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तमिलनाडु सरकारी स्कूलों में 'छात्र संसद' चुनाव: 7 जुलाई को मतदान, 10 जुलाई को शपथ

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तमिलनाडु सरकारी स्कूलों में 'छात्र संसद' चुनाव: 7 जुलाई को मतदान, 10 जुलाई को शपथ

सारांश

तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में पहली बार असली चुनावी प्रक्रिया — प्रचार, घोषणा-पत्र, मतदान और शपथ। 7 जुलाई को वोट, 10 जुलाई को शपथ। पाँच सदन, पाँच मंत्रालय और लैंगिक समानता की अनिवार्य शर्त — यह महज स्कूली खेल नहीं, लोकतंत्र की पाठशाला है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र से 'स्टूडेंट पार्लियामेंट' पहल लागू की।
प्रत्येक सरकारी स्कूल में पाँच छात्र सदन बनेंगे; हाउस कैप्टन का चयन 3 जुलाई तक, मतदान 7 जुलाई को।
उम्मीदवार 6 जुलाई को प्रचार और घोषणा-पत्र प्रस्तुत करेंगे; चुने गए नेता 10 जुलाई को शपथ लेंगे।
पाँच मंत्रालय — शिक्षा, छात्र कल्याण, सूचना-संचार, पर्यावरण और स्वास्थ्य — लॉटरी से आवंटित होंगे।
सह-शिक्षा स्कूलों में हाउस कैप्टन और छात्र मंत्री अलग-अलग लिंग के होना अनिवार्य।
पात्रता: कक्षा 5, 8, 9 और 11 के छात्र ही चुनाव लड़ सकते हैं।

तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में पहली बार राज्य स्तरीय छात्र संसद चुनाव आयोजित किए जाएंगे, जिसमें 3 जुलाई से 10 जुलाई के बीच हाउस कैप्टन और छात्र मंत्रियों का चयन होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस 'स्टूडेंट पार्लियामेंट' पहल को मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ही लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि बच्चों को कम उम्र से ही लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन की व्यावहारिक समझ मिल सके।

कार्यक्रम की संरचना और चुनाव प्रक्रिया

इस पहल के तहत प्रत्येक सरकारी स्कूल में पाँच छात्र सदन गठित किए जाएंगे। हर सदन में एक हाउस कैप्टन और एक छात्र मंत्री होगा। हाउस कैप्टन का चयन लॉटरी या हाथ उठाकर किया जाएगा और यह प्रक्रिया 3 जुलाई तक पूरी होगी। छात्र मंत्री पद के उम्मीदवार 6 जुलाई को प्रचार करेंगे और अपना चुनावी घोषणा-पत्र प्रस्तुत करेंगे।

7 जुलाई को औपचारिक मतदान होगा, जिसमें सभी कक्षाओं के छात्र अलग-अलग मत देकर पाँचों सदनों के लिए एक-एक मंत्री का चुनाव करेंगे। चुनाव लड़ने की पात्रता प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 5, माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 8, हाईस्कूल में कक्षा 9 और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 11 के छात्रों तक सीमित रखी गई है।

पाँच मंत्रालय और उनकी जिम्मेदारियाँ

चुने गए पाँच छात्र मंत्री इन विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे — शिक्षा, छात्र कल्याण और सुरक्षा, सूचना और संचार, पर्यावरण और जलवायु कार्रवाई, तथा स्वास्थ्य, स्वच्छता और सफाई। इन मंत्रालयों का आवंटन निर्वाचित मंत्रियों के बीच लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

लैंगिक समानता पर विशेष जोर

सह-शिक्षा स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक सदन में हाउस कैप्टन और छात्र मंत्री अलग-अलग लिंग के हों। यदि हाउस कैप्टन लड़का है, तो उस सदन का छात्र मंत्री लड़की होगी, और इसके विपरीत भी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रावधान लैंगिक प्रतिनिधित्व को संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित करने के लिए रखा गया है।

