बंगाल चुनाव: शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के आई-पैक कर्मचारियों को नौकरी देने के वादे का किया मजाक
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उन वादों का मजाक उड़ाया, जिनमें उन्होंने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कोलकाता स्थित कर्मचारियों को नौकरी देने का आश्वासन दिया था। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब यह जानकारी मिली कि आई-पैक ने राज्य में 20 दिनों के लिए अपने कामकाज को अस्थायी रूप से रोक दिया है और कोलकाता स्थित अपने दफ्तर के कर्मचारियों को "छोटी छुट्टी" पर जाने का निर्देश दिया है।
रविवार सुबह आई-पैक की ओर से कोलकाता ऑफिस के कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल के संबंध में जानकारी मिलने पर तृणमूल कांग्रेस ने पहले एक बयान जारी कर इसे बेबुनियाद बताया। फिर भी, हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आई-पैक के कोलकाता ऑफिस के कर्मचारियों को नौकरी देने का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले पर पार्टी के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के साथ पहले ही चर्चा हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा, "प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विशेष रूप से चुनाव के दौरान छापे मार रहा है। एजेंसियों के जो लोग हमारे लिए काम करते हैं, उन्हें राज्य छोड़ने की धमकी दी जा रही है। आपके पास अपने लिए काम करने वाली इतनी सारी एजेंसियां हो सकती हैं। तो क्या हमारे पास भी नहीं हो सकतीं? अगर आप उन्हें डराएंगे, तो वे मेरी पार्टी में शामिल हो जाएंगे और हम उन्हें नौकरियां देंगे। यह ध्यान में रखें कि मैं किसी भी लड़के को बिना नौकरी के नहीं रहने दूंगी। मैंने इस मामले पर अभिषेक बनर्जी से बात की है। मैं स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि यह एक साजिश है।"
सोमवार सुबह सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आई-पैक के कोलकाता ऑफिस के कर्मचारियों के लिए नौकरी के वादों का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में करोड़ों के 'स्कूल नौकरी घोटाला' के कारण बेरोजगार हो रहे "बेदाग शिक्षकों" की नौकरी बचाने का वादा पूरा करने में नाकाम रहने के बाद आई-पैक कर्मचारियों के लिए नौकरी के वादे और भी ज़्यादा हास्यास्पद लगते हैं।
अधिकारी ने कहा, "आपने (ममता बनर्जी) सक्षम लोगों से उनकी नौकरियां छीन लीं और केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए एक के बाद एक झूठे वादे किए। अब तक किसी को भी अपनी नौकरी वापस नहीं मिली है। और अब आप उन लोगों को नौकरी देने का वादा कर रही हैं, जिन्होंने वास्तव में आपके झूठे वादों को गढ़ा था, ताकि सबको गुमराह करके सिर्फ आपकी कुर्सी बचाई जा सके। देश में हर कोई जानता है कि आप नौकरी देने में कितनी सक्षम हैं। आपको तो बस यही आता है कि योग्य लोगों को उनके हक से वंचित करके, अयोग्य लोगों को नौकरियां बेच देना और फिर झूठ का पुलिंदा फैलाना।"