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ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर सलीम इंजीनियर बोले — तेल-गैस कीमतें घट सकती हैं, भारत को भी राहत

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ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर सलीम इंजीनियर बोले — तेल-गैस कीमतें घट सकती हैं, भारत को भी राहत

सारांश

ईरान-अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति समझौते को जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने वैश्विक राहत का कदम बताया। उनका कहना है कि इससे पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में कमी आ सकती है और भारत जैसे ऊर्जा-आयातक देशों को सीधा फायदा मिल सकता है।

मुख्य बातें

सलीम इंजीनियर (जमात-ए-इस्लामी हिंद उपाध्यक्ष) ने 16 जून 2026 को ईरान-अमेरिका प्रस्तावित शांति समझौते का स्वागत किया।
उनके अनुसार समझौते से पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में कमी आ सकती है और भारत को भी राहत मिल सकती है।
इंजीनियर ने गाजा में जारी हिंसा पर चिंता जताते हुए इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की अपील की।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रहना भारत के व्यापार के लिए जरूरी है।
उन्होंने PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की शांति-केंद्रित विदेश नीति की सराहना की।

जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने 16 जून 2026 को ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति समझौते का स्वागत किया और इसे वैश्विक स्तर पर राहत देने वाला कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते पर शीघ्र हस्ताक्षर होंगे, जिससे पश्चिम एशिया में लंबे समय से बना तनाव कम होगा।

समझौते का असर: तेल-गैस आपूर्ति पर उम्मीद

प्रो. सलीम इंजीनियर ने कहा कि इस समझौते से पश्चिम एशिया क्षेत्र में बना दबाव कम होगा और गैस तथा पेट्रोलियम की आपूर्ति में आ रही बाधाएँ दूर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'हाल के समय में आपूर्ति प्रभावित होने के कारण पेट्रोल, डीजल और गैस समेत कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी।' उनके अनुसार इस समझौते का लाभ केवल क्षेत्रीय देशों को ही नहीं, बल्कि भारत जैसे ऊर्जा-आयातक देशों को भी मिल सकता है।

ईरान की जनता की सराहना

प्रो. इंजीनियर ने यह भी कहा कि यह समझौता कई दिनों की बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के बाद संभव हुआ है। उन्होंने ईरान की जनता की प्रशंसा करते हुए कहा कि संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों में उन्होंने साहस और धैर्य का परिचय दिया। उनके अनुसार, ईरान की जनता ने दुनिया के सामने यह उदाहरण पेश किया है कि जब किसी देश पर दबाव या हमला होता है तो वहाँ के लोग किस तरह एकजुट होकर उसका सामना करते हैं।

गाजा पर चिंता

हालाँकि, प्रो. इंजीनियर ने गाजा की स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया के देशों को इजरायल और उसे समर्थन देने वाले अमेरिका पर दबाव बनाना चाहिए ताकि गाजा में हो रही हिंसा और मौतों का सिलसिला रोका जा सके। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब गाजा में मानवीय संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ रही है।

शिवसेना प्रवक्ता ने भी जताई उम्मीद

शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी की यही उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहे, क्योंकि यह भारत और दुनिया के कई देशों के व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने रूस-यूक्रेन से लेकर इजरायल-ईरान जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हमेशा शांति और स्थिरता का संदेश दिया है। उनके अनुसार, भारत का एकमात्र उद्देश्य वैश्विक स्तर पर शांति और सौहार्द बनाए रखना है।

गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, और ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान इस जलमार्ग पर बाधा की आशंका से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित होते रहे हैं। ऐसे में यह प्रस्तावित समझौता, यदि अंतिम रूप लेता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ध्यान देने योग्य है कि ईरान-अमेरिका के बीच अभी केवल 'प्रस्तावित' समझौते की बात है, अंतिम हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, इसलिए कीमतों में गिरावट की संभावना अभी अनुमान के स्तर पर है। शाइना एनसी का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जोर देना सही परिप्रेक्ष्य देता है — यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवनरेखा है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि भारत की ऊर्जा कूटनीति इस समझौते के परिणाम पर कितनी निर्भर है, और सरकार इस अवसर का लाभ उठाने के लिए कौन-सी रणनीति अपना रही है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान-अमेरिका शांति समझौते से भारत को क्या फायदा होगा?
प्रो. सलीम इंजीनियर के अनुसार, इस समझौते से पश्चिम एशिया में तनाव कम होगा और पेट्रोल, डीजल तथा गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाएँ दूर होने की उम्मीद है। इससे भारत जैसे ऊर्जा-आयातक देशों में इन वस्तुओं की कीमतें घट सकती हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वह जलमार्ग है जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल व्यापार गुजरता है, और भारत के ऊर्जा आयात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आता है। शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि इस जलमार्ग का खुला रहना भारत और कई देशों के व्यापार के लिए अनिवार्य है।
प्रो. सलीम इंजीनियर ने गाजा पर क्या कहा?
प्रो. इंजीनियर ने गाजा में जारी हिंसा पर गहरी चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि इजरायल और उसे समर्थन देने वाले अमेरिका पर दबाव बनाया जाए ताकि वहाँ हो रही मौतों का सिलसिला रोका जा सके।
ईरान-अमेरिका समझौते पर भारत का रुख क्या है?
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हमेशा शांति और स्थिरता का संदेश दिया है — चाहे रूस-यूक्रेन संघर्ष हो या इजरायल-ईरान तनाव। भारत की नीति वैश्विक शांति और सौहार्द को बढ़ावा देने की रही है।
ईरान-अमेरिका के बीच समझौता कब तक होने की उम्मीद है?
प्रो. सलीम इंजीनियर ने 16 जून 2026 को उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते पर जल्द हस्ताक्षर होंगे। हालाँकि, अभी यह 'प्रस्तावित' चरण में है और कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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