टीएमसी में भगदड़ जारी, हुमायूं कबीर बोले — नेता एनडीए में शामिल होने की राह पर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने 13 जून को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) में इस समय भगदड़ की स्थिति बनी हुई है और पार्टी के अधिकांश नेता अपने लिए सुरक्षित राजनीतिक ठिकाना तलाश रहे हैं। उनके अनुसार, इनमें से कई नेता एक अलग संगठन बनाकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।
टीएमसी में क्यों मची है भगदड़
कबीर ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने टीएमसी के पक्ष में जो मतदान किया था, वह एक तरह से BJP और NDA के विरोध में था। उनके मुताबिक, अब यह विचारणीय प्रश्न है कि ऐसी कौन-सी परिस्थितियाँ बनीं जिनके चलते टीएमसी के लिए राज्य में यह संकट उत्पन्न हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो टीएमसी नेता NDA की ओर जा रहे हैं, वे व्यक्तिगत सुविधाओं और सरकारी लाभों के लालच में ऐसा कर रहे हैं। कबीर ने कहा, 'बहुत मुमकिन है कि उन्हें सरकार की ओर से विभिन्न प्रकार की सुख-सुविधाएँ मिलने का लालच दिया जा रहा है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में टीएमसी के और अधिक नेता NDA में जा सकते हैं।
अगले लोकसभा चुनाव पर नज़र
कबीर ने कहा कि 2024 में लोकसभा चुनाव हुए थे और उसके नतीजे सबके सामने हैं। अगले लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की राजनीतिक तस्वीर क्या होगी, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
अभिषेक बनर्जी पर साइबर शिकायत
इसी कार्यक्रम में व्यवसायी संजय कुमार सिंघल ने सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बनर्जी ने कई ऐसे बयान दिए जो एक सांसद के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं थे। सिंघल के अनुसार, उन्होंने पहले सिलीगुड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, जहाँ उन्हें साइबर सेल में जाने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने अभिषेक बनर्जी के वीडियो एकत्रित कर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।
2021 की हिंसा का संदर्भ और कानूनी कार्रवाई
सिंघल ने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का भी उल्लेख किया और कहा कि उस दौर में उन्हें भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) के तहत शिकायत दर्ज कराई है। सिंघल ने कहा कि उन्होंने संबंधित इंस्पेक्टर से अनुरोध किया है कि मामले की जाँच कर इसे न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाए और न्यायालय का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें स्वीकार होगा। उन्होंने कहा, 'मैं खुद अपने व्यावहारिक जीवन में जानना चाहता हूँ कि कानून वाकई में कितना किसी के लिए बराबर होता है।'
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हो रही हैं और TMC के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।