तमिलनाडु: 10 जुलाई को चुने जाएंगे 'स्कूल एंबेसडर', 8,209 सरकारी स्कूलों में समुदाय भागीदारी की नई पहल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु स्कूल शिक्षा विभाग 10 जुलाई 2026 को राज्य के 8,209 सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 'स्कूल एंबेसडर' चुनने की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह कदम 'नम्मा स्कूल नम्मा ओरु पल्ली' (हमारा स्कूल, हमारा गाँव का स्कूल) योजना के अंतर्गत उठाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकारी शिक्षण संस्थानों के विकास में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। अब तक इस पोर्टल पर 26,221 पूर्व छात्रों ने एंबेसडर के रूप में सेवा देने की इच्छा जताते हुए पंजीकरण कराया है।
चयन प्रक्रिया और दिशानिर्देश
विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, स्कूल मैनेजमेंट कमेटियाँ (SMC) 10 जुलाई को होने वाली विशेष बैठकों में एंबेसडर का चयन करेंगी। प्रत्येक स्कूल में हेडमास्टर चयन अधिकारी की भूमिका निभाएंगे, जबकि जिला स्तर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। नियुक्ति को अंतिम रूप देने से पहले हर SMC को एक औपचारिक प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य होगा, ताकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और समुदाय-केंद्रित बनी रहे।
एंबेसडर की भूमिका और कार्यकाल
चुने गए स्कूल एंबेसडर जुलाई 2026 से जुलाई 2028 तक दो वर्ष के कार्यकाल के लिए काम करेंगे। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में छात्रों का नामांकन बढ़ाना, ड्रॉपआउट दर घटाना और विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना शामिल है। इसके अलावा वे पूर्व छात्रों (एलुमनाई) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहलों से स्कूल के बुनियादी ढाँचे और शिक्षण सुविधाओं के उन्नयन हेतु संसाधन जुटाएंगे।
पूर्व छात्रों और समुदाय को जोड़ने की रणनीति
एंबेसडर स्कूलों और उनके पूर्व छात्रों के बीच सेतु का काम करेंगे। वे पूर्व छात्रों को मेंटरिंग, करियर गाइडेंस और स्वैच्छिक सहयोग के माध्यम से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। स्थानीय संगठनों और समुदाय के सदस्यों के साथ समन्वय कर वे स्कूल विकास कार्यों में निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। गौरतलब है कि यह पहल स्कूल, अभिभावक, पूर्व छात्र और स्थानीय समुदाय के बीच एक स्थायी संबंध स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार का एक सुविचारित प्रयास है।
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
इस कार्यक्रम को राज्य स्तर पर जनवरी 2026 में चेन्नई के अशोक नगर स्थित सरकारी गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल से लॉन्च किया गया था। उस अवसर पर सरकार ने पूर्व छात्रों और स्थानीय नागरिकों के सक्रिय सहयोग से सरकारी स्कूलों को समुदाय-संचालित संस्थानों में रूपांतरित करने का अपना विजन प्रस्तुत किया था। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी स्कूलों में नामांकन और शिक्षा गुणवत्ता को लेकर बहस तेज़ है, और तमिलनाडु का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए एक संदर्भ बिंदु बन सकता है।
आगे की राह
विभाग के अनुसार, 26,221 पंजीकृत पूर्व छात्रों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि समाज में सरकारी शिक्षा को सशक्त बनाने की इच्छाशक्ति मौजूद है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एंबेसडर स्कूल प्रशासन और SMC के साथ मिलकर अपने-अपने स्कूलों के लिए कार्ययोजना तैयार करेंगे।