कविता का पवन कल्याण पर बड़ा हमला: कोडिकुंटा झील की 10 एकड़ शिकम भूमि खरीद पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना जागृति की संस्थापक एवं अध्यक्ष कलवकुंतला कविता ने 6 जून 2026 को हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण पर 10 एकड़ शिकम भूमि खरीद में सरकारी रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया और तत्काल जाँच की माँग की। उनके अनुसार, यह भूमि कोडिकुंटा झील के सर्वे नंबर 706 से संबंधित है और सिंचाई विभाग के दस्तावेज़ों में पूरी तरह शिकम श्रेणी में दर्ज है।
मुख्य आरोप: रिकॉर्ड में क्या बदला गया
कविता ने दावा किया कि 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन के समय पवन कल्याण ने यह 10 एकड़ शिकम भूमि खरीदी थी। उनके अनुसार, भूमि पंजीकरण के दौरान सरकारी रिकॉर्ड में यह दर्ज कराया गया कि केवल तीन एकड़ जमीन शिकम है, जबकि शेष सात एकड़ को सिंचित या मगाणी भूमि बताया गया। कविता ने कहा कि सिंचाई विभाग की अंतिम अधिसूचना में पूरी 10 एकड़ को शिकम घोषित किया गया है और इसके दस्तावेज़ी प्रमाण उनके पास उपलब्ध हैं।
पवन कल्याण का कथित वादा
पूर्व सांसद कविता ने दावा किया कि हाल ही में उनकी पवन कल्याण से इस विषय पर बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि उनकी ओर से कोई गलती हुई है तो वे जमीन सरकार को वापस कर देंगे। कविता ने इसी आधार पर उनसे अपना वादा निभाने की माँग की।
झील क्षेत्र पर कथित अतिक्रमण
कविता ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित भूमि पर बाड़बंदी (फेंसिंग) की गई है और मिट्टी डाली गई है, जिससे कोडिकुंटा झील का क्षेत्र प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि शिकम भूमि पर इस प्रकार का निर्माण या घेराबंदी नियमों के अनुरूप नहीं है और माँग की कि फेंसिंग तथा डाली गई मिट्टी दोनों को हटाया जाए।
सरकार से हस्तक्षेप की माँग
कविता ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पहले से ही संबंधित रिकॉर्ड और डेटा मौजूद हैं, इसलिए मामले की जाँच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार नियमों के अनुसार भूमि वापस लेती है तो पवन कल्याण को उचित मुआवजा या टीडीआर (TDR) दिया जा सकता है। यह विवाद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच राजनीतिक तनाव के व्यापक संदर्भ में आया है, और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।