25 जुलाई 2026
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नामक्कल में तीन बुजुर्गों की कथित आत्महत्या के बाद तमिलिसाई ने तमिलनाडु सरकार से वरिष्ठ नागरिक कल्याण मजबूत करने की माँग की

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नामक्कल में तीन बुजुर्गों की कथित आत्महत्या के बाद तमिलिसाई ने तमिलनाडु सरकार से वरिष्ठ नागरिक कल्याण मजबूत करने की माँग की

सारांश

नामक्कल में तीन बुजुर्गों की कथित आत्महत्या ने तमिलनाडु में वृद्ध देखभाल की खाई को उजागर किया। BJP नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने मुख्यमंत्री विजय से तत्काल हस्तक्षेप और व्यापक सहायता तंत्र की माँग की है — यह सवाल अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, सामाजिक भी है।

मुख्य बातें

नामक्कल जिले में तीन बुजुर्गों ने कथित तौर पर वृद्धावस्था, अकेलेपन और सहारे की कमी के कारण आत्महत्या की।
BJP नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने 9 जून को तमिलनाडु सरकार से वरिष्ठ नागरिक कल्याण उपाय तत्काल मजबूत करने का आग्रह किया।
तमिलिसाई ने मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय से अकेले रहने वाले बुजुर्गों की पहचान कर उन्हें आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवा और भावनात्मक सहारा देने की व्यवस्था करने की अपील की।
उन्होंने केंद्र की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा विस्तार का उदाहरण दिया।
तमिलिसाई ने कहा कि बुजुर्गों की देखभाल केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे समाज का नैतिक दायित्व है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने मंगलवार, 9 जून को तमिलनाडु सरकार से नामक्कल जिले में तीन बुजुर्गों की कथित आत्महत्या के बाद वरिष्ठ नागरिकों के लिए कल्याणकारी उपायों को तत्काल मजबूत करने का आग्रह किया। बताया जा रहा है कि इन तीनों की मृत्यु का कारण वृद्धावस्था, अकेलापन और सहारे की कमी था।

घटना की पृष्ठभूमि

नामक्कल जिले में सामने आई इस दुखद घटना ने राज्य में बुजुर्गों की दुर्दशा को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। कथित तौर पर तीनों बुजुर्ग पर्याप्त पारिवारिक या सामाजिक देखभाल के बिना जीवन यापन कर रहे थे। तमिलिसाई सौंदरराजन ने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि यह त्रासदी एक व्यापक सहायता प्रणाली की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

मुख्यमंत्री से अपील

तमिलिसाई ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से अपील की कि वे कमजोर और अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की पहचान करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए आवश्यक सहायता मिले। उनके अनुसार, राज्य सरकार को ऐसे व्यक्तियों को सुरक्षित आश्रय, पौष्टिक भोजन, समय पर स्वास्थ्य सेवा और भावनात्मक सहारा प्रदान करने की व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और बढ़ती उम्र की आबादी के समक्ष आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप अनिवार्य है।

केंद्र सरकार की पहलों का उल्लेख

तमिलिसाई ने केंद्र द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की थी, जिसने लॉकडाउन के दौरान गरीब परिवारों को भूखा न रहने देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा कवरेज के विस्तार का भी उल्लेख किया और कहा कि इस तरह की पहल बुजुर्गों के लिए एक मजबूत सुरक्षा जाल बनाने के महत्व को दर्शाती है।

समाज का नैतिक दायित्व

तमिलिसाई सौंदरराजन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करना केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज का नैतिक दायित्व भी है। उनके शब्दों में, 'मानवता की सच्ची पहचान इस बात में निहित है कि लोग अपने बुजुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं और उनकी देखभाल कैसे करते हैं।'

आगे क्या

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तमिलनाडु में बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है और एकल परिवारों की संख्या में वृद्धि के कारण वरिष्ठ नागरिकों का अकेलापन एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। तमिलिसाई ने माँग की है कि तमिलनाडु भर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कल्याणकारी व्यवस्थाओं को व्यापक रूप से मजबूत किया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल वाजिब है — क्या तमिलनाडु के पास अकेले रहने वाले बुजुर्गों की पहचान और निगरानी का कोई ठोस तंत्र है? केंद्र की योजनाओं का उल्लेख करना BJP का परिचित राजनीतिक पैंतरा है, फिर भी राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि वह इस बढ़ती आबादी के लिए क्या ठोस कदम उठा रही है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नामक्कल में तीन बुजुर्गों की कथित आत्महत्या का मामला क्या है?
तमिलनाडु के नामक्कल जिले में तीन बुजुर्गों ने कथित तौर पर आत्महत्या की, जिसका कारण वृद्धावस्था, अकेलापन और सहारे की कमी बताया जा रहा है। यह घटना वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को लेकर राज्य में व्यापक बहस का केंद्र बन गई है।
तमिलिसाई सौंदरराजन ने तमिलनाडु सरकार से क्या माँग की है?
तमिलिसाई सौंदरराजन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से अकेले और कमजोर वरिष्ठ नागरिकों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित आश्रय, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवा और भावनात्मक सहारा देने की व्यवस्था करने की अपील की है। उन्होंने तमिलनाडु भर में वृद्ध कल्याण तंत्र को व्यापक रूप से मजबूत करने की माँग की है।
केंद्र सरकार ने बुजुर्गों के लिए क्या कदम उठाए हैं जिनका तमिलिसाई ने उल्लेख किया?
तमिलिसाई ने कोविड-19 के दौरान शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा कवरेज के विस्तार का उल्लेख किया। उनके अनुसार ये पहल बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा जाल बनाने की दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं।
क्या बुजुर्गों की देखभाल केवल सरकार की जिम्मेदारी है?
तमिलिसाई सौंदरराजन के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मानवता की सच्ची पहचान इसी में है कि हम अपने बुजुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।
तमिलनाडु में बुजुर्गों की बढ़ती समस्या का समाधान क्यों जरूरी है?
तमिलनाडु में एकल परिवारों की बढ़ती संख्या और वरिष्ठ आबादी के विस्तार के कारण अकेले रहने वाले बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नामक्कल जैसी घटनाएँ दर्शाती हैं कि बिना पर्याप्त सामाजिक और सरकारी सहायता के यह समस्या और गहरी हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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