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ईरान-अमेरिका परमाणु समझौते से तेल-गैस संकट में राहत संभव: पूर्व डीजीपी एसपी वैद

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ईरान-अमेरिका परमाणु समझौते से तेल-गैस संकट में राहत संभव: पूर्व डीजीपी एसपी वैद

सारांश

पूर्व डीजीपी एसपी वैद का मानना है कि ईरान-अमेरिका समझौता वैश्विक तेल संकट का समाधान बन सकता है। साथ ही उन्होंने हमजा बुरहान की हत्या को भारत के लिए सकारात्मक बताया और आधुनिक तकनीक-आधारित युद्ध की दिशा में भारत को मज़बूत होने की ज़रूरत पर बल दिया।

मुख्य बातें

पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने 22 मई को जम्मू में कहा कि ईरान-अमेरिका समझौते से वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति में सुधार और महंगाई से राहत मिल सकती है।
ट्रंप के विरोधाभासी बयानों पर चिंता — वैद के अनुसार महाशक्ति नेताओं के शब्दों का असर अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर पड़ता है।
पुलवामा हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पीओके में हत्या को वैद ने भारत के लिए सकारात्मक बताया; आईएसआई की संलिप्तता की भी संभावना जताई।
वैद ने 1965 और 1971 के युद्धों से तुलना करते हुए कहा कि अब युद्ध ड्रोन, मिसाइल, साइबर तकनीक पर आधारित हो गया है।
भारत को भविष्य की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक की दिशा में निरंतर मज़बूत होना होगा।

पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने 22 मई को जम्मू में कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस समझौता होता है, तो यह वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। उनके अनुसार, ऐसा कदम न केवल मध्य-पूर्व, बल्कि महंगाई की मार झेल रही पूरी दुनिया के लिए राहत का स्रोत बनेगा।

तेल-गैस संकट और वैश्विक महंगाई

वैद ने कहा कि आज पूरी दुनिया, विशेष रूप से मध्य-पूर्व क्षेत्र, ईंधन और गैस की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। उनके मुताबिक, अमेरिका-ईरान समझौते की स्थिति में तेल और गैस की आपूर्ति श्रृंखला बेहतर होगी, जिससे महंगाई से पीड़ित आम जनता को सीधी राहत मिल सकती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बढ़ते आर्थिक दबाव के इस दौर में इस तरह के कूटनीतिक समझौते वैश्विक स्थिरता के लिए अनिवार्य हैं।

अमेरिकी बयानबाज़ी पर चिंता

वैद ने डोनाल्ड ट्रंप के विरोधाभासी बयानों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से कभी बातचीत और समझौते की बात होती है, तो कभी किसी देश की 'सभ्यता खत्म करने' जैसी धमकियाँ दी जाती हैं। उनके अनुसार, एक महाशक्ति के राष्ट्रपति से इस प्रकार के परस्पर-विरोधी वक्तव्य अंतरराष्ट्रीय माहौल को अस्थिर करते हैं। वैद ने स्पष्ट कहा कि बड़े देशों के नेताओं को अपने शब्दों का वज़न समझना होगा, क्योंकि उनके बयानों की अनुगूँज पूरी दुनिया में सुनाई देती है।

हमजा बुरहान की हत्या और पाकिस्तान की भूमिका

पुलवामा हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हत्या पर वैद ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीरी युवाओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा का प्रलोभन देकर आतंकवाद की राह पर धकेलता रहा है। उन्होंने कहा कि हमजा बुरहान भी इसी जाल का शिकार हुआ — डॉक्टर बनने की बजाय वह भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गया।

वैद ने कहा कि चाहे जिसने भी उसे मारा हो — यहाँ तक कि उन्होंने यह संभावना भी जताई कि आईएसआई ने स्वयं उसे 'उपयोगिता समाप्त' होने पर खत्म किया हो — भारत के दृष्टिकोण से एक भारत-विरोधी तत्व का सफाया सकारात्मक घटनाक्रम है।

