तेजपुर लीची की सिंगापुर को 500 किलो खेप रवाना, CM सरमा ने दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 12 जून 2026 को सिंगापुर भेजी जाने वाली 500 किलोग्राम जीआई-टैग प्राप्त तेजपुर लीची की खेप को हरी झंडी दिखाई। यह निर्यात असम के बागवानी उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है और राज्य के किसानों के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलता है।
जीआई टैग की ताकत
तेजपुर लीची को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त है, जो इसे अपनी विशिष्ट पहचान और कानूनी संरक्षण देता है। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि इस लीची की गुणवत्ता और स्वाद इसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाज़ारों में अलग पहचान दिलाते हैं। जीआई टैग यह सुनिश्चित करता है कि केवल तेजपुर क्षेत्र में उत्पादित लीची ही इस नाम से बेची जा सके।
दुबई के बाद अब सिंगापुर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे कुछ दिन पहले कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के माध्यम से 1,000 किलोग्राम तेजपुर लीची दुबई निर्यात की गई थी। अब 500 किलोग्राम की नई खेप सिंगापुर रवाना की जा रही है। यह लगातार दो बड़े अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में असम की उपज की बढ़ती मौजूदगी को दर्शाता है।
आपूर्ति की सीमा और माँग का दबाव
सरमा ने स्वीकार किया कि सिंगापुर से और अधिक लीची की माँग प्राप्त हुई है, लेकिन वर्तमान उत्पादन सीमित होने के कारण तत्काल बड़ी मात्रा में आपूर्ति संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि तेजपुर की जीआई-टैग लीची की असम के भीतर भी भारी माँग है, जिससे निर्यात के लिए पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यह स्थिति दर्शाती है कि उत्पाद की प्रतिष्ठा उसकी उपलब्धता से कहीं आगे निकल चुकी है।
सरकार की आगे की योजना
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आने वाले वर्षों में उत्पादन और निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए पहले से बेहतर योजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि इससे असम के किसानों की आय में वृद्धि होगी और राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलेगी। गौरतलब है कि यह पहल असम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत राज्य के कृषि उत्पादों को वैश्विक बाज़ारों तक पहुँचाया जा रहा है।