3 अगस्त 2026
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इस्तांबुल हवाई अड्डे पर ट्रांजिट में लापता तेलंगाना की महिला बोक्का राजश्री, वाणिज्य दूतावास से मदद माँगी

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इस्तांबुल हवाई अड्डे पर ट्रांजिट में लापता तेलंगाना की महिला बोक्का राजश्री, वाणिज्य दूतावास से मदद माँगी

सारांश

हैदराबाद की बोक्का राजश्री 14 जून को ह्यूस्टन से हैदराबाद लौटते वक्त इस्तांबुल हवाई अड्डे पर ट्रांजिट के दौरान लापता हो गईं। तेलंगाना सरकार ने वाणिज्य दूतावास से तत्काल मदद माँगी है, और कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला विदेश मंत्रालय व गृह मंत्री से सीधे समन्वय कर रहे हैं।

मुख्य बातें

बोक्का राजश्री , तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी जिले की निवासी, 14 जून 2026 को इस्तांबुल हवाई अड्डे पर ट्रांजिट के दौरान लापता हो गईं।
वे टर्किश एयरलाइंस की उड़ान टीके-34 से ह्यूस्टन से इस्तांबुल पहुँची थीं; कनेक्टिंग उड़ान टीके-774 में सवार नहीं हुईं।
टिकट के अनुसार उन्होंने व्हीलचेयर सहायता का विकल्प चुना था; माँ से आखिरी संपर्क ह्यूस्टन से उड़ान भरने से पहले हुआ।
तेलंगाना के मुख्य सचिव के.
रामकृष्ण राव ने भारतीय वाणिज्य दूतावास को औपचारिक संदेश भेजकर स्थानीय पुलिस व एयरलाइन से समन्वय का अनुरोध किया।
कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने विदेश मंत्रालय , वाणिज्य दूतावास और गृह मंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत रूप से मामला उठाया।

तेलंगाना सरकार ने 18 जून 2026 को तुर्की स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से आग्रह किया कि वह इस्तांबुल हवाई अड्डे पर ट्रांजिट के दौरान लापता हुई तेलंगाना की महिला बोक्का राजश्री का पता लगाने में तत्काल सहायता करे। राजश्री 14 जून को अमेरिका के ह्यूस्टन से हैदराबाद लौट रही थीं और तब से उनका कोई अता-पता नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

राजश्री टर्किश एयरलाइंस की उड़ान टीके-34 से ह्यूस्टन से इस्तांबुल पहुँची थीं, जो 14 जून को शाम 4:46 बजे इस्तांबुल में उतरी। उन्हें उसी दिन शाम 6:30 बजे मस्कट के लिए कनेक्टिंग उड़ान टीके-774 पकड़नी थी। परिवार को बाद में पता चला कि वे इस कनेक्टिंग उड़ान में सवार नहीं हुईं।

परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए टिकट दस्तावेज़ों से पता चलता है कि राजश्री ने व्हीलचेयर सहायता का विकल्प चुना था। इसके बावजूद हवाई अड्डे और एयरलाइन अधिकारियों ने परिवार को उनके सामान या ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने भारतीय वाणिज्य दूतावास को एक औपचारिक संदेश भेजकर स्थानीय पुलिस, हवाई अड्डे और एयरलाइन अधिकारियों के साथ समन्वय करने का अनुरोध किया। संदेश में राजश्री, अमेरिका में उनके परिचितों और तेलंगाना में उनके परिवार के सदस्यों के संपर्क नंबर भी साझा किए गए।

मुख्य सचिव ने अपने संदेश में उल्लेख किया कि राजश्री मेडचल-मलकजगिरी जिले की रहने वाली हैं और 2022 में मास्टर ऑफ साइंस की पढ़ाई के लिए अमेरिका गई थीं। संदेश में यह भी बताया गया कि अपने पिता के निधन के बाद से वे अवसाद से जूझ रही थीं — यह तथ्य उनकी सुरक्षा को लेकर परिवार की चिंता को और गहरा करता है।

परिवार की स्थिति

राजश्री की माँ दुदिपाला ज्योति के अनुसार, उनकी बेटी का मोबाइल फोन 14 जून को ह्यूस्टन से उड़ान भरने से पहले भेजे गए एक संदेश के बाद से बंद है। परिवार ने राज्य सरकार से मदद माँगी और तब से तेलंगाना सरकार इस मामले में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है।

राजनीतिक हस्तक्षेप

भोंगिर से कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे इस मामले को लेकर गहरी चिंता में हैं। उन्होंने कहा, 'उनकी यात्रा की स्थिति और सलामती के बारे में जानकारी जुटाने के लिए आधिकारिक और राजनयिक माध्यमों से हर संभव प्रयास किया जा रहा है। मैं घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहा हूँ और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूँ।'

चमाला ने बताया कि वे विदेश मंत्रालय, इस्तांबुल में भारतीय वाणिज्य दूतावास और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ व्यक्तिगत रूप से समन्वय कर रहे हैं।

क्या होगा आगे

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ट्रांजिट के दौरान एयरलाइन की जवाबदेही पर सवाल उठते रहे हैं। वाणिज्य दूतावास की प्रतिक्रिया और इस्तांबुल में स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं। परिवार और सरकार दोनों को राजश्री के शीघ्र मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह तथ्य सरकारी प्रतिक्रिया की तात्कालिकता को भी रेखांकित करता है। राजनयिक और संसदीय दोनों माध्यमों का एक साथ सक्रिय होना दर्शाता है कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा अब केवल विदेश मंत्रालय का विषय नहीं रही — यह राजनीतिक दबाव का भी मुद्दा बन चुकी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोक्का राजश्री कौन हैं और वे कहाँ लापता हुईं?
बोक्का राजश्री तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी जिले की रहने वाली हैं, जो 2022 से अमेरिका के ह्यूस्टन में मास्टर ऑफ साइंस की पढ़ाई कर रही थीं। वे 14 जून 2026 को ह्यूस्टन से हैदराबाद लौटते समय इस्तांबुल हवाई अड्डे पर ट्रांजिट के दौरान लापता हो गईं।
तेलंगाना सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने इस्तांबुल स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को औपचारिक संदेश भेजा है। उन्होंने वाणिज्य दूतावास से स्थानीय पुलिस, हवाई अड्डे और एयरलाइन अधिकारियों के साथ समन्वय कर राजश्री का पता लगाने का अनुरोध किया है।
राजश्री की आखिरी जानकारी कब और कहाँ से मिली थी?
राजश्री ने 14 जून को ह्यूस्टन से उड़ान भरने से पहले अपनी माँ दुदिपाला ज्योति को एक संदेश भेजा था। उसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद है और परिवार को हवाई अड्डे या एयरलाइन से उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मिली।
कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला इस मामले में क्या कर रहे हैं?
भोंगिर से कांग्रेस सांसद किरण कुमार चमाला ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि वे विदेश मंत्रालय, इस्तांबुल में भारतीय वाणिज्य दूतावास और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ व्यक्तिगत रूप से समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनयिक और आधिकारिक माध्यमों से हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
क्या राजश्री की किसी विशेष सहायता की ज़रूरत थी?
हाँ, राजश्री के टिकट दस्तावेज़ों के अनुसार उन्होंने व्हीलचेयर सहायता का विकल्प चुना था। इसके बावजूद एयरलाइन और हवाई अड्डे के अधिकारियों ने परिवार को उनके सामान या ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
राष्ट्र प्रेस
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