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जगतसिंहपुर गैंगरेप: फास्ट ट्रैक अदालत ने तीनों दोषियों को सुनाई 20 साल कठोर कारावास की सजा

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जगतसिंहपुर गैंगरेप: फास्ट ट्रैक अदालत ने तीनों दोषियों को सुनाई 20 साल कठोर कारावास की सजा

सारांश

ओडिशा की फास्ट ट्रैक अदालत ने 2024 के तिर्तोल गैंगरेप मामले में तीनों दोषियों को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। रंजन कुमार सिला, बिस्वरंजन नायक और सुरेश कुमार बेहरा को IPC 376डी के तहत दोषी ठहराया गया। पीड़िता को ₹2 लाख का मुआवजा भी दिलाया गया।

मुख्य बातें

जगतसिंहपुर की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने 14 जुलाई को तीनों दोषियों को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।
दोषी: रंजन कुमार सिला (26) , बिस्वरंजन नायक (29) और सुरेश कुमार बेहरा (40) — तीनों तिर्तोल क्षेत्र के निवासी।
घटना 3 फरवरी 2024 को निमकाना रेलवे स्टेशन के पास 29 वर्षीया महिला के साथ हुई थी।
प्रत्येक दोषी पर ₹10,000 का जुर्माना ; पीड़िता को ₹2 लाख मुआवजा।
जाँच महिला एवं बाल अपराध शाखा, भुवनेश्वर के DSP इमन कल्याण नायक ने की।

ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने मंगलवार, 14 जुलाई को तिर्तोल क्षेत्र में 3 फरवरी 2024 को हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीनों दोषियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376डी और 506 के तहत दोषसिद्धि दर्ज करते हुए प्रत्येक दोषी पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया।

मुख्य घटनाक्रम

3 फरवरी 2024 की शाम जगतसिंहपुर जिले के तिर्तोल थाना क्षेत्र स्थित निमकाना रेलवे स्टेशन के निकट 29 वर्षीया महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर तिर्तोल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने विस्तृत जाँच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच की जिम्मेदारी ओडिशा पुलिस की महिला एवं बाल अपराध शाखा, भुवनेश्वर को सौंपी गई। शाखा के उप पुलिस अधीक्षक इमन कल्याण नायक ने जाँच का नेतृत्व किया और अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

दोषियों की पहचान

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई — रंजन कुमार सिला (26 वर्ष), बिस्वरंजन नायक (29 वर्ष) और सुरेश कुमार बेहरा (40 वर्ष)। तीनों तिर्तोल थाना क्षेत्र के निवासी हैं।

अदालत का फैसला और पीड़िता को राहत

अदालत ने चार्जशीट और सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी करार दिया। इससे पहले अदालत ने ओडिशा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी निर्देश दिया था।

पुलिस की प्रतिबद्धता

ओडिशा पुलिस ने कहा कि यह सजा महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में वैज्ञानिक, पेशेवर और पीड़ित-केंद्रित जाँच के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि समयबद्ध जाँच और मजबूत साक्ष्य-संग्रह से त्वरित न्याय संभव है।

गौरतलब है कि फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की स्थापना यौन अपराध मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी, और यह फैसला उसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल हो सकता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि ₹2 लाख का मुआवजा पीड़िता के दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए पर्याप्त नहीं है। असली प्रश्न यह है कि क्या इस तरह के फैसले समाज में निवारक प्रभाव डाल पाते हैं, या केवल एकल मामलों तक सीमित रहते हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगतसिंहपुर गैंगरेप मामले में क्या सजा सुनाई गई?
फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने तीनों दोषियों को IPC धारा 376डी और 506 के तहत 20-20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया गया।
तिर्तोल गैंगरेप की घटना कब और कहाँ हुई थी?
यह घटना 3 फरवरी 2024 की शाम जगतसिंहपुर जिले के तिर्तोल थाना क्षेत्र स्थित निमकाना रेलवे स्टेशन के पास हुई थी। पीड़िता 29 वर्षीया महिला थीं।
इस मामले में कौन-कौन से दोषी हैं?
तीन दोषियों की पहचान रंजन कुमार सिला (26 वर्ष), बिस्वरंजन नायक (29 वर्ष) और सुरेश कुमार बेहरा (40 वर्ष) के रूप में हुई। तीनों तिर्तोल थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
पीड़िता को क्या मुआवजा मिला?
अदालत ने ओडिशा पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया था। यह राशि दोषसिद्धि से पहले ही स्वीकृत की गई थी।
इस मामले की जाँच किसने की?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच ओडिशा पुलिस की महिला एवं बाल अपराध शाखा, भुवनेश्वर को सौंपी गई। शाखा के उप पुलिस अधीक्षक इमन कल्याण नायक ने जाँच का नेतृत्व किया और अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
राष्ट्र प्रेस
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