टीएमसी ने सीईओ को भेजा पत्र, ममता बनर्जी के खिलाफ अश्लील वीडियो बनाने के लिए मदन मोहन जेना पर कार्रवाई की मांग
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा है।
- मदन मोहन जेना पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- वीडियो का उद्देश्य ममता बनर्जी की छवि को धूमिल करना है।
- यह मामला महिलाओं की गरिमा से जुड़ा है।
- टीएमसी ने तत्काल कार्रवाई की माँग की है।
कोलकाता, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक गंभीर शिकायत पत्र प्रेषित किया है। इसमें भाजपा से सम्बद्ध मदन मोहन जेना पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य की महिलाओं के खिलाफ अश्लील, आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि मदन मोहन जेना लगातार ममता बनर्जी के खिलाफ यौन विषयों में स्पष्ट, निंदात्मक और अश्लील टिप्पणियां कर रहे हैं। ममता बनर्जी न केवल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, बल्कि वे 2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट से उम्मीदवार भी हैं। इन वीडियो को सुनियोजित ढंग से फैलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य उनकी गरिमा, प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को धूमिल करना है।
टीएमसी ने यह आरोप भी लगाया है कि ये वीडियो केवल व्यक्तिगत हमले नहीं हैं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक साजिश का हिस्सा हैं। जेना द्वारा प्रयुक्त भाषा बेहद अश्लील और द्वेषपूर्ण मानी जा रही है, जो एक संवैधानिक पद पर आसीन महिला की मर्यादा को ठेस पहुँचाती है। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि इससे पूरे देश की महिलाओं का अपमान हुआ है।
शिकायत पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि जेना ने पश्चिम बंगाल की महिलाओं को भी अपने निशाने पर लिया है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ यौन रूप से आपत्तिजनक और सामान्य टिप्पणियां की हैं, जो लिंग और क्षेत्रीय पहचान के आधार पर पूरे वर्ग का अपमान करती हैं। इससे राज्य में महिलाओं के प्रति दुश्मनी और अनादर का वातावरण बन रहा है।
इसके अतिरिक्त, इन वीडियो में धार्मिक समुदायों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ भी भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणियाँ शामिल हैं। टीएमसी का कहना है कि चुनाव के पहले के तनावपूर्ण माहौल में ऐसी सामग्री से कानून-व्यवस्था की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं और सांप्रदायिक दंगों की आशंका है।
शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की कई धाराओं (79, 171, 174, 175, 192, 196, 197, 292, 299, 302, 351, 353, 356) के साथ आईटी एक्ट 2000 की धारा 67/67ए का उल्लंघन बताया गया है। इसके साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपीए) 1951 की धारा 123 (2), 123 (3), 123 (3ए), 123 (4) और आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का भी उल्लंघन होने का आरोप है।
टीएमसी ने इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तत्काल कार्रवाई की माँग की है।