पर आधारित माना। इसी के साथ हॉर्स ट्रेडिंग मामले में गिरफ्तार सभी 14 आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं।

मुख्य बातें

मद्रास हाई कोर्ट ने कोलाचेल से कांग्रेस विधायक थारागाई कथबर्ट की जीत को चुनौती देने वाली चुनावी याचिका खारिज की।
एंथनी मुथु (सीपीआईए-एमएल) ने आठ मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की पुनर्गणना माँगी थी।
अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता निर्धारित सात दिनों की समयसीमा में आवेदन करने में विफल रहे।
थारागाई कथबर्ट ने कोलाचेल सीट 62,210 मतों के अंतर से जीती थी।
हॉर्स ट्रेडिंग मामले में गिरफ्तार सभी 14 आरोपी अब जमानत पर रिहा; पूर्व DMK मंत्री सेंथिल बालाजी को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी थी।

मद्रास हाई कोर्ट ने कन्याकुमारी जिले के कोलाचेल विधानसभा क्षेत्र से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के विधायक थारागाई कथबर्ट की चुनावी जीत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस भरथा चक्रवर्ती ने यह फैसला सुनाते हुए सीपीआईए (एमएल) उम्मीदवार एस.एम. एंथनी मुथु की याचिका को अनुमानों पर आधारित मानते हुए अस्वीकार कर दिया।

मुख्य घटनाक्रम

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में थारागाई कथबर्ट ने कोलाचेल सीट से 62,210 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। इस परिणाम से असंतुष्ट सीपीआईए (एमएल) प्रत्याशी एस.एम. एंथनी मुथु ने मद्रास हाई कोर्ट में चुनावी याचिका दायर कर जीत को चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पी.टी. पेरुमल ने दलील दी कि मतगणना के दौरान अनियमितताएं हुईं और उन्होंने आठ मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की पुनर्गणना की माँग की।

विधायक पक्ष के तर्क

कांग्रेस विधायक थारागाई कथबर्ट की ओर से पेश अधिवक्ता नर्मदा संपत ने तर्क रखा कि याचिकाकर्ता निर्धारित सात दिनों की समयसीमा के भीतर वीवीपैट पुनर्गणना के लिए आवेदन करने में विफल रहे। उन्होंने यह भी कहा कि याचिका केवल अनुमानों पर टिकी है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाना चाहिए।

अदालत का फैसला

जस्टिस भरथा चक्रवर्ती ने विधायक पक्ष की दलीलें स्वीकार करते हुए एंथनी मुथु की चुनावी याचिका खारिज कर दी। इस निर्णय से थारागाई कथबर्ट की कोलाचेल सीट पर जीत न्यायिक रूप से पुष्ट हो गई है।

हॉर्स ट्रेडिंग मामले में ताज़ा घटनाक्रम

इससे पहले 7 अगस्त को मद्रास हाई कोर्ट ने हॉर्स ट्रेडिंग मामले में आरोपी कृष्णन को जमानत दी थी। ट्रिपलिकेन पुलिस ने उथंगराई निर्वाचन क्षेत्र के थवेका विधायक इलैयाराजा को प्रभावित करने की कथित कोशिश के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।

इस मामले में पूर्व द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। जस्टिस जी.के. इलंथिरायण ने कृष्णन की जमानत याचिका मंजूर कर ली, जिससे हॉर्स ट्रेडिंग मामले में गिरफ्तार सभी 14 आरोपी अब जमानत पर रिहा हो चुके हैं। गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने ट्रिपलिकेन पुलिस की जाँच पर रोक भी लगाई हुई है।

यह मामला तमिलनाडु की चुनावी राजनीति और न्यायिक प्रक्रियाओं के बीच जारी तनाव को रेखांकित करता है, और आने वाले दिनों में हॉर्स ट्रेडिंग मामले की जाँच की दिशा पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

210 मतों के भारी अंतर से जीती सीट को चुनौती देने वाली याचिका का खारिज होना अपेक्षित था, लेकिन असली सवाल यह है कि वीवीपैट पुनर्गणना की माँग को प्रक्रियागत चूक के आधार पर अस्वीकार करना न्यायिक पारदर्शिता के लिए पर्याप्त है या नहीं। समानांतर में चल रहे हॉर्स ट्रेडिंग मामले में सभी 14 आरोपियों का जमानत पर बाहर आना और जाँच पर रोक — यह संकेत देता है कि तमिलनाडु में चुनावी अखंडता की बहस अदालतों में लंबे समय तक जारी रहेगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मद्रास हाई कोर्ट ने कोलाचेल चुनावी याचिका क्यों खारिज की?
अदालत ने याचिका इसलिए खारिज की क्योंकि याचिकाकर्ता एस.एम. एंथनी मुथु वीवीपैट पुनर्गणना के लिए निर्धारित सात दिनों की समयसीमा में आवेदन करने में विफल रहे, और याचिका केवल अनुमानों पर आधारित पाई गई।
थारागाई कथबर्ट ने कोलाचेल सीट कितने मतों से जीती थी?
कांग्रेस उम्मीदवार थारागाई कथबर्ट ने कोलाचेल विधानसभा क्षेत्र से 62,210 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
हॉर्स ट्रेडिंग मामले में अब तक क्या हुआ है?
ट्रिपलिकेन पुलिस ने उथंगराई निर्वाचन क्षेत्र के विधायक इलैयाराजा को प्रभावित करने की कथित कोशिश में 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। मद्रास हाई कोर्ट ने जाँच पर रोक लगा दी और 7 अगस्त तक सभी 14 आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
इस मामले में पूर्व DMK मंत्री सेंथिल बालाजी की क्या भूमिका है?
पूर्व DMK मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार को हॉर्स ट्रेडिंग मामले में अग्रिम जमानत मिल चुकी है। मामले में उनकी कथित संलिप्तता की जाँच फिलहाल मद्रास हाई कोर्ट की रोक के कारण रुकी हुई है।
वीवीपैट पुनर्गणना की माँग कब और कैसे की जा सकती है?
चुनाव नियमों के अनुसार, वीवीपैट पर्चियों की पुनर्गणना के लिए मतगणना के सात दिनों के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। इस मामले में याचिकाकर्ता इस समयसीमा का पालन नहीं कर सके, जिससे उनकी माँग अदालत में स्वीकार नहीं हुई।
राष्ट्र प्रेस
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