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टीवीके विधायक सरवनन ने बैनर एफआईआर रद्द करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की

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टीवीके विधायक सरवनन ने बैनर एफआईआर रद्द करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की

सारांश

TVK विधायक ईसीआर पी. सरवनन ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है — चेन्नई में बिना अनुमति बैनर लगाने पर दर्ज एफआईआर रद्द कराने के लिए। अदालत ने मुख्य याचिका को नंबर देने का निर्देश दिया; एफआईआर रद्द होगी या नहीं, यह फैसला अभी बाकी है।

मुख्य बातें

TVK के शोलिंगनल्लूर विधायक ईसीआर पी.
सरवनन ने मद्रास उच्च न्यायालय में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की।
एफआईआर 30 नवंबर 2025 को नीलांकरई पुलिस ने केके रोड, चेन्नई पर अनधिकृत होर्डिंग मामले में दर्ज की थी।
मामला तमिलनाडु ओपन प्लेसेज़ एक्ट, 1959 की धारा 3 के तहत दर्ज; सज़ा — 1 वर्ष जेल या ₹5,000 जुर्माना या दोनों।
लक्ष्मीनारायणन ने 12 अक्टूबर 2026 को प्रक्रियात्मक अर्ज़ी मंजूर कर रजिस्ट्री को मुख्य याचिका पर नंबर देने का निर्देश दिया।
अदालत ने अभी एफआईआर रद्द करने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है; मुख्य याचिका पर सुनवाई बाद में होगी।

तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के शोलिंगनल्लूर विधायक ईसीआर पी. सरवनन ने मद्रास उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज उस एफआईआर को रद्द कराने की माँग की है, जो चेन्नई में बिना अनुमति बैनर लगाने के आरोप में 30 नवंबर 2025 को दर्ज की गई थी। 12 अक्टूबर 2026 को सोमवार के दिन सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए रजिस्ट्री को मुख्य याचिका पर आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए।

मामले का पूरा घटनाक्रम

30 नवंबर 2025 को नीलांकरई पुलिस के सब-इंस्पेक्टर जी. प्रभाकरन रूटीन गश्त पर थे, जब उन्हें केके रोड पर एक निजी विवाह भवन के पास सार्वजनिक स्थान पर अनधिकृत होर्डिंग नज़र आए। जाँच में पता चला कि ये बैनर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की अनुमति के बिना लगाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की और इसमें विधायक सरवनन तथा TVK के एक अन्य पदाधिकारी रवि का नाम शामिल किया।

किस कानून के तहत हुई कार्रवाई

पुलिस ने तमिलनाडु ओपन प्लेसेज़ एक्ट, 1959 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया। इस प्रावधान के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक की जेल, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों सज़ाएँ एक साथ हो सकती हैं। गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत बैनर और होर्डिंग को लेकर तमिलनाडु में अदालतें और नगर निकाय पहले भी सख्त रवैया अपना चुके हैं।

हाईकोर्ट में सोमवार को क्या हुआ

न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने सोमवार को सरवनन की उस प्रक्रियात्मक अर्ज़ी को मंजूरी दी, जिसमें एफआईआर की मूल प्रति पेश करने से छूट माँगी गई थी। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि एफआईआर रद्द करने की मुख्य याचिका को आधिकारिक नंबर दिया जाए, ताकि उस पर विधिवत सुनवाई हो सके। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि अदालत ने अभी तक यह नहीं तय किया है कि एफआईआर रद्द की जाए या नहीं — सोमवार का आदेश केवल प्रक्रियात्मक चरण से संबंधित है।

राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

यह मामला ऐसे समय में आया है जब TVK — अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी — तमिलनाडु की राजनीति में अपनी पकड़ मज़बूत करने में जुटी है। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक पार्टियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत बैनर लगाने की प्रवृत्ति पुरानी और व्यापक है, तथा इसमें कई दलों के नेता शामिल रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में सरवनन का मामला राज्य में चुनावी प्रचार और नगर निकाय नियमों के बीच के तनाव को एक बार फिर उजागर करता है।

आगे क्या होगा

मुख्य याचिका को नंबर मिलने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय उचित समय पर उसके गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करेगा। अदालत का अंतिम फैसला तय करेगा कि एफआईआर बरकरार रहेगी या खारिज होगी। तब तक सरवनन के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सभी दलों में समान रूप से देखी जाती है। विधायक स्तर के नेता का इस तरह हाईकोर्ट तक पहुँचना यह दिखाता है कि प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन और उसके बाद कानूनी बचाव — दोनों ही राजनीतिक दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं। TVK जैसी नई और छवि-सचेत पार्टी के लिए यह एफआईआर, भले ही छोटे स्तर की हो, एक प्रतिष्ठा-संबंधी चुनौती भी प्रस्तुत करती है। असली परीक्षा यह है कि क्या अदालती प्रक्रिया इस बार नियमों को वास्तविक निवारक के रूप में स्थापित कर पाएगी, या यह भी पहले की तरह एक लंबी न्यायिक प्रक्रिया में विलीन हो जाएगी।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टीवीके विधायक सरवनन पर क्या आरोप हैं?
सरवनन पर आरोप है कि उन्होंने चेन्नई के केके रोड पर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थान पर होर्डिंग लगवाए। नीलांकरई पुलिस ने 30 नवंबर 2025 को तमिलनाडु ओपन प्लेसेज़ एक्ट, 1959 की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज की थी।
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को क्या आदेश दिया?
न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने सरवनन की प्रक्रियात्मक अर्ज़ी मंजूर कर रजिस्ट्री को एफआईआर रद्द करने की मुख्य याचिका पर नंबर देने का निर्देश दिया। अदालत ने अभी यह तय नहीं किया है कि एफआईआर रद्द की जाए या नहीं।
तमिलनाडु ओपन प्लेसेज़ एक्ट, 1959 की धारा 3 में क्या प्रावधान है?
इस धारा के तहत सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति होर्डिंग या बैनर लगाने पर एक वर्ष तक की जेल, ₹5,000 तक का जुर्माना, या दोनों सज़ाएँ एक साथ हो सकती हैं। यही प्रावधान सरवनन के खिलाफ दर्ज एफआईआर का आधार है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
मुख्य याचिका को हाईकोर्ट रजिस्ट्री द्वारा नंबर मिलने के बाद उचित तिथि पर गुण-दोष के आधार पर सुनवाई होगी। अदालत का अंतिम आदेश तय करेगा कि एफआईआर बरकरार रहेगी या रद्द होगी।
TVK पार्टी क्या है और सरवनन कौन हैं?
तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी है, जो तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय है। ईसीआर पी. सरवनन चेन्नई के शोलिंगनल्लूर विधानसभा क्षेत्र से TVK के विधायक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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