21 अगस्त 2026
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भारतीय सेना का 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026': साइबर योद्धाओं की तलाश, 31 अगस्त तक करें पंजीकरण

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भारतीय सेना का 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026': साइबर योद्धाओं की तलाश, 31 अगस्त तक करें पंजीकरण

सारांश

भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी ने साइबरपीस के साथ मिलकर 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' (टीसीक्यू 3.0) लॉन्च किया है — एक राष्ट्रीय हैकाथॉन जो बग हंटिंग, एआई कवच और क्रिएटर्स चैलेंज के ज़रिए देश की युवा साइबर प्रतिभाओं को रक्षा क्षेत्र से जोड़ेगी। पंजीकरण 31 अगस्त तक, ग्रैंड फिनाले 6-8 अक्टूबर को नई दिल्ली में।

मुख्य बातें

भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी और साइबरपीस ने 21 अगस्त 2026 को 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' (टीसीक्यू 3.0) लॉन्च किया।
प्रतियोगिता में तीन श्रेणियाँ: बग हंटिंग , एआई कवच और क्रिएटर्स चैलेंज ।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 ; ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग 1-10 सितंबर ।
ग्रैंड फिनाले 6-8 अक्टूबर को नई दिल्ली में; पुरस्कार समारोह 9 अक्टूबर को।
शिक्षण संस्थान, उद्योग, अनुसंधान संस्थान, सरकारी संगठन और सशस्त्र बल — सभी भाग ले सकते हैं।

भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी ने साइबर सुरक्षा संगठन साइबरपीस के सहयोग से 21 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय स्तर की हैकाथॉन प्रतियोगिता 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' (टीसीक्यू 3.0) की औपचारिक शुरुआत की। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य रक्षा, साइबर सुरक्षा और सूचना क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के लिए स्वदेशी एवं अत्याधुनिक समाधान विकसित करना है। नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले के साथ यह प्रतियोगिता देश की युवा तकनीकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जोड़ने का प्रयास है।

प्रतियोगिता की तीन प्रमुख चुनौतियाँ

टीसीक्यू 3.0 में तीन विशिष्ट श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा होगी। पहली श्रेणी 'बग हंटिंग' में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी कमज़ोरियों की पहचान करनी होगी। इसकी शुरुआत ऑनलाइन 'कैप्चर-द-फ्लैग' प्रारूप से होगी और अंतिम चरण में प्रत्यक्ष प्रतिभागिता वाला मुकाबला होगा।

दूसरी श्रेणी 'एआई कवच' में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की सहायता से साइबर खतरों की पूर्व-पहचान करने वाले समाधान तैयार करने होंगे। इसमें स्वचालित रक्षा प्रणाली और असामान्य डिजिटल गतिविधियों का पता लगाने वाले उपकरण विकसित करना शामिल है।

तीसरी श्रेणी 'क्रिएटर्स चैलेंज' सामग्री निर्माताओं, संचार विशेषज्ञों और डिजिटल प्रभावशाली व्यक्तित्वों के लिए है। इन्हें डीपफेक, फिशिंग, ऑनलाइन ठगी और दुष्प्रचार जैसे साइबर खतरों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने वाली प्रभावी डिजिटल मुहिम तैयार करनी होगी।

किसे मिलेगा मंच — प्रतिभागियों की व्यापक श्रेणी

इस प्रतियोगिता में देशभर के शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संगठनों और सशस्त्र बलों की तकनीकी प्रतिभाएँ भाग ले सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी साइबर सुरक्षा क्षमताओं को स्वदेशी स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। गौरतलब है कि यह टीसीक्यू का तीसरा संस्करण है, जो इस आयोजन की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ और कार्यक्रम

भारतीय सेना के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक पंजीकरण किया जा सकता है। इसके बाद 1 से 10 सितंबर तक ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग का चरण चलेगा। ग्रैंड फिनाले 6 से 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होगा और 9 अक्टूबर को पुरस्कार समारोह सम्पन्न होगा।

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा में योगदान

विशेषज्ञों के अनुसार, टेरिटोरियल आर्मी का यह कदम देश की स्वदेशी साइबर क्षमताओं को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यह प्रतियोगिता न केवल प्रतिभाओं को चिह्नित करेगी, बल्कि वास्तविक राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान भी उत्पन्न कर सकती है। आने वाले समय में ऐसे आयोजनों की भूमिका भारत की साइबर रक्षा नीति में और अधिक केंद्रीय होती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की रक्षा संस्थाओं द्वारा नागरिक तकनीकी प्रतिभाओं को सीधे साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में खींचने की कोशिश है — जो परंपरागत भर्ती मार्गों से परे है। असली सवाल यह है कि क्या इस हैकाथॉन से उभरे समाधान वास्तव में सेना की परिचालन प्रणालियों में एकीकृत होंगे, या ये पुरस्कार समारोह तक ही सीमित रहेंगे। भारत पर साइबर हमलों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए, स्वदेशी साइबर प्रतिभाओं की पहचान और उनका संस्थागत उपयोग अब विकल्प नहीं, आवश्यकता है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 क्या है?
यह भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी और साइबरपीस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की हैकाथॉन प्रतियोगिता है, जिसे टीसीक्यू 3.0 भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य रक्षा और साइबर सुरक्षा क्षेत्र की चुनौतियों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित करना है।
टीसीक्यू 2026 में पंजीकरण कैसे और कब तक करें?
प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। इसके बाद 1 से 10 सितंबर तक ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग होगी और ग्रैंड फिनाले 6-8 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 में कौन-कौन सी चुनौतियाँ हैं?
प्रतियोगिता में तीन श्रेणियाँ हैं — बग हंटिंग (साइबर कमज़ोरियों की पहचान), एआई कवच (AI और मशीन लर्निंग से खतरों की पूर्व-पहचान), और क्रिएटर्स चैलेंज (डीपफेक व साइबर ठगी जैसे खतरों पर जागरूकता अभियान)। हर श्रेणी में अलग-अलग कौशल की परीक्षा होगी।
इस प्रतियोगिता में कौन भाग ले सकता है?
देशभर के शिक्षण संस्थानों, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संगठनों और सशस्त्र बलों की तकनीकी प्रतिभाएँ इस प्रतियोगिता में भाग ले सकती हैं। यह प्रतियोगिता व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।
टेरियर साइबर क्वेस्ट का राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा में क्या महत्व है?
यह आयोजन भारत की स्वदेशी साइबर क्षमताओं को मज़बूत करने और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह टीसीक्यू का तीसरा संस्करण है, जो इस पहल की निरंतरता और बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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