त्रिपुरा स्टेट राइफल्स की तैनाती पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी सुरक्षा के लिए

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त्रिपुरा स्टेट राइफल्स की तैनाती पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी सुरक्षा के लिए

सारांश

त्रिपुरा स्टेट राइफल्स आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल और असम में तैनात की जाएंगी। जानिए इस तैनाती के पीछे के कारण और चुनाव की महत्वपूर्ण तारीखें।

Key Takeaways

  • टीएसआर की तैनाती पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी सुरक्षा के लिए हुई है।
  • टीएसआर की 10 कंपनियाँ चुनाव से पूर्व और मतदान के दौरान सुरक्षा का प्रबंधन करेंगी।
  • पश्चिम बंगाल में मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा।
  • असम में मतदान 9 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा।
  • टीएसआर को विभिन्न राज्यों में आवश्यकता पड़ने पर तैनात किया जा सकता है।

अगरतला, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए, त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) की इकाइयाँ पश्चिम बंगाल और असम में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगी। इस संबंध में अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी।

त्रिपुरा पुलिस के एक उच्च अधिकारी के अनुसार, गृह मंत्रालय के निर्देश पर टीएसआर की 10 कंपनियों, जिनमें कुल 778 जवान शामिल हैं, चुनाव पूर्व और मतदान के दौरान सुरक्षा का प्रबंधन करेंगे।

जानकारी के अनुसार, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल (152 सीटें) और 29 अप्रैल (142 सीटें) को होने जा रहा है। वहीं, 126 सदस्यीय असम विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

अधिकारी ने बताया कि टीएसआर की दो एड-हॉक बटालियन, जिनमें प्रत्येक में पांच कंपनियाँ हैं, असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी कार्य के लिए तैनात की जाएंगी। टीएसआर (इंडिया रिजर्व बटालियन) को केंद्रीय बलों के हिस्से के रूप में भेजा जाएगा। इन बटालियनों का नेतृत्व कमांडेंट अमरजीत देबबर्मा और आलोक भट्टाचार्जी करेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि गृह मंत्रालय ने शुरू में त्रिपुरा सरकार से 25 टीएसआर कंपनियों की मांग की थी, लेकिन राज्य में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों की स्थिति को देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में बल भेजना संभव नहीं हो सका।

इसके अलावा, त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त ज़िला परिषद के 30 सदस्यीय चुनाव 12 अप्रैल को होंगे, जबकि उत्तर त्रिपुरा जिले की धर्मनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव 9 अप्रैल को प्रस्तावित है।

टीएसआर की कुल 14 बटालियन हैं, जिनमें से 11 को इंडिया रिजर्व बटालियन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये बटालियन किसी भी राज्य में जरूरत पड़ने पर तैनात की जा सकती हैं।

यह ध्यान देने योग्य है कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान टीएसआर के जवान महाराष्ट्र, बिहार, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में भी चुनावी ड्यूटी कर चुके हैं।

टीएसआर ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सुरक्षा व्यवस्था संभाली थी और लगभग सभी राज्यों में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान अपनी सेवाएँ प्रदान की हैं।

काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशनों में प्रशिक्षित टीएसआर ने त्रिपुरा में लंबे समय तक चली उग्रवाद की समस्या को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वर्तमान में, टीएसआर की दो बटालियन 2019 से दिल्ली पुलिस के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तैनात हैं, जबकि एक बटालियन छत्तीसगढ़ में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के साथ 2022 से सुरक्षा सेवाएँ दे रही है। इसके अलावा, एक बटालियन त्रिपुरा में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) के ड्रिलिंग साइट्स की सुरक्षा में लगी हुई है।

Point of View

जो कि चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह तैनाती विभिन्न राज्यों में चुनावी माहौल को सुरक्षित रखने का एक प्रयास है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

टीएसआर की तैनाती कब होगी?
टीएसआर की तैनाती आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर की जाएगी, जो कि पश्चिम बंगाल और असम में हो रहे हैं।
पश्चिम बंगाल और असम में मतदान की तारीखें क्या हैं?
पश्चिम बंगाल के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि असम में 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा।
टीएसआर की कंपनियों की संख्या कितनी है?
टीएसआर की 10 कंपनियाँ, जिसमें कुल 778 जवान शामिल हैं, चुनाव सुरक्षा संभालेंगी।
टीएसआर की बटालियनों का नेतृत्व कौन करेगा?
टीएसआर की बटालियनों का नेतृत्व कमांडेंट अमरजीत देबबर्मा और आलोक भट्टाचार्जी करेंगे।
टीएसआर ने पहले कहाँ सुरक्षा दी है?
टीएसआर ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स और विभिन्न राज्यों में विधानसभा व लोकसभा चुनावों के दौरान सुरक्षा प्रदान की है।
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