शपथ, बैज और निगरानी व्यवस्था

नवनिर्वाचित छात्र नेता 10 जुलाई को अपने पद की शपथ लेंगे। प्रत्येक सदन का अपना झंडा होगा और हाउस कैप्टनों व छात्र मंत्रियों को विशेष बैज प्रदान किए जाएंगे। प्रतियोगिताओं और स्कूल गतिविधियों में अर्जित अंकों को दर्ज करने के लिए एक स्कोरबोर्ड भी रखा जाएगा। इसके अलावा, छात्र संसद के संचालन और निगरानी के लिए प्रत्येक स्कूल में एक शिक्षक समन्वयक नियुक्त किया जाएगा।

पहल का महत्व और आगे की राह

अधिकारियों का मानना है कि यह कार्यक्रम छात्रों में नेतृत्व क्षमता, जवाबदेही और सामूहिक निर्णय लेने की भावना विकसित करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नागरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में व्यावहारिक रूप देने की माँग बढ़ रही है। तमिलनाडु का यह प्रयोग अन्य राज्यों के लिए एक संभावित मॉडल बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि 'छात्र संसद' जैसी संरचनाएँ कई राज्यों में कागज़ पर रही हैं और कक्षा की दिनचर्या में कभी नहीं उतरीं। लैंगिक प्रतिनिधित्व की अनिवार्य शर्त एक सकारात्मक संरचनात्मक कदम है, परंतु यह देखना होगा कि शिक्षक समन्वयक पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ पहले से संसाधन-विहीन सरकारी स्कूलों में इस पहल को रस्मी बना देता है या नहीं। यदि यह प्रयोग मूल्यांकन-योग्य परिणामों से जुड़ता है, तो यह राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में नागरिक शिक्षा के व्यावहारिक समावेश का एक ठोस मॉडल बन सकता है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु सरकारी स्कूलों में 'स्टूडेंट पार्लियामेंट' पहल क्या है?
यह तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मौजूदा शैक्षणिक सत्र में शुरू की गई पहल है, जिसमें हर सरकारी स्कूल में पाँच छात्र सदन बनाए जाएंगे और छात्र कैंपेन, मतदान व शपथ जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का अनुभव लेंगे। इसका उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व, जवाबदेही और सहभागी शासन की समझ विकसित करना है।
छात्र मंत्री चुनाव की तारीखें क्या हैं?
हाउस कैप्टन का चयन 3 जुलाई तक होगा। उम्मीदवार 6 जुलाई को प्रचार और घोषणा-पत्र प्रस्तुत करेंगे। मतदान 7 जुलाई को होगा और नवनिर्वाचित छात्र नेता 10 जुलाई को शपथ लेंगे।
छात्र मंत्री पद के लिए कौन-से छात्र चुनाव लड़ सकते हैं?
चुनाव लड़ने की पात्रता प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 5, माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 8, हाईस्कूल में कक्षा 9 और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 11 के छात्रों तक सीमित है। मतदान में सभी कक्षाओं के छात्र भाग ले सकते हैं।
छात्र संसद में कौन-से पाँच मंत्रालय होंगे?
पाँच मंत्रालय हैं — शिक्षा; छात्र कल्याण और सुरक्षा; सूचना और संचार; पर्यावरण और जलवायु कार्रवाई; तथा स्वास्थ्य, स्वच्छता और सफाई। इनका आवंटन निर्वाचित पाँच छात्र मंत्रियों के बीच लॉटरी के जरिए होगा।
सह-शिक्षा स्कूलों में लैंगिक प्रतिनिधित्व कैसे सुनिश्चित किया जाएगा?
सह-शिक्षा स्कूलों में यह अनिवार्य किया गया है कि प्रत्येक सदन में हाउस कैप्टन और छात्र मंत्री अलग-अलग लिंग के हों। यदि हाउस कैप्टन लड़का है तो छात्र मंत्री लड़की होगी, और इसके विपरीत भी।
राष्ट्र प्रेस
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