इबोला अलर्ट: हैदराबाद में गलत पता देने वाले यात्रियों पर होगी कानूनी कार्रवाई, तेलंगाना सरकार सख्त
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने सोमवार, 8 जून 2026 को आदेश दिया कि इबोला प्रभावित देशों से हैदराबाद आने वाले जो यात्री गलत पते या भ्रामक जानकारी देते पाए गए हैं, उनके विरुद्ध महामारी रोग अधिनियम सहित लागू कानूनों के तहत मामले दर्ज किए जाएँ। यह आदेश एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान तब आया जब अधिकारियों ने मंत्री को सूचित किया कि कुछ विदेशी यात्री अपने दर्ज पतों पर नहीं रह रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान में इबोला वायरस के सक्रिय प्रकोप को देखते हुए तेलंगाना में व्यापक निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है। शमशाबाद हवाई अड्डे पर स्क्रीनिंग और निगरानी प्रणालियों को और सुदृढ़ किया गया है तथा प्रभावित देशों से आने वाले सभी यात्रियों का विवरण एकत्र कर उनके स्वास्थ्य की 21 दिनों तक निरंतर निगरानी की जा रही है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि हवाई अड्डे पर ही यात्रियों को सूचित किया जाए कि गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि झूठे पते या फोन नंबर देना, अथवा तथ्यों को छुपाना, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बहुभाषी निगरानी का आदेश
मंत्री ने अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (EFLU) की सहायता लेने का निर्देश दिया, ताकि विदेशी यात्रियों से प्रभावी संवाद स्थापित किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि इबोला प्रभावित क्षेत्रों में प्रचलित भाषाओं — फ्रेंच, अरबी और स्वाहिली — में दक्ष कर्मचारी हवाई अड्डे पर चौबीसों घंटे, तीन शिफ्टों में तैनात किए जाएँ, जिससे सूचना-संग्रह और निगरानी अधिक कुशलता से हो सके।
संदिग्ध मामलों की स्थिति
अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि दो संदिग्ध मामलों को गांधी अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है। इनके नमूने पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) भेजे गए थे और दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। ICMR के दिशानिर्देशों के अनुसार नमूने दोबारा एकत्र कर NIV पुणे भेजे गए हैं। यदि दूसरी जाँच का परिणाम भी नेगेटिव रहता है, तो दोनों व्यक्तियों को आइसोलेशन से मुक्त कर दिया जाएगा।
मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि नमूनों के संग्रह और परीक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने सेलुलर और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी केंद्र (CCMB) के निदेशक से भी स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक तकनीकी सहयोग देने का अनुरोध किया।
अंतर-विभागीय समन्वय
बैठक में राज्य में लागू एहतियाती उपायों, अंतर-विभागीय समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की व्यापक समीक्षा की गई। संदिग्ध लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों की तुरंत पहचान कर उन्हें गांधी अस्पताल में आइसोलेट किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
तेलंगाना सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर इबोला के प्रसार को लेकर स्वास्थ्य एजेंसियाँ सतर्क हैं। राज्य में निगरानी तंत्र को और सख्त किए जाने तथा EFLU की सहायता से बहुभाषी दल की तैनाती की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।