आधुनिक सीमा सुरक्षा और तकनीक-आधारित युद्ध

गृह मंत्री के आधुनिक सीमा सुरक्षा संबंधी बयान पर सहमति जताते हुए वैद ने कहा कि 1965 और 1971 के युद्धों की तुलना में आज युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। ड्रोन, मिसाइल, साइबर तकनीक और सैटेलाइट अब आधुनिक संघर्ष के केंद्र में हैं।

उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व संघर्षों का उदाहरण देते हुए कहा कि ज़मीन पर बड़ी सेना तैनात करने की बजाय तकनीक के ज़रिए युद्ध लड़े जा रहे हैं। उनके अनुसार, भारत को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए इसी दिशा में निरंतर मज़बूत होना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

आतंकवाद और आधुनिक युद्ध — लेकिन इसमें एक साझा धागा है: भारत की रणनीतिक भेद्यता। ईरान-अमेरिका समझौते पर उनकी आशावादिता वाजिब है, पर यह नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसी वार्ताएँ पहले भी कई बार विफल हो चुकी हैं। हमजा बुरहान प्रकरण में आईएसआई की 'आंतरिक सफाई' की संभावना जताना महत्वपूर्ण है — यह पाकिस्तान के प्रॉक्सी नेटवर्क की आंतरिक अस्थिरता की ओर इशारा करता है, जिसे मुख्यधारा विश्लेषण अक्सर नज़रअंदाज़ करता है। तकनीक-आधारित युद्ध पर उनकी राय से सहमति के बावजूद, असली सवाल यह है कि भारत इस बदलाव की गति के साथ बजट और प्रशिक्षण में कितनी तेज़ी से तालमेल बिठा पा रहा है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसपी वैद ने ईरान-अमेरिका समझौते पर क्या कहा?
पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है तो वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति बेहतर होगी और महंगाई से परेशान जनता को राहत मिल सकती है। उनके अनुसार, बढ़ते आर्थिक दबाव के इस दौर में ऐसे कूटनीतिक कदम बेहद ज़रूरी हैं।
हमजा बुरहान कौन था और उसकी हत्या क्यों चर्चा में है?
हमजा बुरहान पुलवामा हमले का कथित मास्टरमाइंड था, जिसकी पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हत्या हुई। एसपी वैद ने कहा कि वह कश्मीरी युवाओं को शिक्षा के बहाने पाकिस्तान ले जाकर आतंकवाद में धकेलने के पैटर्न का शिकार था, और उनके अनुसार आईएसआई ने स्वयं उसे खत्म किया हो सकता है।
ट्रंप के बयानों पर वैद की क्या राय है?
वैद ने कहा कि अमेरिका की ओर से कभी समझौते की बात होती है और कभी किसी देश की 'सभ्यता खत्म करने' जैसी धमकियाँ दी जाती हैं। उनके अनुसार, एक महाशक्ति के राष्ट्रपति के ऐसे विरोधाभासी बयान अंतरराष्ट्रीय माहौल को अस्थिर करते हैं।
आधुनिक युद्ध के बारे में एसपी वैद ने क्या कहा?
वैद ने कहा कि 1965 और 1971 की तुलना में आज युद्ध पूरी तरह तकनीक-आधारित हो गया है — ड्रोन, मिसाइल, साइबर तकनीक और सैटेलाइट इसके प्रमुख हथियार हैं। रूस-यूक्रेन और मध्य-पूर्व संघर्षों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत को भी इसी दिशा में मज़बूत होना होगा।
पाकिस्तान कश्मीरी युवाओं को आतंकवाद में कैसे धकेलता है?
एसपी वैद के अनुसार, पाकिस्तान इंजीनियरिंग और मेडिकल शिक्षा का प्रलोभन देकर कश्मीरी युवाओं को अपने यहाँ बुलाता था और फिर उनका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में करता था। हमजा बुरहान इसी रणनीति का उदाहरण है, जो डॉक्टर बनने की बजाय भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गया।
राष्ट्र प्रेस
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