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तुषार मेहता फिर बने सॉलिसिटर जनरल, 1 जुलाई 2026 से तीन साल का नया कार्यकाल

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तुषार मेहता फिर बने सॉलिसिटर जनरल, 1 जुलाई 2026 से तीन साल का नया कार्यकाल

सारांश

केंद्र सरकार ने तुषार मेहता को 1 जुलाई 2026 से तीन वर्षों के लिए फिर से सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया है। नया कार्यकाल पूरा होने पर वे इस पद पर 11 साल की सेवा करने वाले देश के सबसे दीर्घकालिक विधि अधिकारियों में शामिल हो जाएंगे।

मुख्य बातें

तुषार मेहता को 1 जुलाई 2026 से तीन वर्षों के लिए भारत के सॉलिसिटर जनरल पद पर पुनः नियुक्त किया गया।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने डीओपीटी के माध्यम से आधिकारिक आदेश जारी किया।
मेहता अक्टूबर 2018 से इस पद पर हैं; नया कार्यकाल पूरा होने पर 11 वर्ष की सेवा पूरी होगी।
सर्वोच्च न्यायालय के लिए पाँच एएसजी — विक्रमजीत बनर्जी, के.एम.
वेंकटरामन और ऐश्वर्या भाटी — को भी तीन वर्षों के लिए पुनर्नियुक्त किया गया।
विक्रमजीत बनर्जी और के.एम.
नटराज की नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से, जबकि शेष तीन की 30 जून 2026 से प्रभावी है।

केंद्र सरकार ने तुषार मेहता को भारत के सॉलिसिटर जनरल पद पर तीन वर्षों के लिए पुनः नियुक्त कर दिया है। यह नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी, या अगले आदेश तक — जो भी पहले हो। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में इसकी पुष्टि की गई है।

नियुक्ति का आधिकारिक आदेश

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने देश के दूसरे सर्वोच्च विधि अधिकारी के रूप में मेहता के पद पर बने रहने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दी। डीओपीटी के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा और तीन वर्षों तक अथवा अगले आदेश तक जारी रहेगा।

मेहता का कार्यकाल: एक नज़र

मेहता को पहले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में सेवाएँ देने के बाद अक्टूबर 2018 में सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। इसके बाद 1 जुलाई 2020 से तीन वर्षों के लिए उनका पहला पुनर्नियुक्ति कार्यकाल शुरू हुआ, और 2023 में उन्हें एक बार फिर इस पद पर बरकरार रखा गया। नवीनतम विस्तार के साथ मेहता इस पद पर लगभग आठ वर्ष पूरे कर चुके हैं और नए कार्यकाल के अंत तक 11 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले हैं — जिससे वे देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवारत विधि अधिकारियों में शुमार हो जाएंगे।

महत्वपूर्ण मामलों में भूमिका

सॉलिसिटर जनरल के रूप में मेहता ने सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों में अनेक संवैधानिक, नीतिगत और आपराधिक मामलों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी उपस्थिति कई ऐतिहासिक फैसलों की सुनवाई के दौरान दर्ज रही है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों की भी पुनर्नियुक्ति

एसीसी ने सर्वोच्च न्यायालय के लिए पाँच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों (एएसजी) को भी तीन वर्षों के अतिरिक्त कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया है। विक्रमजीत बनर्जी और के.एम. नटराज की पुनर्नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है, जबकि एस.वी. राजू, एन. वेंकटरामन और ऐश्वर्या भाटी की पुनर्नियुक्ति 30 जून 2026 से लागू हो गई है। इस व्यापक फेरबदल से सर्वोच्च न्यायालय में सरकार की कानूनी टीम अगले तीन वर्षों के लिए स्थिर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह प्रश्न उठाती है कि क्या इस पद पर दीर्घकालिक एकाधिकार संस्थागत विविधता और नए विधिक दृष्टिकोणों को सीमित करता है। पाँच एएसजी की एकसाथ पुनर्नियुक्ति से स्पष्ट है कि सरकार अपनी पूरी कानूनी टीम को स्थिर रखना चाहती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुषार मेहता को सॉलिसिटर जनरल के रूप में फिर से क्यों नियुक्त किया गया?
कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च विधि अधिकारी के रूप में तीन वर्षों के लिए पुनः नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी है।
तुषार मेहता कब से सॉलिसिटर जनरल हैं?
मेहता को पहले अक्टूबर 2018 में सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्यरत थे। नए कार्यकाल के अंत तक वे इस पद पर लगभग 11 वर्ष पूरे कर लेंगे।
सॉलिसिटर जनरल का क्या काम होता है?
सॉलिसिटर जनरल भारत का दूसरा सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जो सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। तुषार मेहता ने इस भूमिका में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और आपराधिक मामलों में सरकार का पक्ष रखा है।
किन अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों को भी पुनर्नियुक्त किया गया है?
एसीसी ने पाँच एएसजी — विक्रमजीत बनर्जी, के.एम. नटराज, एस.वी. राजू, एन. वेंकटरामन और ऐश्वर्या भाटी — को तीन वर्षों के लिए पुनर्नियुक्त किया है। विक्रमजीत बनर्जी और के.एम. नटराज की नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से, जबकि शेष तीन की 30 जून 2026 से प्रभावी है।
क्या तुषार मेहता सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले सॉलिसिटर जनरल बनेंगे?
नए कार्यकाल के अंत तक मेहता इस पद पर लगभग 11 वर्ष पूरे कर लेंगे, जिससे वे देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवारत विधि अधिकारियों में से एक बन जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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